अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में आयकर विभाग के 27 ठिकानों पर छापे

ईडी की पूछताछ को राहुल गांधी खुद सार्वजनिक करें। आखिर एक सांसद के तौर पर राहुल गांधी जनता के प्रतिनिधि हैं।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में आयकर विभाग के 27 ठिकानों पर छापे।राजस्थान के बेरोजगार अब दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।

एस0 पी0 मित्तल

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राहुल गांधी से पूछताछ की खबरें मीडिया में लीक होने पर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस की ओर से कई केंद्रीय मंत्रियों को नोटिस भी भेजा गया है। सवाल उठता है कि पूछताछ की खबरों पर कांग्रेस को एतराज क्यों हैं? कांग्रेस की ओर से बार बार यह दावा किया जा रहा है कि नेशनल हेराल्ड अखबार की दो हजार करोड़ रुपए की संपत्ति का मालिकाना हक हथियाने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का कोई दोष नहीं है। जब कोई दोष नहीं है तो फिर पूछताछ की खबरों के छपने पर एतराज क्यों हो रहा है? यदि राहुल गांधी ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उन्हें स्वयं ईडी की पूछताछ के बारे जानकारी देनी चाहिए। नेशनल हेराल्ड प्रकरण में हुई वित्तीय अनियमितता के सवालों पर क्या जवाब दिए हैं यह जानकारी राहुल गांधी को खुद सार्वजनिक करनी चाहिए। आखिर राहुल गांधी एक सांसद के नाते जनता के प्रतिनिधि भी हैं। ईडी की पूछताछ पर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने अपने प्रदेश को छोड़कर चार दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हैं। हजारों कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं तो 16 जून को ही देशभर में राजभवनों का घेराव किया गया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मान रहे हैं कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी बेवजह गांधी परिवार को तंग कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी की यह जवाबदेही है कि वे पूछताछ के तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक करें। ताकि देश के सामने सच्चाई आ सके। यदि ईडी के अधिकारी राहुल गांधी को बेवजह तंग कर रहे होंगे तो मोदी सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया जा सकेगा।

जोधपुर में आयकर के छापे-

राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी चार दिनों से दिल्ली में ही डेरा जमाए हैं। 16 जून को भी कांग्रेस मुख्यालय में बैठ कर सीएम गहलोत ने रणनीति बनाई, हालांकि 16 जून को ईडी ने राहुल को नहीं बुलाया, लेकिन 17 जून को एक बार पूछताछ के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि जब तक पूछताछ के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि जब तक पूछताछ समाप्त नहीं होगी, तब तक राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री दिल्ली में ही रहेंगे। हालांकि पूछताछ के लिए ईडी ने सोनिया गांधी को भी नोटिस जारी किया है। देखना होगा कि जब सोनिया गांधी से पूछताछ होगी, तब कांग्रेस के कार्यकर्ता कितना विरोध करेंगे। उधर दिल्ली में सीएम अशोक गहलोत ईडी की पूछताछ को लेकर रणनीति बना रहे हैं, वहीं 16 जून को सीएम गहलोत के गृह जिले जोधपुर में आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर छापामार कार्यवाही की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिडर्स, सूदखोर, प्रॉपर्टी बुलियन और ज्वैलर्स तथा हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों के 30 से भी अधिक ठिकानों पर एक साथ आकस्मिक हड़ताल का काम शुरू किया गया है। इससे पूरे जोधपुर में हड़कंप मच गया है। जिन कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्यवाही जारी है उनमें महावीर लूणिया, सुमित अग्रवाल, शिवनारायण सर्राफ, द्वारका आदि के नाम बताए जा रहे हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार इन कारोबारियों में अनेक राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं। जानकारों की माने तो इन कारोबारियों ने टैक्स चुकाने में वित्तीय अनियमितताएं की है।

बेरोजगार का दिल्ली कूच-

राजस्थान एकीकृत बेरोजगार महासंघ के बैनर तले 16 जून को जयपुर में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान जब उन्होंने लखनऊ में प्रदर्शन किया था, तब अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने समझौता किया। इस समझौते में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की भर्ती निकालने का वायदा किया गया, लेकिन सरकार ने आज तक भी एक भी वादा पूरा नहीं किया है। जिससे प्रदेश के हजारों बेरोजगार नौकरी प्राप्त करने से वंचित हैं। सरकार जानबूझकर युवाओं के हितों पर कुठाराघात कर रही है। चूंकि अब जयपुर में कोई सुनवाई नहीं हो रही है इसलिए प्रदेश भर के बेरोजगार दिल्ली कूच कर रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ताकि गहलोत सरकार पर दबाव डाला जा सके।

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