उद्योगपतियों को आसान शर्तों पर लोन-वित्तमंत्री

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उद्योगपतियों को आसान शर्तों पर लोन-वित्तमंत्री

बैंक उद्योगपतियों को आसान शर्त और कम समय में दें लोन। यूपीजीआईएस-23 के ट्रांसफाॅर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी/ए बैंकर्स राउंडटेबल सेशन में विभिन्न बैंक के प्रतिनिधियों ने पैनल डिस्कशन में भाग लिया। वित्त मंत्री बोले, आज प्रदेश की सुदृढ़ कानून व्यवस्था सबसे बड़ी उपलब्धि।

लखनऊ। किसी भी देश या प्रदेश के विकास को नई बुलंदियां देने में बैंक और उद्योग का ही सबसे बड़ा रोल होता है। बिना बैंकों के सहयोग के इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बैंकों से प्रदेश में निवेश के लिए आने वाले उद्योगपतियों को कम कागजात और आसान शर्त पर लोन देने की अपील की। साथ ही कहा कि इस प्रक्रिया को अपनाने में ज्यादा से ज्यादा डिजिटलाइजेशन का प्रयोग हो यह भी जरूरी है।

केंद्र सरकार से लेकर योगी सरकार का फोकस एमएसएमई यूनिट पर है। बैंकों को भी इस ओर फोकस करना होगा तभी प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को हम बुलेट ट्रेन की रफ्तार दे सकेंगे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना यूपीजीआईएस-23 के व्यास हाल में आयोजित ट्रांसफाॅर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी/ए बैंकर्स राउंडटेबल सेशन में बोल रहे थे। इससे पहले सेशन में विभिन्न बैंक के प्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स ने पैनल डिस्कशन में भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपनी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया

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उद्योगपतियों को आसान शर्तों पर लोन-वित्तमंत्री

जिस प्रदेश में कानून व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या थी आज वही सबसे बड़ी उपलब्धि


वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह ही योगी सरकार ने प्रदेश में एमएसएमई यूनिट को बढ़ाने के लिए पॉलिसियों में कई तरह की रियायतें दी हैं। यही वजह है कि प्रदेश में देश ही नहीं विदेश के निवेशक भी यूपी में अपना उद्योग लगाने के लिए यूपीजीआईएस-23 के इस महाकुंभ का हिस्सा बनने के लिए यहां आए। इसके लिए मैं उन सबका आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंंने सेशन में मौजूद विभिन्न बैंक के प्रतिनिधियों से कहा कि वह अपनी ब्रांच में खुलेमन से लोन देने के टारगेट काे पूरा करे क्योंकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है। योगी सरकार की नीतियों का ही असर है कि प्रदेश में एक्सपोर्ट बढ़ा है, जो वर्तमान में एक लाख 56 हजार करोड़ को पार करने वाला है।

उन्होंने कहा कि बैंकर्स एमएसएमई यूनिट को लोन देने में कोई कसर न छोड़ें क्योंकि यही यूनिट उनकी ग्रोथ का इंजन भी बनेंगी। इन यूनिट को बैंक आसान शर्त पर देने के साथ उनके साथ अच्छा व्यवहार करें। साथ ही कस्टमर द्वारा किया गया कमिटमेंट्स को भी पूरा करें इससे उनकी छवि को पहले से अच्छी होगी ही साथ में उनका बिजनेस टारगेट भी समय से पूरा होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कभी कानून व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या थी, जिसकी वजह से उद्योगपति यहां से पलायन कर रहे थे। पिछले छह वर्षों में योगी सरकार ने नेतृत्व में कानून व्यवस्था में काफी बदलाव हुआ है। ऐसे में जिस प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या थी आज उसी प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था सबसे बड़ी उपलब्धि है।

डिजिटलाइजेशन की दिशा में एसबीआई दिन प्रति दिन आगे बढ़ा रहा कदम


पैनल डिस्कशन में पीएनबी के चेयरमैन ने कहा कि उनका सबसे ज्यादा फोकस किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) पर है। इसके लिए बैंक की ओर से कई तरह की स्कीम जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4.6 प्रतिशत की दर से एग्रीकल्चर में ग्रोथ हो रही है इसे बढ़ाने के लिए हमारी बैंक फसल बीमा समेत कृषि से जुड़े तमाम इंफ्रा पर किसानों की मदद कर रही है। एसबीआई के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीन राघवेंद्र ने बताया कि उनकी बैंक ने डिजिटल इकोनॉमी के क्षेत्र में काम किया है और लगातार इसे बेहतर करने पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसबीआई का करीब 97 प्रतिशत ट्रांसजेक्शन अलग-अलग पैनल पर होता है इसे एक करने के लिए बैंक ने यूनो एप लांच किया, जिसमें 5 करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों को बोर्ड किया गया है। वहीं एमएसएमई यूनिट के लिए एक एप डवलप किया गया है, जिसके माध्यम से 20 लाख तक के लोन के लिए बिना किसी कागजात के लोन दिया जा रहा है। पैनल डिस्क्शन में बैंक ऑफ बड़ौदा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देबदत्त चंद्र, एचडीएफसी के कंट्री हेड अरविंद वोहरा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया विवेक वाही ने अपने बैंक की स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया और चर्चा की।

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