लक्ष्य से अधिक हुआ वृक्षारोपण

हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स/प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की प्रेस कान्फ्रेस


लखनऊ। अन्तिम सूचना प्राप्त होने तक आज एक ही दिन में 25 करोड़ 15 लाख 12 हजार 943 पौधों का रोपण कर ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की गई है, जबकि 25 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य था।राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री , उत्तर प्रदेश ने पौध रोपित कर वृक्षारोपण जन-आन्दोलन 2022 के अन्तर्गत एक ही दिन में 25 करोड़ पौध रोपण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृृक्षारोपण महाअभियान का शुभारम्भ दिनांक 05.07.2022 को माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनन्दीबेन पटेल द्वारा कुकरैल वन क्षेत्र, लखनऊ में किया गया। इस अवसर पर आयोजित वन महोत्सव में माननीय राज्यपाल द्वारा त्रिशक्ति के रूप में माँ पार्वती के स्वरूप में कदम्ब, माँ दुर्गा के स्वरूप में नीम तथा माँ सरस्वती के रूप में आम के वृक्ष का रोपण किया गया। राज्यपाल द्वारा अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश सरकार के इस महा अभियान की सराहना करते हुये जन सामान्य से सहयोग की अपेक्षा करते हुये प्रत्येक नागरिक से कम से कम 5 पौधों के रोपण का आह््वान किया गया। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश वन विभाग के कार्यों की सराहना करते हुये यह सुझाव दिया कि प्रत्येक जनपद में नक्षत्र एवं राशि वन तथा बोनसाई गार्डेन एवं पंचतंत्र वाटिकाओं की स्थापना की जाये। राज्यपाल ने यह भी सुझाव दिया कि स्कूल के बच्चों को प्रारम्भ से ही प्रकृति से जोड़ने के लिये छोटे-छोटे पर्यावरण गीतों एवं कविताओं की रचना कर उन्हें स्कूलों में बांटा जाये, ताकि बच्चे उन्हें सीख सकें। राज्यपाल द्वारा भारत सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने, जल संरक्षण हेतु चलाई जा रही अमृृत सरोवर योजना एवं स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुये समस्त जन को इसमें सक्रिय सहयोग देने हेतु आह््वा्न किया गया।

इस अवसर पर वन विभाग द्वारा सुप्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को वृक्षारोपण अभियान का ब्राण्ड अम्बेसडर घोषित किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही जी, राज्य मंत्री, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश के0पी0 मलिक , विधायक लखनऊ पूर्वी आशुतोष टंडन, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया जी, मालिनी अवस्थी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री द्वारा जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप कृषि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुये वृक्षारोपण की आवश्यकता तथा स्थानीय प्रजातियों के रोपण को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। उनके द्वारा यह भी आश्वस्त किया गया कि कृषि विभाग आवंटित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करेगा। इस अवसर पर राज्यमंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के0पी0 मलिक द्वारा यह अवगत कराया गया कि वन विभाग अपनी पूरी क्षमता से राज्य के वनावरण को बढाने का प्रयास कर रहा है तथा इस कार्य में सभी का सहयोग लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। वृक्षारोपण अभियान की ब्राण्ड अम्बेस्डर के रूप में नियुक्त श्रीमती मालिनी अवस्थी द्वारा भारतीय संस्कृति में वृक्षों एवं वनों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुये अनेक लोक गीत सुनाये गये।


इस अवसर पर स्कूलों के बच्चों एवं एन0सी0सी0 के कैडेट्स द्वारा 2000 पौधों का रोपण कर वृक्षारोपण अभियान में भागीदारी की गई। नेशनल बैम्बू मिशन, उत्तर प्रदेश वन निगम, टर्टल सर्ववाईवल एलायन्स, एच0सी0एल0 फाउन्डेशन तथा पृथ्वी इनोवेशन द्वारा अपने उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती ममता संजीव दूबे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव/नोडल अधिकार रजनीश दूबे तथा आशीष तिवारी, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्रतिभाग किया गया।मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा मटदर वन ब्लाक प्रथम, चित्रकूट में हरीशंकरी का पौधा रोपित किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय प्रजातियों के रोपण तथा रोपित पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग को वृक्षारोपण कार्यक्रम में आगे बढकर भाग लेने का संदेश दिया गया, जिससे कि वृक्षारोपण कार्यक्रम को जन आन्दोलन का रूप प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन शमन हेतु कार्बन अवशोषण के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधोें के रोपण का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने ’’मटदर वन ब्लॉक’’ वन क्षेत्र को ‘‘कोदण्ड वन’’के नाम से मूल प्राकृतिक स्वरूपमें संरक्षित करने पर बल दिया।मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं के अथक मेहनत के बल पर पहरा वन ब्लॉक में 4 हे0 क्षेत्र में 40,000 पौधों का रोपण कर वन स्वरूप के रूप में स्थापित करने हेतु वन विभाग के सुरक्षा श्रमिक (वाचर) एवं पर्यावरण प्रेमी भईया राम को शाल पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।वृक्षारोपण महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अरूण कुमार, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा पौधारोपण किया गया।


वन महोत्सव में दुर्गा शंकर मिश्रा, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन द्वारा ईको गार्डेन, लखनऊ में हरिशंकरी पौधा का रोपण किया गया।कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदो में 50 कैबिनेट मंत्री/राज्य मंत्री, 25 सांसदो तथा शासन के विभिन्न अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के समस्त अधिकारी सभी जनपदों में अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में भाग लेते हुए पौधारोपण किया गया।समस्त वृक्षारोपण स्थलों की जियोटैंिगंग।हरीतिमा-अमृत वन ऐप पर समस्त अमृत वन स्थलों तथा अन्य विभागों के वृक्षरोपण स्थलों की सूचना/प्रगति का अपलोडिंग।ग्राम वासियों की आय में वृद्धि हेतु ग्राम पंचायत की भूमि पर इमारती एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया।वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत मुख्य प्रजातियां नीम, सहजन, आंवला, इमली, अर्जुन, जामुन, बेल, आम, महुआ, सागौन, शीशम, गुटेल, बांस, पीपल, पाकड़, बरगद आदि का रोपण किया गया।


पौधा रोपण से जन-जन को जोड़ने हेतु विभिन्न राजकीय विभागों, शिक्षण संस्थानों एवं इच्छुक व्यक्तियों को विभागीय पौधशालाओं से निःशुल्क पौध उपलब्ध करवाई गयी।फसलों में विविधता लाकर आय में वृद्धि हेतु कृषि वानिकी के अन्तर्गत कृषकों द्वारा वृहद स्तर पर रोपण कराया गया।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कृषकों के द्वारा 1 से 10 पौधो का रोपण किया गया।वर्ष 2022 के वृक्षारोपण अभियान में 35 करोड़ पौधों का रोपण जनप्रतिनिधियों यथा- सांसद, विधायक, महापौर/अध्यक्ष नगरीय निकाय एवं सभी पार्षद/सभासद, मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत/क्षेत्र पंचायत एवं सभी सदस्य, ग्राम प्रधान एवं पंचायत सदस्यगण तथा समस्त सरकारी/गैर सरकारी संस्थाएं, सिविल सोसाइटी, एन॰सी॰सी॰/एन॰एस॰एस॰, नेहरू युवा केन्द्र, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, रोटरी/रोट्रैक्ट/लॉयन्स क्लब, इको क्लब, व्यापार मण्डल, किसान उत्पादक संगठन आदि अन्य सरकारी विभागों, गैर सरकारी संगठनों, स्कूली बच्चों, रक्षा कर्मियों, मीडिया, ग्रामीणों आदि की सक्रिय भागीदारी से की गयी।प्रिन्ट तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया यथा- फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, बल्क एस0एम0एस0 आदि के माध्यम से अभियान का प्रचार-प्रसार किया गया।सड़क किनारे विषेशकर एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग आदि के किनारे रोपण को प्राथमिकता दी गयी।वृक्षारोपण से संबंधित समस्त कार्यो का अनुश्रवण आनलाईन पी0एम0एस0 एवं एन0एम0एस0 के माध्यम से वन विभाग मुख्यालय स्थित कमाण्ड सेन्टर से किया गया।35 करोड पौधारोपण से स्थापित होने वाले वृक्षों द्वारा वर्ष 2030 तक लगभग 18.55 मिलियन टन कार्बन का अवशोषण होगा। अगले पॉंच वर्षों में 35 करोड़ प्रति वर्ष पौध रोपित कर कुल 175 करोड़ पौधारोपण से लगभग 72 मिलियन टन कार्बन का अवशोषण होगा जो उत्तर प्रदेश के कार्बन अवशोषण लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत है।