फीस वृद्धि के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेना दुखद एवं चिन्तनीय-संजय सिंह

इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र आशुतोष तिवारी द्वारा फीस वृद्धि के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेना दुखद एवं चिन्तनीय घटना है।

लखनऊ।
इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र आशुतोष तिवारी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेना दुखद एवं उत्तर प्रदेश वासियों के लिए चिन्तनीय घटना है। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है मगर ना ही मोदी सरकार और न ही योगी सरकार इस घटना पर गंभीर हैं। दोनों ही इस घटना पर मौन हैं। लगभग 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 80 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं और गरीब हैं। बच्चों को महंगी शिक्षा दे पाना उनके बस की बात नहीं है। आशुतोष तिवारी के माता पिता भी इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 400 प्रतिशत फीस बढ़ जाने के बाद फीस देने में असक्षम थे। नतीजन आशुतोष तिवारी ने अपने मरते हुए सुनहरे भविष्य को देखते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि जब से उत्तर प्रदेश एवं केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है तब से गरीब और गरीब होता जा रहा है। कुछ अमीर बहुत अमीर हो गये। जहां किसान अपनी फसल का उचित दाम नहीं पा रहा है कर्ज के बोझ तले आत्महत्या को मजबूर है, अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने में असक्षम है। वहीं चंद उद्योगपतियों के लाखों करोड़ के कर्ज माफ कर श्रेय लिया जा रहा है। जिस देश में 45 साल के सबसे उच्चतम दर पर बेरोजगारी है। सभी सरकारी संस्थाओं का निजीकरण हो रहा है, निश्चित रूप से शिक्षा को भी महंगा करना इस सरकार की प्राथमिकता में है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 400 प्रतिशत फीस वृद्धि कर भाजपा सरकार ने एक ऐतिहासिक नौजवान विरोधी कदम उठाया है। नौजवान छात्र इस केन्द्रीय विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोत्तरी को शायद कभी भूल पाये। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जहां देश के तमाम राज्यों से छात्र पढ़ने आते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश एवं बिहार के साधरण परिवारों के बच्चे सबसे ज्यादा पढ़ने आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बढ़ी हुई फीस वापस नहीं लेती है तो कांग्रेस सड़कों पर आन्दोलन करेगी। युवाओं और किसानों के बीच जाकर 2024 में इस युवा, किसान, गरीब विरोधी सरकार को हराने का आह्वाहन करेगी।