विरोध की कमान राजस्थान के मुख्यमंत्री ने संभाली

दिल्ली में कांग्रेस के विरोध की कमान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संभाली।राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में जंतर मंतर पर कांग्रेस के सत्याग्रह में राजस्थानियों की भीड़।

एस0 पी0 मित्तल

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी से 20 जून को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने चौथे दिन की पूछताछ की। नेशनल हेराल्ड अखबार की 2 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिकाना हक के हस्तांतरण में हुई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर ईडी राहुल गांधी से पूछताछ कर रही है। हस्तांतरित मालिकाना हक में राहुल गांधी और उनकी माता जी श्रीमती सोनिया गांधी का 37-37 प्रतिशत का शेयर है। राहुल गांधी से हो रही पूछताछ का कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार विरोध कर रहे हैं। पूर्व में 13 से 15 जून के बीच हुई पूछताछ में भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली में ही रहे। 20 जून को होने वाली पूछताछ के मद्देनजर सीएम गहलोत 19 जून को ही दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली में रहकर सीएम गहलोत कांग्रेस के विरोध की कमान संभाल रहे हैं। गहलोत ने जो रणनीति बनाई उसी का परिणाम रहा कि 20 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए सत्याग्रह में कांग्रेस के नए पुराने नेता बड़ी संख्या में देखने को मिले। सभी नेताओं को मंच पर सम्मान के साथ बैठाया गया। भीड़ में सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान के कार्यकर्ताओं की रही। सीएम गहलोत द्वारा कमान संभालने के कारण ही राजस्थान के कई मंत्री और कांग्रेस के पदाधिकारी दिल्ली में टिके हुए हैं।

सीएम गहलोत को महात्मा गांधी का अनुयायी माना जाता है। इसलिए धरना प्रदर्शन का स्वरूप बदलते हुए सत्याग्रह की शुरुआत की गई है। 20 जून को गहलोत ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी दिल्ली पुलिस कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तंग कर रही है। नेताओं और कार्यकर्ताओं को सत्याग्रह स्थल जंतर मंतर पर नहीं आने दिया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि समझ नहीं आता कि कांग्रेस के सत्याग्रह से मोदी सरकार क्यों डर रही है? गहलोत ने कहा कि कांग्रेस को डराने के लिए हमारे नेता राहुल गांधी से चौथे दिन की पूछताछ हो रही है। जबकि सच्चाई यह है कि नेशनल हेराल्ड अखबार का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है। यह अखबार स्वतंत्रता आंदोलन में जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था। कांग्रेस के कार्यकर्ता चाहते हैं कि यह अखबार निरंतर प्रकाशित होता रहे। इसलिए अखबार की कमान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई। जब अखबार का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है तब ईडी किस बात की पूछताछ कर रही है। गहलोत ने कहा कि ईडी या अन्य जांच एजेंसियों की पूछताछ से गांधी परिवार और कांग्रेस नेता डरने वाले नहीं है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 17 जून को सीएम गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत से जोधपुर में सीबीआई के अधिकारियों ने भी पूछताछ की थी। अग्रसेन गहलोत को 2007 में हुए खाद घोटाले का आरोपी माना गया है। देश भर में जिन 17 खाद-बीज कारोबारियों के विरुद्ध सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया उनमें अग्रसेन गहलोत भी शामिल हैं। सीएम गहलोत का कहना है कि वे दिल्ली में मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन चला रहे हैं, इसलिए उनके भाई के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन सीबीआई की इस कार्यवाही से भी वे डरने वाले नहीं है।