सार्वजनिक स्थल पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं

मुख्यमंत्री ने जनपद बलरामपुर का भ्रमण किया। आगामी 26 सितम्बर से प्रारम्भ हो रहे शारदीय नवरात्रि मेले की तैयारियों एवं जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित प्रबन्ध किये जाएं। गणेश चतुर्थी तथा आगामी दुर्गा पूजा त्योहारों के दृष्टिगत सतर्क दृष्टि बनाए रखी जाए। शारदीय नवरात्रि मेले में व्यापक साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन बाढ़ पर सतत् निगरानी बनाये रखे, बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा जाए, नावों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक दवाओं के साथ-साथ सर्पदंश एवं एन्टीरैबीज इन्जेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबन्धन के लिए हेल्थ ए0टी0एम0 लगाये जाने के निर्देश। नेपाल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी किये जाने के निर्देश। थारू बाहुल्य क्षेत्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न मूलभूत सुविधाओं यथा-विद्यालय, विद्युत, पहुंच मार्ग से संतृप्त किया जाए।

बलरामपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद बलरामपुर का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने आगामी 26 सितम्बर से प्रारम्भ हो रहे शारदीय नवरात्रि मेले की तैयारियों एवं जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। शारदीय नवरात्रि मेले में व्यापक साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित प्रबन्ध किये जाएं। गणेश चतुर्थी तथा आगामी दुर्गा पूजा त्योहारों के दृष्टिगत सतर्क दृष्टि बनाए रखी जाए। पूजा पंडाल इस तरह से लगाए जाने चाहिए, जिससे आम जनमानस को आवागमन में असुविधा न हो।जनपद बलरामपुर में बाढ़ एवं सूखा प्रबन्धन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ पर सतत निगरानी बनाये रखे। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा जाए। नावों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक दवाओं के साथ-साथ सर्पदंश एवं एन्टीरैबीज इन्जेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबन्धन के लिए हेल्थ ए0टी0एम0 लगाये जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्यमंत्र को बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद बलरामपुर में वर्तमान में बाढ़ की स्थिति नहीं है। राप्ती नदी का जल स्तर चेतावनी बिन्दु से नीचे है। इसके बावजूद बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा समस्त तैयारियां पूरी की गई हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सम्बन्धित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कम वर्षा के कारण, सूखे की स्थिति से निपटने के लिए भी शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा समस्त तैयारियां की गई हैं।मुख्यमंत्री ने नेपाल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि थारू बाहुल्य क्षेत्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न मूलभूत सुविधाओं यथा-विद्यालय, विद्युत, पहुंच मार्ग से संतृप्त किया जाए। थारू जनजाति के लोगों का लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से आर्थिक विकास कराया जाए।