साहित्य छोटा या बड़ा नहीं होता-डाॅ विद्याबिन्दु सिंह


लखनऊ के हजरत गंज क्षेत्र में स्थित दारुलशफा के बी ब्लॉक में प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन एवं मां दुर्गा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में पद्म श्री डाॅ विद्या बिन्दु सम्मान का आयोजन किया गया। इस समारोह में डाॅ विद्या बिन्दु सिंह उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान संयुक्त निदेशक, का साहित्यकारों व पत्रकारों द्वारा सम्मान समारोह किया गया। इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता डाॅ अजय प्रसून वरिष्ठतम साहित्यकार, मुख्य अतिथि डॉ अमिता दुबे वरिष्ठ साहित्यकार उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान विशिष्ट अतिथि सुश्री मीनू खरे आकाशवाणी लखनऊ कार्यक्रम प्रमुख, अति विशिष्ट अतिथि श्री संजीव जायसवाल प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार, सुश्री किरण सिंह वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिकारी दारुलशफा जी रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कवयित्री अलका अस्थाना ‘अमृतमयी’ द्वारा किया गया। डॉ विद्या बिन्दु सिंह जी ने देश ही नहीं विदेशों तक साहित्य को पहुंचाने का अद्भुत कार्य किया है और उत्तर प्रदेश के नाम को आगे बढ़ाने का कार्य किया उनकी साहित्य यात्रा का परिचय अलका अस्थाना जी ने प्रस्तुत किया। आमिर मुख्तार जी ने भी बड़ी खूबसूरती से उनके बारे में चर्चा की।


सर्वप्रथम मा शारदे मां की वन्दना द्वीप प्रज्जवल ने साथ प्रारम्भ हुई और वन्दना वर्षा श्रीवास्तव कवयित्री ने की । उसके बाद डाॅ विद्या बिन्दु पद्म श्री का सम्मान प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीज सिद्दीकी ने किया व मां दुर्गा साहित्यिक संस्था की महामंत्री अलका अस्थाना ‘अमृतमयी’ ने पुष्प गुच्छ अंगवस्त्र तुलसी का पौधा व स्मृति चिन्ह देकर किया।


सुश्री मीनू खरे ने आकाशवाणी की बात करते हुए पुरानी परम्पराओं का जिक्र किया, जहां अवधी गीतों से परिचय कराती राम कथा का पूरा व्याख्यान डाॅ बिन्दु जी का आकाशवाणी द्वारा कई बार प्रसारण किया गया है। जो अपने में एक सम्मान की बात है । डाॅ अमिता दुबे ने महिलाओं के बारे में अपनी बात को रखा कि कोई भी महिला घर से बाहर निकलती है, काम करती है और फिर वो साहित्य रचती है। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए संजीव जायसवाल बाल साहित्यकार ने अपनी बात को रखते हुए साहित्य को आगे बढ़ाने की बात कही। डाॅ बिन्दु जी ने सभी को श्रद्धा सुमन आशीर्वाद स्वरूप दिये ,कहा कि साहित्य छोटा या बड़ा नहीं होता। वो तो हृदय के उद्गार होते हैं। समारोह में कवयित्री सरोज आर्यावर्ती, सुभाष गुरूदेव ,श्रुति भट्टाचार्य फिल्म अभिनेत्री, केवल प्रसाद सत्यम, सत्यम संस्थान के महामंत्री दोहाकार मनमोहन बारकोटी लक्ष्य साहित्यिक संस्था के उपाध्यक्ष हास्य कवि, कृष्णानंद राय पर्यावरण संरक्षक व भोजपुरी कवि, अर्चना प्रकाश वरिष्ठ साहित्यकार, अनिल किशोर शुक्ल निडर, ममता पंकज, सीमा गुप्ता अनीता सिन्हा बाल साहित्यकार, शरद पांडे शशांक अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त मंत्री व राष्ट्र कवि, महेश चन्द्र गुप्ता फिल्म गीतकार, आशुतोष तिवारी ‘आशु’ हास्य कवि डाॅ अनीता श्रीवास्तव वरिष्ठ साहित्यकार आदि सम्मानित गणमान्य साहित्यकार ने उपस्थित होकर अपना काव्य पाठ किया।साथ ही प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पत्रकारों में लईक अहमद, एन आलम, परवेज अख्तर, मोनी मिश्रा समाज सेवी, वरिष्ठ समाजसेवी शाहिस्ता अख्तर, जावेद बेग, नौशाद बिलग्रामी, अनस खान,फैजान सिद्दीकी, मौजूद रहे। अन्त में धन्यवाद ज्ञापन मां दुर्गा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के संरक्षक केवल प्रसाद सत्यम जी ने किया ।