पुत्र रत्न की प्राप्ति ना होने पर पीड़िता को घर से निकाला

अजय सिंह

पुत्र रत्न की प्राप्ति ना होने पर पीड़िता को घर से निकाला। 9 वर्षों से रह रहे थे साथ, पीड़िता को हक दिलाने के लिए भटका रही थाना बन्नादेवी की पुलिस।

अलीगढ़। थाना बन्नादेवी क्षेत्र के मोहल्ला सराय नवाब की रहने वाली राखी अग्रवाल जो कि काफी समय से अपने हक के लिए कोर्ट के माध्यम से लड़ रही थी अपने परिवार अपनी पुत्रियों के लिए सिर्फ इसका विवाद था बस उसका कसूर यह था कि उसको कोई पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हुई, जब कोर्ट ने इसके पक्ष में अपना फैसला दे दिया है तो क्यों इस को उसके ससुराल पक्ष वाले घर में नहीं रख रहे क्यों उसको उसी की बेटियों से दूर रखा जा रहा है ना ही इसकी कोई पुलिस प्रशासन मदद कर रहा है और न ही इसकी कोई सुनवाई हो रही है। इस बिचारी का कसूर क्या है कि यह एक बेटे को जन्म नहीं दे पाई,, पुत्र हो या पुत्री है तो सब ईश्वर के हाथ में हैं, पीड़िता राखी अग्रवाल का कहना है कि थाने वाले रोज थाने पर बुलाते हैं फिर कहते हैं साहब जी नहीं है बाद में आना धूप में खड़ा रखते हैं शाम को आना रात को आना इस तरह से पीड़िता को गुमराह किया जा रहा है अब राखी अग्रवाल थाने चौकी के चक्कर लगा लगा कर थक गई है। राखी अग्रवाल पिछले 9 वर्षों से अपने पति के साथ रह रही थी राखी अग्रवाल पर दो पुत्रियां हैं पुत्र ना होने पर राखी अग्रवाल के पति विशाल अग्रवाल ने उसे अपने घर से बेदखल कर दिया राखी ने कोर्ट में केस डाला तो कोर्ट ने राखी के हक में फैसला सुना दिया लेकिन पुलिस वाले कोर्ट के फैसले को भी नहीं मान रहे हैं। राखी अग्रवाल अपने हक के लिए बहुत प्रयास कर चुकी है मगर पुलिस प्रशासन इनकी कोई भी नहीं सुन रहा है। अपने हक के न्याय के लिए पीड़िता को भटकना पड़ रहा है।