विधायक महंगाई-बेरोजगारी से पैदल पहुंचे विधानसभा

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता ने मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा तक किया पैदल मार्च। महंगाई, बेरोजगारी से निजात के लिए विधानमंडल दल नेता ने किया पैदल मार्च

लखनऊ। भारत जोडो यात्रा के आज 12 वें दिन राहुल गांधी जी पुन्नप्रा, अलापुझा से चलकर सेण्ट मिसाइल कॉलेज चरथला अलापुझा तक पूरी की उसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ जी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन तमाम मुद्दों को लेकर पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंची।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने बताया कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3570 किलोमीटर तक अब तक की हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी ऐतिहासिक यात्रा श्री राहुल गांधी जी के द्वारा आज 12 वें दिन की गयी। हमारी यात्रा का मुख्य मुद्दा देश के नौजवान बेरोजगारी से नाता तोडे़, रोजगार पाये, उद्योगमंद व्यापार बंद के द्वंद से व्यापारी बाहर आये, अमीरी गरीबी की खाई समाप्त हो, ग्लोबल हंगर इण्डेस में हम नेपाल और बंगलादेश से भी पिछड़ गये हैं इससे उबरें, संसाधनों की लूट समाप्त हो, महंगाई युक्त सत्ता से मुंह मोडे़, किसान नौजवान को आत्महत्या के दंश से बाहर आये, चीन भारत की सीमा छोड़े, साप्रादायिक विद्वेष समाप्त हो। इसी उद्देश्य के साथ कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘‘ मोना ’’ ने विधानसभा तक पैदल मार्च कर उत्तर प्रदेश सरकार को एक संदेश देने का काम किया।

विधानसभा तक की इस यात्रा का आश्य सरकार को बताना है कि बेरोजगारी और महंगाई भाजपा के दो भाई हैं। इस महंगाई बेरोजगारी के लिए भाजपा आर्थिक नीतियां जिम्मेदार हैं। एलपीजी सिलेण्डर 156 प्रतिशत, पेट्रोल 40 प्रतिशत, डीजल 75 प्रतिशत, सरसों का तेल 122 प्रतिशत, गेहूं का आटा 81 प्रतिशत, दूध 71 प्रतिशत, की बढ़ोत्तरी इस सरकार की पोल खोलती है।कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता की यह यात्रा सरकार को सबक सिखाने का एक प्रयास रहा। मार्च में शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री सतीश र्श्मा, जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी, विवेकानंद पाठक, अंकित तिवारी, शुभम सिंह, नसीम खान, आदि प्रमुख रहे।

सीएम ने कहा-सपा से नियम मानने की उम्मीद नहीं– सदन से बाहर आने के बाद अखिलेश के प्रदर्शन पर CM योगी ने कहा,”किसी भी दल को या किसी भी व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कोई बुराई नहीं है। अगर अखिलेश ने नियम अनुसार पुलिस से परमिशन मांगी होगी तो उन्हें जरूर मिलेगी। सपा से उम्मीद करना कि वो किसी नियम या शिष्टाचार को मानेंगे। ये एक कपोल कल्पना ही है।

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने महंगाई और बेरोज़गारी सहित अन्य मुद्दों को हंगामेदार तरीक़े से उठाने की तैयारी की है। जिसके चलते सपा विधायकों ने पैदल मार्च शुरू कर दिया है। उनके साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान पैदल मार्च में विधायकों के हाथों में तख्तियां हैं। जिन पर बेरोजगारी, महंगाई, महिला शोषण,कानून व्यवस्था की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गड़बड़ी का उल्लेख करने वाले नारे लिखे हुए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रही।

विधायकों के हाथ में बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं के शोषण, कानून व्यवस्था की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र की दुर्व्यवस्था, बिजली संकट, नौजवानों के साथ हो रहे अन्याय, किसानों की समस्याओं और समाजवादी पार्टी नेताओं पर लगाए जा रहे फर्जी मुकदमों के विरोध में लिखी तख्तियां  थीं। वे गौतमपल्ली थाने के पास पहुंचे तो पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने जुलूस के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से वीवीआईपी गेस्ट हाउस होते हुए विधानसभा जाने की बात कही, जबकि सपाइयों का कहना था कि उन्होंने राजभवन के सामने से होते हुए विधान सभा के गेट नंबर एक से प्रवेश करने की अनुमति ली है। इस बात को लेकर सपा और पुलिस कर्मियों में तीखी झड़प हुई।