सर्वसमावेशी,विकासोन्मुख एवं सुशासन के साक्षात प्रमाण हैं मोदी

बृजेश पाठक

श्रीमद् भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है…..यद्यवचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरी जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥ अर्थात, श्रेष्ठ पुरुष जैस आचरण करता है, संपर्क में आने वाले लोग भी वैस ही आचरण करते हैं। वह जो कुछ प्रमाण कर देता है, समस्त मनुष्य-समुदाय उसी के अनुसार व्यवहार करने लग जाता है।

भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसके साक्षात प्रमाण हैं। 17 सितंबर को उनका जन्मदिन है। देश से प्यार करने वाला हर एक व्यक्ति प्रधानमंत्री का जन्मोत्सव पूरे धूमधाम से मनाएगा।विद्यार्थी जीवन में छात्र राजनीति में सक्रियता के चलते साथियों के साथ मेरी अक्सर चर्चा होती थी कि देश के विकास और गरीबों के हितों के लिए कागज पर योजनाएं तो बहुत बनती हैं पर क्या धरातल पर तेजी से उन योजनाओं का पारदर्श तरीके से तेजी से क्रियान्वयन हो सकेगा…? क्या बैंक गरीब आदमी की पहुँच में आ पाएगा..? क्या किसी गरीब, किसान और नौजवान को उसका हक बिना किसी बिचौलिये के मिल सकेगा..? देश के अन्नदाताओं चूल्हे पर खाना बनाती हुई माताओं और बहनों के आंसू कौन पौछेगा..? इन सभी प्रश्नों के उत्तर बीते कुछ सालों में मिले हैं। पिछले आठ वर्षों में वे सभी कार्य संभव हुए हैं जिनकी हम छात्र जीवन में कल्पना किया करते थे। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जनता के आशीर्वाद से 2014 और 2019 के संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने दोनों अवसरों पर पूर्ण बहुमत हासिल किया है।

मोदी सरकार को सत्‍ता में आये 8 साल 4 माह हुए हैं। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। मोदी सरकार ने इन 8 सालों में कई बार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। फिर भी मोदी सरकार के ये आठ साल 4 माह आम जनता को समर्पित रहे। इस दौरान केंद्र सरकार कई ऐसी जन कल्‍याणकारी योजनाएं लेकर आई, जिनसे आम लोगों को बेहद लाभ पहुंचा है। प्रधानमंत्री जन धन योजना,प्रधानमंत्री आयुष्‍मान योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री बीमा योजना और प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना से करोड़ों लोगों के जीवन में परिवर्तन देखने को मिला है।

निर्माण एवं सृजन के प्रतीक मोदी

प्रधानमंत्री ने सर्वसमावेशी, विकासोन्मुख और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन स्थापित किया है। सरकार की हर कार्ययोजना में हम सबके आदर्श पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के उद्देश्य को साकार करने और समाज के अंतिम पायदान पर बैठे वंचित व्यक्ति को सरकार की योजनाओं और पहल का अधिक से अधिक लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने की पूरी तीव्रता और प्रतिबद्धता देखने को मिलती है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी इस बात को माना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से गरीबी खत्म कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सच्चे अर्थों में जननेता हैं, अथक मेहनत कर उन्होने जनता का विश्वास जीता है। इसका पूरा श्रेय केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के हित को ध्यान में रखते हुए लिए गए विभिन्न फैसलों को जाता है। चाहे वह आयुष्मान भारत हो, प्रधानमंत्री जन धन योजना हो, समाज के सबसे कमजोर वर्ग को बीमा और पेंशन कवर देकर जन सुरक्षा जोर देना हो। स्वच्छ भारत मिशन मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों असंगठित क्षेत्र से लोगों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान धन योजना के तहत पेंशन कवरेज हो।

आजादी के 70 वर्षों बाद भी 18,000 गांवों में बिजली देने का कार्य, पोएम आवास योजना के तहत गरीबों को घर देने का काम हो। प्रधानमंत्री ने अन्नदाताओं के लिए किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में एक मौद्रिक प्रोत्साहन योजना,प्रधानमंत्री फसल बीमा, कृषि सिंचाई योजना, एमएसपी में वृद्धि सयल हेल्थ कार्ड, बेहतर बाजारों के लिए ई-नाम जैसी किसान कल्याण की दिशा में विभिन्न पहलों को प्रारम्भ करना हो।

भारत सरकार हाई-वे, रेलवे, आई-वे और वॉटर-वे के रूप में अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को बनाने के लिए काम कर रही है। उड़ान काम करें। (उड़े देश का आम नागरिक) योजना ने उड्डयन क्षेत्र को लोगों के अधिक अनुकूल बनाने के साथ कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है। सुदूर गांवों में भी सड़कों पर काम चल रहा है, पुरानी सड़क चौड़ी हो रही है। नए एक्सप्रेसवे बनाये जा रहे हैं। फ्लाईओवर बन रहे हैं। शायद ही कोई रेलवे स्टेशन ऐसा होगा जहां पर काम न चल रहा हो।

8 वर्ष के शासन में लिख दिया नया इतिहास, जन गणतीय आशाओं में फिर जागा नया विश्वास। जीत के खातिर बस जुनून चाहिए जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए। यह आसमां भी आएगा जमीन पर बस इरादों में जीत की गूंज चाहिए।।

मोदी सरकार ने जीएसटी लागू किया, जिसने ”वन नेशन, वन टैक्स’ के सपने को मोदी जी की पहल पर ही दुनिया भर में कुल 177 सकार किया। राष्ट्रों ने 21 जून को संयुक्त राष्ट्र में ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया। 500 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, 71 वर्ष पुराना विवादित अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर से समाप्त करना हो, आर्मी वेटरन की वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग पूरी करना, राष्ट्रीय समर स्मारक, करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण होना हो, सीएए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करना हो या ट्रिपल तलाक के मुद्दे का समाधान, सरकार ने कोई कोताही नहीं की। मोदी जी की सफल विदेश नीति की पहल ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता को महसूस किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके संबोधन की दुनिया भर में सराहना हुई।

प्रधानमंत्री एम मोदी 17 साल की लंबी अवधि के बाद नेपाल, 28 साल के बाद ऑस्ट्रेलिया, 31 साल के बाद फिजी और 34 साल के बाद सेशेल्स और यूपाई के द्विपक्षीय दौरे पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री सच्चे अर्थों में जननेता हैं। जनता उन पर पूरा विश्वास करती है। उन्होंने अथक मेहनत जनता का विश्वास जीता है। जनता के बीच जाकर उनके दुख दर्द, पर्व, तीज त्योहारों, समारोह और उत्सव में बिना संकोच के शामिल होना इंटरनेट मीडिया पर भी दमवर उपस्थिति उन्हें बाकी नेताओं से अलग करती है। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन के इस सुअवसर पर मैं ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ जीवन की मंगलकामना करता हूँ। उनका अनुभव और मार्गदर्शन हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा पुंज के रूप में करें।

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(लेखक- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं)