युवाओं के लिए मतदाता सूची का हिस्सा बनने के और अधिक मौके

युवाओं के लिए मतदाता सूची का हिस्सा बनने के और अधिक मौके।नामांकन के लिए एक वर्ष में चार मौके – सिर्फ 1 जनवरी की अर्हक तिथि की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं रह गई।17+ वर्ष के युवाओं के लिए अग्रिम आवेदन सुविधा।01.08.2022 से मतदाता रजिस्ट्रेशन के लिए नए प्रयोक्तानुकूल प्ररूप (फार्म)प्रविष्टियों में यदि शुद्धिअपेक्षित हो तो उसके लिए एकल प्ररूप – 8 तैयार किया गया।मतदाता कार्ड को आधार से जोड़ने के लिएउसका स्वैच्छिक संग्रहण,नाम / फोटो की दृष्टि से समरूप प्रविष्टियों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।आयोग ने वार्षिक संक्षिप्त पुनरीक्षणका आदेश दिया; पुनरीक्षण-पूर्वकार्यकलाप अगस्त में शुरू। त्रुटिमुक्त निर्वाचक नामावली सुनिश्चित करने के लिए जांच/पर्यवेक्षण।

17+ वर्ष के युवा अब मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें किसी वर्ष की 1 जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के पूर्वापेक्षित मानदंड की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त श्री अनूप चंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में भारतनिर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ)/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को इस तरह के प्रौद्योगिकी-सक्षम समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं कि युवाओं को न केवल 1 जनवरी को बल्कि तीन पश्चातवर्ती अर्हक तिथियों अर्थात 01 अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्टूबर के संदर्भ में भी अपने अग्रिम आवेदन दाखिल करने की सुविधा मिल सके। अब से, निर्वाचक नामावली प्रत्येक तिमाही में अद्यतन की जाएगीऔर पात्र युवाओं को उस वर्ष की अगली तिमाही में पंजीकृत किया जा सकता है जिसमें उन्होंने 18 वर्ष की पात्रता आयु पूरी कर ली हो। पंजीकरण करवाने के बाद उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी किया जाएगा। निर्वाचक नामावली, 2023 के वार्षिक पुनरीक्षण के चालू राउंड के लिएवर्ष 2023 के 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए निर्वाचक नामावली के प्रारूप प्रकाशन की तारीख से अग्रिम आवेदन जमा कर सकता है।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 14(ख) में विधिक संशोधनों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 में किए गए परिणामी संशोधनों के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा/संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली को तैयार करने/उसका पुनरीक्षण करने के लिए आवश्यक परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्मरण रहे कि भारत निर्वाचन आयोग की अनुशंसापर, विधि एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन किया है, जिसमें निर्वाचक नामावलियों में युवाओं के लिए पंजीकृत होने की पात्रता के लिए केवल 01 जनवरी की पूर्ववर्ती सिर्फ एक अर्हक तिथि की पुरानी व्यवस्था के उलटचार अर्हक तिथियों अर्थात 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्तूबर का उपबंध किया गया है।