जनादेश भाजपा के खिलाफ-संजय सिंह

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जनादेश भाजपा के खिलाफ-संजय सिंह
जनादेश भाजपा के खिलाफ-संजय सिंह

जनता का जनादेश भाजपा के खिलाफ, नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें नरेंद्र मोदी। देश की जनता ने संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए वोट करते हुए ‘भाजपा वापस जाओ’ का नारा दिया है। चुनाव का ये परिणाम संदेश दे रहा है कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और तानाशाही से दुखी है और भाजपा सरकार से मुक्ति चाहती है। जनता समझ गई कि संविधान व आरक्षण को खत्म करने और अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी जी को 400 सीटें चाहिए। भाजपा ने धन-बल, ईडी-सीबीआई, चुनावी तंत्र के इस्तेमाल और विपक्षी नेताओं को जेल में डालकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की। जनादेश भाजपा के खिलाफ-संजय सिंह

आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के जनादेश को भाजपा की नफरत और तानाशाही की राजनीति के खिलाफ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश की जनता का जनादेश भाजपा के खिलाफ है। भाजपा को बहुमत नहीं मिल रहा है। लिहाजा नरेंद्र मोदी को नैतिकता के आधार पर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। चुनाव परिणाम से संदेश साफ है कि जनता ने महंगाई, बेरोजगारी और तानाशाही से दुखी होकर ‘भाजपा वापस जाओ’ का नारा दिया है। लोग समझ गए थे कि संविधान व आरक्षण को खत्म करने और अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी जी को 400 सीटें चाहिए।

जनता ने बाबा साहब के संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए वोट किया

लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह संजय ने देश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि जनता ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र महापर्व में हिस्सा लिया। ये चुनाव कई प्रकार के संदेश दे रहे हैं। इस चुनाव में जनता द्वारा सबसे बड़ा संदेश दिया गया है कि 10 साल के बीजेपी शासन से लोग दुखी और परेशान हैं। जनता इस सरकार को हटाना चाहती है। लोग महंगाई, बेरोजगारी और तानाशाही से दुखी हैं। जिस तरह से इस चुनाव में धन-बल, ईडी सीबीआई, इनकम टैक्स, पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया, सारे विपक्ष को पकड़कर जेल मे डाला गया। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल, पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल में डाला गया। पूरे चुनाव को प्रभावित करने की एक गहरी साजिश रची गई। इसके बावजूद भारत के लोकतंत्र की ये खूबसूरती है कि देश की महान जनता ने ‘बीजेपी वापस जाओ’ का नारा है। जनता ने बाबा साहब के संविधान, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और आदिवासियों को मिले आरक्षण को बचाने के लिए वोट किया।

ये चुनाव परिणाम भारत में नफरत और तानाशाही की राजनीति के खिलाफ है

संजय सिंह ने कहा कि इन चुनावी नतीजों में बीजेपी को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। पिछली बार की तुलना में बीजेपी की लगभग 60 सीटें कम हो रही हैं। अब अगर प्रधानमंत्री मोदी में जरा सी भी नैतिकता है तो उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि उन्होंने तो 400 पार का नारा दिया था। लेकिन देश की जनता समझ गई की इन्हें 400 पार देश के संविधान को बदलने, आरक्षण खत्म करने और अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए चाहिए। इसलिए देश की जनता ने ये परिणाम दिया है। बीजेपी के लिए ये बहुत बड़ा सबक है, लेकिन शायद वो ये सबक नहीं लेंगे। क्योंकि उन्हें तो झगड़ा करना है। ये चुनाव का परिणाम भारत में नफरत और तानाशाही की राजनीति के खिलाफ है। ये इस बात का भी संकेत है कि नफरत की बुनियाद पर हिन्दुस्तान नहीं बनेगा, मोहब्बत की बुनियाद पर बनेगा। इसलिए मैं इस देश की की महान जनता को बधाई देना चाहता हूं कि लोकतंत्र के इस महापर्व में आपने हिस्सा लिया। जनता ने एग्जिट पोल के नतीजों को पूरी तरह से ध्वस्त किया और ये बताया कि हम लोकतंत्र में अपने मुद्दों के आधार पर वोट देंगे, पार्टियों का चयन करेंगे। किसी को भी इस अहंकार में नहीं रहना चाहिए कि वो हमेशा के लिए इस देश में अपनी तानाशाही की हुकूमत चलाएंगे।

बजरंग बलि ने अपने आप को अवतारी कह रहे प्रधानमंत्री को बड़ा सबक दिया है

जब से प्रधानमंत्री जी ने कहा कि उनका जन्म बायोलॉजिकल नहीं है, उन्होंने अवतार लिया है। वो अपने आप को भगवान से भी ऊपर मानने लगे। क्योंकि उनकी पार्टी गाना गा रही थी कि जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे। इनको इतना अहंकार हो गया कि ये भगवान श्री राम को लाने का दावा करने लगे, भगवान जगन्नाथ को मोदी जी का भक्त बताने लगे। आज मंगलवार बजरंग बली का दिन है और उनको एक संदेश प्रभु श्री राम, हनुमान जी और इस देश की जनता ने दिया है। वो उससे कितना सबक लेते हैं ये तो मालूम नहीं, लेकिन ये भारत के लोकतंत्र की महान जनता है जो ये बताने के लिए खुद मैदान में आई की आप इस देश में तानाशाही की सरकार नहीं चला सकते। जनादेश भाजपा के खिलाफ-संजय सिंह