स्वास्थ्य विभाग में अनियमित स्थानांतरण के विरोध में धरना

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्वास्थ्य विभाग में अनियमित स्थानांतरण के विरोध में दिया धरना।

अजय सिंह

चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में समूह ग के कर्मचारियों के किये गये अनियमित स्थानांतरण के विरोध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लखनऊ पर धरना देकर ज्ञापन मा0 मुख्यमंत्री जी को प्रेषित किया।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ0प्र0 ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में शासन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति 2022-23 के विरूद्व किये गये स्थानान्तरण को निरस्त करने की मांग करते हुए दिनांक 25 जुलाई 2022 को प्रदेश के समस्त जनपद मुख्यालयों पर धरना/प्रदर्शन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।


महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि कार्मिक द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति के विपरीत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में  पैरामेडिकल एवं अन्य सभी संवर्गाे में व्यापक स्थानान्तरण किये गये हैं। विभाग द्वारा किये गये स्थानान्ताण में स्थानान्तरण नीति का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है एवं स्थानान्तरण नीति के प्रस्तर-05 एवं 12 के विपरीत जाकर मान्यता प्राप्त संगठनों के अध्यक्ष/सचिव, दिव्यांग, दाम्पत्य नीति, गम्भीर बीमारी, दो वर्ष से कम सेवानिवृत्ति होने वाले, भिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों का नियम विरूद्व स्थानान्तरण किया गया है। कर्मचारियों को जनपद/मण्डल में कार्यकाल अवधि पूर्ण न होने पर भी उनका स्थानान्तरण कर दिया गया है। जनपदों/मण्डलों में अधिक समय से तैनात कार्मिकों का स्थानान्तरण ना करके कम समय से तैनात कार्मिकों का स्थानान्तरण कर दिया गया। स्वयं के अनुरोध पर ऑनलाइन स्थानांतरण में मेरिट को आधार नहीं बनाया गया व अनेकों दिव्यांग, दाम्पत्य नीति, गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मचारियों का स्थानांतरण अनुरोध के उपरान्त भी नहीं किया गया। अनेकों कार्मिकों द्वारा स्वयं के अनुरोध पर प्रथम विकल्प के पद रिक्त होने के बाद भी अन्य जनपदों में स्थानांतरण कर दिया गया है।


दिनांक 16 जून 2022 को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश के तहत समूह ग एवं घ के कार्मिकों के पटल/क्षेत्र परिवर्तन के निर्देश जारी किए गए। पटल परिवर्तन का स्पष्ट अर्थ है काउंटर परिवर्तन एवं क्षेत्र परिवर्तन फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों पर लागू होता है, जनपदों के अधिकारियों द्वारा पटल परिवर्तन के नाम पर कर्मचारियों का ट्रांसफर व आर्थिक शोषण किया गया एवं कर्मचारियों को एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 100 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थानांतरण कर दिया गया। जनपदों में एक स्थान पर 3 वर्ष से कम समय से कार्यरत कर्मचारियों के भी पटल परिवर्तन किए गए। अनेकों जनपदों में समूह ख के कर्मचारियों के पटल परिवर्तन कर दिए गए। तत्कालीन महानिदेशक से अनेकांे अनुरोध के बाद भी महानिदेशालय द्वारा इस पर रोक नहीं लगाई गई। यहां तक सेवानिवृत्त व मृतक कर्मी का भी स्थानान्तरण कर दिया गया है।


परिषद लखनऊ जनपद शाखा अध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार का ध्यानाकर्षण के लिए दिनांक 14 जुलाई को महानिदेशालय पर धरना उसके बाद दिनांक 21 जुलाई से 24 जुलाई 2022 प्रदेश का समस्त कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य कर चुका है। अब परिषद का आन्दोलन गंभीर रूप ले चुका है। दिनांक 25 जुलाई 2022 को लखनऊ कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना/प्रदर्शन सम्पन्न हुआ और सरकार यदि नीति विरूद्ध स्थानान्तरण/पटल परिवर्तन निरस्त नही करती है तो 26 जुलाई से 30 जुलाई 2022 तक दो घण्टे कार्य बहिष्कार होगा। जिसमें निश्चित रूप से प्रदेश की स्वास्थ सेवाएं प्रभावित होगी और जनता को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।


