सहजन के चमत्कारी गुणों द्वारा कई बीमारियों से बचाव

आयुर्वेद में इसे बरसों से कई रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है सहजन। सहजन के गुण आपकों 300 से ज्यादा बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है। इसे मोरिंगा, मुनगा, ड्रमस्टिक भी कहते हैं। इसके फूल, पत्ते, तना, बीज सभी का उपयोग इलाज के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है इसके पत्तों में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और केले से 15 गुना ज्यादा पोटैशियम होता है।इसे चमत्कारी पेड़ भी कहते हैं।आयुर्वेद में सहजन को लगभग 300 बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए लोग इसे चमत्कारी पेड़ भी कहते हैं। यह पेड़ बाल झड़ने से लेकर अस्थमा और आर्थराइटिस (गठिया) तक के लिए लाभदायक है।

सहजन की फली की सब्जी खाने से जोड़ों का दर्द,गठिया, जैसे रोगों में भी लाभ होता है। इसके ताजे पत्तों का रस कान में डालने से कान दर्द ठीक हो जाता है और इसकी सब्जी खाने से गुर्दा और मूत्राशय की पथरी भी निकल जाती है। इसकी जड़ की छाल का काढ़ा पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है।

ऑल इन वन जड़ी-बूटी

सहजन एक ऑल इन वन जड़ी-बूटी है। यह पेड़ एक एंटीबायोटिक, एनाल्जेसिक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी कैंसर, एंटी डायबिटिक, एंटी वायरल, एंटी फंगल और एंटीजिंग के रूप में काम करता है। यह विटामिन ए, बी, सी से भरपूर है। विटामिन ए, विटामिन बी 1 (थायमिन), बी2 (राइबोफ्लेविन), बी3 (नियासिन), बी-6 फोलेट, एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी), कैल्शियम, पोटेशियम, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जस्ता।

कैसे करें उपयोग

पत्ते – इस पौधे के सभी भाग फायदेमंद होते हैं लेकिन इसके पत्ते सबसे अधिक गुणकारी होते हैं। आप अपने खाना पकाने में इसके ताजे पत्तों का उपयोग कर सकते हैं।
फली- इसकी फली सूप और करी के लिए और इसके सूखे पत्तों के पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा सहजन की फली को उबालकर उसका सूप पीने से गठिया के दर्द से राहत मिलती है।

पाउडर- आप 1 छोटा चम्मच सहचजन पाउडर ले सकते हैं या इसे अपनी रोटी, चीला, एनर्जी ड्रिंक, दाल आदि में मिला कर खा सकते हैं।

सहजन के फायदे

1– वजन घटाने में मदद करता है।
2– लीवर और किडनी को डिटॉक्सीफाई करता है।
3-यह आपके हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में मदद करता है।
4– रक्तचाप ;ब्लड प्रेशरद्ध और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है।
5– रक्त शुद्ध करता है, चर्म रोगों को दूर करता है।
6– चयापचय में सुधार करता है।
7– आपके शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है।
8– तनाव, चिंता और मिजाज को कम करता है।
9– थायराइड ठीकर करता है।
10– माताओं में स्तन के दूध के उत्पादन को बढ़ाता है।

सहजन की तासीर गर्म होती है, इसलिए ऐसे लोग जिन्हे गर्मी की समस्या (एसिडिटी, ब्लीडिंग, पाइल्स, भारी मासिक धर्म, मुंहासे) होती है, उन्हें इससे बचना चाहिए या इसका सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए।