प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त-सपा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बहन-बेटियों की हत्या, दुष्कर्म, विपक्षी दलों खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमें, उत्पीड़न, गरीबों के घरों पर चलाए जा रहे बुलडोजर, किसानों का बकाया गन्ना भुगतान, किसानों की आत्महत्या, प्रदेश में सूखा संकट समेत अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा भवन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से धरना देने जा रहे समाजवादी पार्टी विधायको, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस दुर्व्यवहार और गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की है।

श्री यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी सरकार है। सरकार का रवैया पूरी तरह अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण है। जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। भाजपा सरकार लगातार जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात है। जनता और विपक्ष की आवाज को कुचलने का षड्यंत्र है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबा रही है। जनता 2024 में भाजपा की इस तानाशाही सरकार को सबक सिखायेगी। समाजवादी सरकारी दमन से दबने या डरने वाले नहीं है।

समाजवादी पार्टी विधायकों के धरने से बौखलाई भाजपा सरकार ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए समाजवादी पार्टी के विधायकों, नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को रात से ही घरों में नज़र बंद कर दिया। घरों से बाहर पुलिस बैठा दी गई। किसी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल, पूर्व मंत्री श्री अरविन्द सिंह गोप तथा विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री रविदास मेहरोत्रा को आज उनके घरो में नज़रबंद कर दिया गया।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय 19 विक्रमादित्य मार्ग लखनऊ के बाहर एकत्र हो रहे विधायकों तथा पार्टी नेताओं को पुलिस ने बलपूर्वक रोका। पुलिस और नेताओं की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनके हाथ से नारे लिखी तख्तियां छीन लीं और उन्हें धक्का देकर बसों में ठूंस दिया गया। कई विधायक एवं नेता पुलिस की धक्कामुक्की से घायल भी हो गए।

विधायक एवं पूर्वमंत्री श्री मनोज कुमार पाण्डेय का पुलिस ने हाथ मरोड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा जबरन बसो में बैठाकर इको गार्डेन ले जाया गया। जहां वे भारी बारिश में पानी में भीगते रहे।आज जिन विधायकों, पूर्व विधायक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनमें सर्वश्री मनोज कुमार पाण्डेय विधायक ऊंचाहार (मुख्य सचेतक समाजवादी पार्टी विधानमण्डल दल), मोहम्मद फहीम इरफान विधायक बिलारी, राकेश प्रताप सिंह विधायक गौरीगंज, चन्द्र प्रकाश लोधी विधायक फतेहपुर, जाहिद बेग विधायक भदोही, राहुल लोधी विधायक हरचन्द्रपुर, अभय सिंह विधायक गोसाईगंज, गौरव रावत विधायक बाराबंकी, समर पाल सिंह विधायक अमरोहा, ऊषा मौर्या विधायक हुसैनगंज फतेहपुर, राजेन्द्र प्रसाद चौधरी विधायक बस्ती, धर्मराज यादव (सुरेश यादव) विधायक बाराबंकी, संदीप पटेल विधायक मेजा, महेन्द्र यादव विधायक बस्ती, मोहम्मद ताहिर इसौली सुल्तानपुर, बैजनाथ दुबे पूर्व विधायक, मुनीन्द्र शुक्ला पूर्व विधायक, सतीश निगम पूर्व विधायक, संतोष यादव सनी पूर्व एमएलसी, राजेश यादव पूर्व एमएलसी, आनंद भदौरिया पूर्व एमएलसी, उदयवीर सिंह पूर्व एमएलसी, उदयराज यादव पूर्व विधायक, आरिफ अनवर हाशमी पूर्व विधायक डॉ0 राजपाल कश्यप पूर्व एमएलसी, राजेन्द्र यादव पूर्व विधायक बीकेटी लखनऊ आदि प्रमुख हैं।