राष्ट्रध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक-अखिलेश यादव


राजेंद्र चौधरी

  अखिलेश यादव ने कहा कि स्वेच्छा से प्रत्येक नागरिक अपने आवास पर राष्ट्रध्वज फहराये। यह खादी का बना हो। राष्ट्रध्वज हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उस पर हर भारतीय गर्व करता है। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजो को भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी थी। गांधी जी ने अपने भाषण में देश को ‘‘करो या मरों‘‘ का मंत्र दिया था।  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नागरिकों से 9 अगस्त से 15 अगस्त 2022 तक राज्य में हर घर पर तिरंगा ध्वज फहराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रध्वज को पूरे सम्मान के साथ फहराया जाना चाहिए। राष्ट्रध्वज की पवित्रता एवं गरिमा कायम रहनी चाहिए।


    ‘‘अंग्रेजों भारत छोड़ों‘‘ प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 की रात को पारित होते ही अंग्रेज सरकार का दमन चक्र शुरू हो गया था। सभी नेता तड़के सुबह से गिरफ्तार कर लिए गए। तब जेपी, लोहिया, अरूणा आसिफ अली, ऊषा मेहता आदि समाजवादियों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। 9 अगस्त 1942 को चारो तरफ कड़ी सुरक्षा के बावजूद अरूणा आसिफ अली ने अधिवेशन स्थल ग्वालियर टैंक मैदान बम्बई में तिरंगा ध्वज फहरा दिया। डॉ0 लोहिया ने ऊषा मेहता के साथ नेपाल से ‘आजाद रेडियों‘ के माध्यम से आजादी के आंदोलन को पूरी ताकत से जारी रखने का आव्हान करते रहे। जयप्रकाश नारायण हजारीबाग जेल तोड़कर आंदोलन को गति दी।


     इस जनांदोलन के फलस्वरूप ही 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था। इस राष्ट्रीय आंदोलन की पावन स्मृति को बनाए रखने के लिए यह राष्ट्रीयध्वज फहराया गया।भारत की आजादी की आखिरी लड़ाई की याद में 9 अगस्त क्रांति दिवस के रूप में तो मनाया ही जाता है इस वर्ष तो 15 अगस्त को आजादी का 75वां वर्ष भी होगा। डॉ0 राममनोहर लोहिया का मानना था कि 15 अगस्त 1942 राज्य की महान घटना जरूर है, जिस दिन हमें आजादी मिली थी, लेकिन 9 अगस्त 1942 देश की जनता की उस इच्छा की अभिव्यक्ति थी जिसने ठान लिया था कि हमें आजादी चाहिए और हम आजादी लेकर ही रहेंगे। यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी था जिसमें बड़े पैमाने पर जनता ने हिस्सेदारी की और अभूतपूर्व साहस प्रदर्शित किया।


    अखिलेश यादव ने कहा शहर-गांव, अमीर-गरीब, किसान-श्रमिक, व्यापारी- दुकानदार- सरकारी एवं प्राइवेट संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों, सभी को इस आयोजन में स्वेच्छा से सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस अभियान में किसी को भी जुड़ने से बचना नहीं चाहिए। प्रत्येक नागरिक अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझकर इस अभियान में शामिल हो। राष्ट्रध्वज के दिन-रात फहराए जाने पर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं है।अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर 9 से 15 अगस्त 2022 के बीच नित्य अपने आवास पर राष्ट्रध्वज को ससम्मान फहराये जाने में सहयोग करने का आव्हान किया।