यह लोकतंत्र की जीत है-अखिलेश यादव

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यह लोकतंत्र की जीत है-अखिलेश यादव
यह लोकतंत्र की जीत है-अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता ने देश को एक बार फिर से नई राह दिखाई है,नई आस जगाई है। 2024 लोकसभा का चुनाव संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की और सामाजिक न्याय की जीत है। उत्तर प्रदेश की प्रगतिशील जनता के विचार ही वोट के रूप में हमें मिले हैं। ये बंटवारे की नकारात्मक राजनीति के खिलाफ सौहार्द भाईचारे और सकारात्मक राजनीति की जीत है। ये इंडिया गठबंधन और पीडीए एकता की जीत है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह उस दलित-बहुजन भरोसे की भी जीत है जिसने अपने पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े सभी उपेक्षित, शोषित, उत्पीड़ित समाज के साथ मिलकर उस संविधान को बचाने के लिए कंधे-से-कंधा मिलाकर संघर्ष किया है जो समता-समानता, सम्मान-स्वाभिमान, गरिमामय जीवन एवं आरक्षण का अधिकार देता है। यह लोकतंत्र की जीत है-अखिलेश यादव

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उनकी कैबिनेट के 11 केंद्रीय मंत्री मैदान में उतरे थे। लेकिन अखिलेश यादव और राहुल गांधी की सोशल इंजीनियरिंग के सामने 7 मंत्रियों को करारी हार मिली। इनमें स्मृति ईरानी, अजय मिश्रा टेनी और महेन्द्रनाथ पांडेय का नाम भी शामिल है। हालांकि वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लखनऊ से राजनाथ सिंह जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे। अमेठी लोकसभा सीट से 2019 में बड़ा उलटफेर कर राहुल गांधी को शिकस्त देने वाली स्मृति ईरानी को इस बार बड़ी हार मिली है। गांधी परिवार के करीब किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें डेढ़ लाख से अधिक वोटों से हराकर अमेठी की सीट फिर से कांग्रेस की झोली में डाल दी। वहीं लखीमपुर खीरी सीट से दो बार के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी हैट्रिक लगाने से चूक गए। उन्हें समाजवादी पार्टी के उत्कर्ष वर्मा ने 33 हजार से अधिक वोटों से हराया।

अखिलेश यादव ने कहा कि ⁠ये नारी के मान और महिला-सुरक्षा के भाव की जीत है। ये नवयुवतियों-नवयुवकों के सुनहरे भविष्य की जीत है। ⁠⁠ये किसान-मज़दूर-कारोबारियों-व्यापारियों की नयी उम्मीदों की जीत है। ये सर्व समाज के सौहार्द-प्रिय, समावेशी सोच वाले समता-समानतावादी सकारात्मक लोगों की सामूहिक जीत है। ⁠ये निष्पक्ष, निष्कलंक मीडिया के निरंतर, अथक, निर्भय, ईमानदार प्रयासों की जीत है। ⁠ये संविधान को संजीवनी मानने वाले संविधान-रक्षकों की जीत है। ⁠ये लोकतंत्र के हिमायती-हिम्मती लोगों की जीत है। ⁠ये ग़रीब की जीत है। ये लोकतंत्र की जीत है। ⁠ये सकारात्मक राजनीति की जीत है। ⁠ये मन के सच्चे और अच्छे लोगों की जीत है। ये INDIA की टीम और PDA की रणनीति की जीत है। अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाताओं ने साबित कर दिया है कि जनता की शक्ति से बड़ा न किसी का बल होता है, न किसी का छल। इस बार जनता ही जीती है, शासक नहीं। जनता जीतती रहे।   यह लोकतंत्र की जीत है-अखिलेश यादव