बीसलपुर बांध से पेयजल सप्लाई के लिए अब आंदोलन

बीभीषण गर्मी में अजमेर जिले में तीन-चार दिन में एक बार मात्र पौने घंटे की सप्लाई।सलपुर बांध से पेयजल सप्लाई के लिए अब बगरू के लोगों का आंदोलन। जयपुर को पहले ही अजमेर से दोगुना ज्यादा पानी दिया जा रहा है।

एस0 पी0 मित्तल

जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र के बगरू उपखंड के हजारों ग्रामीण पांच जून को प्रदेश की राजधानी जयपुर के लिए कूच करेंगे। बगरु के लोग टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध से पानी की सप्लाई की मांग के लिए आंदोलन कर रहे हैं। चूंकि अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार जन आंदोलन से डरती है, इसलिए माना जा रहा है कि जब हजारों लोग जयपुर में डेरा जाएंगे तो बगरू को भी बीसलपुर बांध से पेयजल की सप्लाई शुरू हो जाएगी। मौजूदा समय में बीसलपुर बांध से अजमेर के मुकाबले जयपुर को दो गुना पानी ज्यादा दिया जा रहा है। चूंकि जयपुर को ज्यादा पानी मिल रहा है, इसलिए जयपुर में प्रतिदिन पेयजल की सप्लाई होती है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि उसी बीसलपुर बांध से अजमेर जिले में तीन-चार दिन में एक बार मात्र पौन घंटे पानी की सप्लाई की जाती है। भीषण गर्मी में अजमेर जिले में पानी को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है।

सब जानते हैं कि बीसलपुर बांध का निर्माण अजमेर जिले की पेयजल समस्या के समाधान के लिए हुआ था। लेकिन आज जयपुर के मुकाबले अजमेर बहुत पीछे छूट गया है। असल में अजमेर में राजनेताओं की स्थिति बेहद कमजोर है, इसलिए बीसलपुर बांध बनने के बाद भी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। क्योंकि जयपुर का राजनीतिक नेतृत्व प्रभाव शाली है, इसलिए अजमेर के मुकाबले जयपुर के लिए दो गुना पानी ज्यादा लिया जा रहा है। अजमेर के साथ इस भेदभाव में भाजपा और कांग्रेस के नेता बराबर के हिस्सेदार हैं। पिछले 25 वर्षों से राजस्थान में एक बार भाजपा एक और कांग्रेस का शासन होता है। भाजपा के शासन में कांग्रेस के नेता पानी को लेकर चिल्ल पौ करते हैं और जब कांग्रेस शासन होता है तो भाजपा के नेता शोरगुल करते हैं। लेकिन इन दोनों ही पार्टियों के नेता अपने अपने शासन में चुप रहते हैं। यही वजह है कि बीसलपुर बांध से मांग के अनुरूप अजमेर जिले के लिए पानी नहीं लिया जा रहा है।