जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था-योगी

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जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था-योगी
जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था-योगी

जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था। मुख्यमंत्री ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबू चतुर्भुज सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण। डिग्री बांटने के अड्डे की जगह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनें शिक्षण संस्थान। कुछ लोग आज भी जाति के नाम पर समाज को बांटना चाहते हैं। जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था-योगी

लखनऊ/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था। कुछ लोग आज भी जाति के नाम पर समाज को बांटना चाहते हैं। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जाति के जहर को समाज में घोलने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सावधान रहना पड़ेगा। इस जहर से किसी का हित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में जो भी व्यक्ति कार्य कर रहा है, उसे राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। इससे ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार हो सकेगी। सीएम योगी ने कहा कि हमारे शिक्षण संस्थान डिग्री बांटने का अड्डा न बनें, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनकर उभरें। योगी ने यह बातें रविवार को जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बांसगांव के पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबू चतुर्भुज सिंह की प्रतिमा के अनावरण के उपरांत आयोजित समारोह में कहीं।

विपरीत परिस्थितियों से जूझने की थी बाबू चतुर्भुज सिंह की प्रवृत्ति

उन्होंने कहा कि बाबू चतुर्भुज सिंह की विपरीत परिस्थितियों से जूझने की प्रवृत्ति थी। वह वरिष्ठ समाजसेवी थे। सुख-दुख में प्रत्येक व्यक्ति के साथ खड़े रहते थे। वह सम और विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए जनहित से जुड़े हुए मुद्दे को प्रखरता के साथ आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहते थे। सीएम योगी ने कहा कि जिस कालखंड में सरकार का प्रोत्साहन कम था, उस समय बांसगांव क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना एक सपना था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख, बांसगांव बाबू चतुर्भुज सिंह जी की प्रतिमा के अनावरण करते तथा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये।

शिक्षण संस्थानों को दिखानी पड़ेगा मंजिल तक पहुंचने की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय जस्टिस केडी शाही के मार्गदर्शन में यहां पर बाबू चतुर्भुज सिंह ने इस कॉलेज की स्थापना के दायित्व को अपने कंधों पर लिया। देखते ही देखते यहां पर महाविद्यालय बना। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों से निकले छात्र-छात्राओं में अपने भविष्य को लेकर भ्रम की स्थिति न हो। उनके सामने पहले से निर्धारित लक्ष्य हो। इसकी जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों और अध्यापकों की है। उन्होंने कहा कि हर राह मंजिल तक जरूर पहुंचती है। मंजिल तक पहुंचने की राह दिखाने का माध्यम हमारे शिक्षण संस्थानों को बनना पड़ेगा। इसके लिए छात्र-छात्राओं को भी कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।

दुर्बलता का कारण बनेगा शॉर्टकट का रास्ता

योगी ने छात्र-छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा कि कभी भी जीवन में लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए शॉर्टकट का रास्ता मत अपनाना। शॉर्टकट का रास्ता दुर्बलता का कारण बनेगा। यह जीवन में स्थायित्व नहीं दे पाएगा। उन्होंने कहा कि विकास ही लोगों के जीवन में परिवर्तन ला सकता है। विकास जब भी आता है तो तात्कालिक परेशानी तो होती है। उदाहरणस्वरूप जब सड़क का निर्माण होता है तो अतिक्रमण हटाया जाता है। इससे कुछ समय के लिए कुछ लोगों को परेशानी होती है, लेकिन लंबे समय तक उसका लाभ समाज के प्रत्येक तबके को प्राप्त होता है।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी ने जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। साथ ही परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाकर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस दौरान पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, विधायक श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, भाजपा के जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। जाति का जहर ही देश की गुलामी का कारण था-योगी