उपभोक्ता फोरम मोबाईल विवाद मामले में रिलायंस कंपनी पर ठोंका जुर्माना

मय हर्जाना रिलायंस कंपनी तीस दिन के अंदर परिवादी को दे नया मोबाईल या ब्याज सहित वापस करे पैसाl उपभोक्ताओं के साथ सर्विस में लापरवाही नहीं कर सकती कंपनियांl

लखनऊ l लखनऊ जिला उपभोक्ता फोरम, लखनऊ ने परिवादी मनोज कुमार के मामले में रिलायंस इण्डस्ट्रीज के खिलाफ आदेश पारित करते हुए मय हर्जा-खर्चा मोबाईल की रकम वापस करने को कहा l मामला यह था कि लखनऊ निवासी मनोज कुमार ने लखनऊ स्थित शेखर एसेसरीज से रु 11,000/- की कीमत का मोबाईल खरीदा था जिसमें चार्जिंग के दौरान गर्म होकर स्विच आफ होने की समस्या थी जब उसने इस समस्या को शेखर एसेसरीज के मालिक से बताया तो उसने परिवादी को एल.वाई.एफ. सर्विस सेंटर भेज दिया जहां उसे कई महीने दौड़ाया गया लेकिन, उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ l

अधिवक्ता विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि कंपनी की सर्विस से परेशान होकर उसने उक्त दोनों सहित रिलायंस रीटेल और रिलायंस इण्डस्ट्रीज,मुंबई के खिलाफ परिवाद दायर किया l परिवाद का जबर्दस्त विरोध विपक्षियों द्वारा करते हुए कहा गया कि उनकी तरफ से उपभोक्ता को सर्विस देने में किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है l लेकिन दोनों पक्षों के अभिकथन के परिप्रेक्ष्य और दस्तावेजों के देखने के बाद बेंच के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी, सदस्य अखिलेश कुमार अस्थाना एवं प्रतिभा सिंह ने एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए विपक्षियों को आदेशित किया कि एक महीने के अंदर कंपनी उसी कीमत और कंपनी का मोबाईल फोन दे या रु.11,000/- नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे, रु.5000/- मानसिक क्षति और रु. 5000/- वाद व्यय के रूप में दे यदि, तीस दिन में आदेश का पालन नहीं होता तो बारह प्रतिशत ब्याज के साथ देना होगा l