श्री शशि कुमार मिश्रा, महासचिव कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश ने कहा कि कोरोना वारियर्स के प्रति अपनाई गई नीति विरूद्ध कार्यवाही का संज्ञान मा0 मुख्यमंत्री जी ने लिया व कमेटी का गठन कर रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट प्रेषित हो चुकी है, उसपर शीघ्र निर्णय कर अपने स्तर से सम्बन्धित को समस्त नीति विरूद्ध स्थानान्तरण निरस्त करने के आदेश करे। मा॰ उपमुख्यमंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा ने स्थानान्तरण से पूर्व ही अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक चिकित्सा एवं  स्वास्थ्य को परिषद के अनुरोध पर स्पस्ट निर्देश जारी किये थे कि स्थानान्तरण नीति का पूर्णतः पालन कराया जाए परन्तु अधिकारियों द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बेपटरी न हों एवं विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की छवि भी धूमिल न हो।


परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि स्थानांतरण नीति के विपरीत किए गए स्थानांतरण से चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के समस्त संवर्गों के कर्मचारियों में अत्यंत रोष व्याप्त है। शासन द्वारा स्थानांतरण किए जाने की अंतिम तिथि 30 जून 2022 निर्धारित की गई थी। परंतु स्थानांतरण सूचियां दिनांक 1 जुलाई को सायं काल के उपरांत एवं 2 जुलाई 2022 को जारी की गई।
परिषद के वरि0 उपाध्यक्ष श्री गिरीश चन्द्र मिश्रा व डी0पी0ए0 के महामंत्री उमेश मिश्रा  ने कहा कि विभाग द्वारा स्थानांतरण नीति के विपरीत किए गए स्थानांतरण को महानिदेशालय स्तर द्वारा संशोधित/निरस्त किया जाना चाहिए था। जिसका अनुरोध परिषद द्वारा अनेकों बार किया गया लेकिन कोई अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई एवं महानिदेशक द्वारा टालमटोल का रवैया अपनाते हुए एक ओर अपने स्तर से एक कमेटी गठित कर दी गई एवं दूसरी ओर दिनांक 4 जुलाई 2022 को जनपद के अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को तत्काल एक तरफा रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए गए, जिससे पूरे प्रदेश में अफरा तफरी का माहौल है। जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।


आज धरना की अध्यक्षता सुभाष श्रीवास्तव ने की धरना मंे सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुये। धरना में प्रस्ताव रखा गया है कि दिनांक 26 जुलाई से 30 जुलाई तक दो घण्टे का कार्य बहिष्कार  को सभी ने ध्वनिमत से पास किया व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से मा0 मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित कर अनुरोध किया कि स्वास्थ्य विभाग में नियमविरूद्ध किये गये स्थानान्तरण को तत्काल निरस्त करने हेतु निर्देशित करें। जिससे कर्मचारी व सरकार के बीच सद्भाव का वातावरण बने रहे। प्रदेश के विकास को गती मिले।
प्रेस वार्ता में डी0डी0 त्रिपाठी अध्यक्ष व राजीव तिवारी महामंत्री, डेन्टल हाइजनिस्ट एसो0, जी0 एम0 सिंह,  अध्यक्ष आप्टोमेट्रिस्ट एसो0 उ0प्र0, अनिल चैधरी महामंत्री प्रोवेन्सियल फिजियोथेरेपिस्ट एसो0 ,महामंत्री बी0 के0 सिंह महामंत्री प्रयोगशाला सहायक संघ उ0प्र0, आसीष पाण्डे, धनन्जय तिवारी, अध्यक्ष, बेसिक हेल्थ वर्कर एसो0 उ0प्र0, महामंत्री फारेस्ट फेडरेशन, राजेश कुमार चैधरी, मण्डलीय मंत्री, परिषद के संजय पाण्डेय, का0 सचिव अजय पाण्डेय मीडिया प्रभारी सुनील कुमार, एल0टी0 एसो0 के सचिव कमल श्रीवास्तव, सतीश यादव राजकीय कुष्ठ कर्मचारी संघ ,प्रदीप गंगवार, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे ।