प्रतापगढ़ में धारा-144 लागू

जनपद में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत 20 जुलाई तक निषेधाज्ञा लागू

प्रतापगढ़। जनपद में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने, विभिन्न परीक्षाओं के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरते जाने व परीक्षाओं को सकुशल, नकलविहीन सम्पन्न कराने एवं त्योहारों को सद्भाव व सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के हेतु अपर जिला मजिस्ट्रेट मुकेश चन्द्र ने दिनांक 20 जुलाई 2022 तक दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत जनपद प्रतापगढ़ के सम्पूर्ण क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। उन्होने बताया है कि एक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का विधि विरूद्ध जमाव प्रतिबन्धित किया जाता है। त्योहार के पावन पर्व पर कोई नई परम्परा नही कायम की जायेगी। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक स्थल पर कोई ऐसी जनसभा, रैली या जुलूस का आयोजन नहीं किया जायेगा और न ही किसी प्रकार की अफवाह फैलायी जायेगी जिससे विभिन्न समुदाय के लोगों में मनमुटाव, वैमनस्यता या घृणा की भावना उत्पन्न हो। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह कोई ऐसी आलोचना नही करेगा जिसकी सत्यता स्थापित न हुई हो या तोड़-मरोड़ कर कही गयी बातों पर आधारित हो एवं जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नही देगा।

मस्जिदों, गिरिजाघरों, मन्दिरों या अन्य पूजा स्थलों को सभा स्थल के रूप में प्रयोग नही किया जायेगा और न ही इन स्थानों से जुलूस या रैली निकाली या समाप्त की जायेगी। कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थानों पर रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, एक नली बंदूक व दो नली बंदूक अथवा घातक हथियार यथा चाकू, बल्लम, फरसा, विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, तेजाब आदि अथवा लाठी, डंडा, हाकी स्टिक आदि या किसी भी प्रकार का हथियार/शस्त्र लेकर नहीं चलेगा, न तो उसका प्रयोग करेगा। जनपद में सम्पन्न होने वाली परीक्षा से सम्बन्धित क्षेत्र में समस्त स्टॉफ, अधिकारी, परीक्षार्थी, मजिस्ट्रेट एवं सुरक्षा बल के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति अथवा समूह परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नही करेगा। परीक्षा केन्द्र के आस-पास 200 मीटर की परिधि में फोटो कापियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतया प्रतिबन्धित होगा। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह परीक्षाओं को सकुशल तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराये जाने में न तो किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करेगा और न ही ऐसी कोई कार्यवाही करेगा जिससे कि परीक्षा को सम्पन्न कराये जाने में कोई बाधा उत्पन्न हो एवं उसकी शुचिता व निष्पक्षता पर किसी प्रकार का कोई कुप्रभाव पड़े।