September 23, 2021

Nishpaksh Dastak

Nishpaksh Dastak

ऑक्सीजन कमी से हुई मौतों के लिये पीएम व सीएम जिम्मेदार-प्रियंका गांधी

आगरा में सामने आई हैरान कर देने वाली घटना में 22 लोगो की मौत के लिये सरकार जिम्मेदार।अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मॉक ड्रिल किसके कहने पर हुआ बताये सरकार।आगरा में ऑक्सीजन के कमी से हुई मौतों के लिये पीएम व सीएम जिम्मेदार।

अशोक सिंह

लखनऊ।आगरा में सामने आई हैरान कर देने वाली घटना में कोरोना संक्रमित 22 लोगो की दुःखद मौत के लिये कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने दुख व्यक्त करते हुए राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार व प्रधानमंत्री पर बरसते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार लगातार यही कहती रही कि उत्तर प्रदेश में आक्सीजन की कोई कमी नही है फिर आगरा के एक निजी चिकित्सालय में आक्सीजन की कमी के बाद मॉकड्रिल की स्थिति क्यों और कैसे आयी जिससे 22 लोगो की असमय दुःखद मौतें हो गयी। उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि लगातार झूठ को सच बताने व कोरोना की दूसरी लहर की विकरालता के संकटकाल मे ठोस रणनीति के बिना किये थोथे दावों के कारण गम्भीर संकट खड़ा हुआ। जिसके लिये पूरी तरह सरकार दोषी है।


      कांग्रेस महासचिव श्रीमती वाड्रा ने कहा कि 26 अप्रैल को आगरा के निजी चिकित्सालय में जिस तरह आक्सीजन की कमी के बाद संचालको द्वारा मॉकड्रिल किया गए और उस कारण मौतें हुई उसके लिये पूरी तरह सरकार की लचर रणनीति व लापरवाही है, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आक्सीजन की कमी स्वीकार करने को कभी तैयार नही हुए, बिना ऑक्सीजन की व्यवस्था के निजी चिकित्सालय में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किये गए आखिर संवेदनहीन सरकार घटना को दबाए रखती लेकिन घटना जिस तरह प्रकाश में आयी है उससे सरकार की लापरवाही का जीवंत प्रमाण सबके समक्ष आया कि सरकार को मानव जीवन की रक्षा की तनिक भी चिंता नही है।

औद्योगिक विकास में एम0एस0एम0ई0 सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान- योगी


    प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगरा में ऑक्सीजन के कमी से हुई मौतों के लिये प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह वही दो लोग है जो कोरोना की दूसरी लहर की गम्भीरता से मुह मोड़कर लोगो को उनके हाल पर छोड़कर संवेदनहीनता का व्यवहार करते चले आ रहे है, उन्होंने प्रधानमंत्री के द्वारा दिये गए,लगातार बयान की आक्सीजन की देश मे कोई कमी नही है प्रश्न करते हुए पूछा कि आक्सीजन की कमी नही थी तो आगरा में ऑक्सीजन की कमी के चलते असमय मौतें कैसे हो गयी?

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से प्रश्न करते हुए कहा कि वह बताये की उनके राज्य में कोरोना संक्रमण के चलते अव्यवस्थाओं का बोलबाला क्यों रहा? आपकी सरकार क्या कर रही थी जबकि आप तो बार बार बता रहे थे कि आक्सीजन की कमी सिर्फ सरकार को बदनाम करने के लिये फैलाई गयीं अफवाह मात्र है, अगर अफवाह थी तो अब आपका सच निजी अस्पताल के संचालक का वायरल आडियो बता रहा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मॉकड्रिल करने की मजबूरी में 22 लोगो की जान चली गयी।


  कांग्रेस महासचिव श्रीमती गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार में आक्सीजन, मानवता व संवेदनशीलता नही है, उसने लोगो के जीवन से खिलवाड़ कर संविधान के कर्तव्य व नैतिक दायित्वों की पूरी तरह अनदेखी कर मानव जीवन की रक्षा नहीं की उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जॉच के साथ मृतक परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा आगरा की घटना के लिये केंद्र व राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।

ऑक्सीजन की कमी बताने पर सम्पत्ति जब्त करने की चेतावनी देने वाले सीएम आगरा की दुःखद घटना पर मौन क्यों? उत्तर प्रदेश जवाब चाहता है -अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आगरा की घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताये की उनके राज में ऑक्सीजन की कमी पर सवाल उठाने पर वह सवाल करने वालो को धमकी भरी चेतावनी देते हुए कहते थे कि ऑक्सीजन की कमी बताने वालो पर सख्त कार्यवाही कर सम्पत्ति जब्त की जाएगी वह अब बताये की आगरा के निजी चिकित्सालय में ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई मौतें सरकार की जानबूझकर की गयी लापरवाही थी या नही, उत्तर प्रदेश आज जानना और जवाब चाहता है की यह मौतें कैसे हुई, उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से कहा की आगरा की दुःखद घटना पर वह मौन क्यों है?

वह अपनी जवाबदेही से क्यों बचना चाहते है लेकिन प्रदेशवासियो को पूछने का अधिकार है सरकार को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर में जहां लोग ऑक्सीजन और अन्य जरूरी दवाओं के लिए जद्दोजहद कर रहे थे वहीं मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना पर व्यवस्था का मौन साबित करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार में कोरोना संक्रमण से लड़ने की इच्छाशक्ति नही है। यही वह कारण है कि बिना ऑक्सीजन के मौतें हुई जिनके आंकड़े छिपाए गए उन्होंने सरकार से पूरी घटना की हाइकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने संकट में प्रदेशवासियो का हाथ छोड़कर राजधर्म व जनादेश का अपमान किया है जिसे माफ नही किया जा सकता।