तीसरे इंवेस्टर समिट में सरकार के झूठे सपने-संजय सिंह

इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर धन की बर्बादी, स्वास्थ्य, शिक्षा व्यवस्थाएं जर्जर, रोजगार के नाम पर युवाओं को मिली लाठियां, कानून व्यवस्था भी धराशाही।आप सांसद संजय सिंह ने यूपी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी पर खर्च किये गये करोड़ों रुपये पर उठाया सवाल कहा सरकार जनता की मेहनत की कमाई को बर्बाद कर रही।तीसरे इंवेस्टर समिट में भी सरकार ने केवल दिखाए जनता को झूठे सपने।विकास का दावा करने वाले मोदी जी बताएं वास्तविक धरातल पर यूपी में कितना काम हुआ।

महेंद्र सिंह

लखनऊ। प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई के करोंडों रुपये शुक्रवार को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी के नाम पर खर्च कर दिये। विकास के नाम पर फिर झूठ सपने जनता को दिखाए गये। आप सांसद संजय सिंह ने यूपी में आयोजित तीसरे इंवेस्टर समिट में सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च करने पर सवाल उठाया। साथ ही उन्होंने विकास के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से दिये गये भाषण पर भी टिप्पणि की। उन्होंने कहा सरकार ने एक बार फिर से जनता से हवा हवाई वादे करके गुमराह करने का काम किया है।

संजय सिंह ने कहा कि इन्वेस्टर समिट के नाम पर सरकार दिखावा कर रही है। 2018 में सरकार ने निवेशक सम्मेलन के दौरान 65.15 करोड़ रुपये सजावट पर खर्च किये। इसी तरह तीन सम्मेलनों में सौंदर्यीकरण के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए । सुविधाओं और योजनाओं के नाम पर कोई काम यूपी में नहीं हुआ। संजय सिंह ने कहा सरकार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी- 3.0 में 80 हजार करोड़ मूल्य की 1406 परियोजनाओं को साकार करने का झूठा सपना दिखा रही है। इससे पहले वो पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 61.8 हजार करोड़ की 81 परियोजनाएं और दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी पर 67 हजार करोड़ रुपये की 290 परियोजनाओं में निवेश का झूठा सपना जनता को दिखा चुकी है। संजय सिंह ने कहा कि वास्तितवकता में धरातल पर यूपी में कोई विकास नजर नहीं आया है। करोड़ों रुपये का निवेश कहां किया जा रहा है यह दिखाई नहीं पड़ रहा है। रोजगार को लेकर सरकार बिलकुल चिंतित नहीं है जैसे यह कोई समस्या ही नहीं है। अम्बानी अडानी दो गुजराती मौज ले रहे है। रबड़ फैक्ट्री भी चालू हो रही थी उसके बाद विमको और आईटीआर बंद हो गया। टैक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क, मेगा फूड पार्क की घोषणा 5 साल पहले हुई थी। इनके पत्थर लग गए थे उस समय, उसके बाद टैक्सटाइल पार्क का पत्थर भी गायब हो गया। संजय सिंह ने कहा कि मैं आदित्यनाथ सरकार से पूछना चाहता हूं कि यह कैसा विकास यूपी में हो रहा है।

संजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य की बात करें तो अस्पतालों डॉक्टरों की कमी है। दवाईयां हैं ही नहीं। एम्बुलेंस की व्यवस्था चौपट है। बेटा अपने पिता को कंधे पर अस्पताल लेकर जाने की फोटो समाचार पत्रों में छप रही हैं। कोरोना में हम सबने देखा ही है कि गंगा में किस तरह से लाशें बह रही थीं। संजय सिंह ने कहा कि यूपी में युवा रोजगार मांगता है तो उसको लाठियों से पीटा जाता है। भर्तियों में आरक्षण के नाम पर घोटाला होता है।

संजय सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार किसान सम्मान निधि के अपात्रों से वसूली करती है। 3 लाख किसानों से 200 करोड़ रुपये की वसूली छल करने के समान है। गरीब इतना पैसा कहां से सरकार को देगा। इतना ही नहीं यूपी की आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे पा रही है। उत्तर प्रदेश में गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। योगी आदित्यनाथ बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगाकर 1,07,000 स्कूलों के कायाकल्प का दावा कर रहे हैं, लेकिन विद्यालय की छतें गिर रही हैं जो सरकार की झूठ की पोल खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बिना देश और समाज के विकास की कल्पना बेमानी है, ऐसे में योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में झूठे दावे करके प्रदेश की जनता के साथ छल कर रही है।

आप सांसद ने कहा कि यूपी में निवेश की बात करने वाली आदित्यनाथ सरकार से पूछना चाहता हूं कि अपराधों पर नियंत्रण के नाम पर उन्होंने क्या किया। एटा में शिक्षक स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करता है, कन्नौज में युवती के चेहरे पर नकाबपोश बाइक सवार तेजाब फेंक देता है। दुष्कर्म के बाद बालिका की पीटकर हत्या की जाती है, खीरी में ढाई साल की बच्ची से रेप, प्रयागराज में छात्रा से छेड़खानी होती है। वाराणसी, शामली, शाहजहांपुर, सीतापुर, हाथरस, मिर्जापुर, बागपत, मुरादाबाद और लखनऊ में अपराधों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा है कि यूपी में कानून व्यवस्था इतनी बुरी तरह से चरमरा गई है कि लोग डरे और सहमे हुए हैं। आदित्यनाथ की सरकार से जनता त्रस्त हो चुकी है।

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