स्वास्थ्य विभाग में 48 चिकित्सकों के ट्रांसफर निरस्त

राजू यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 48 चिकित्सकों के गलत ढंग से हुए तबादले किए गए रद्द,लेवल वन के 313 चिकित्सा अधिकारियों के किए गए नीतिगत का स्थानांतरण में 48 ऐसे चिकित्सकों के नाम गलत ढंग से सूची में अंकित किए गए थे जो लेवल 2 लेवल 3 के आयुष दंत अन्य संवर्ग के थे।इन सभी 48 चिकित्सकों का स्थानांतरण रद्द किया गया है।उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में तबादला नीति के खिलाफ हुए ट्रांसफर पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को विशेष सचिव डॉक्टर मन्नान अख्तर ने आदेश जारी करते हुए 48 चिकित्सकों के गलत ढंग से हुए तबादले रद्द कर दिए हैं। बीते 30 जून को लेवल 1 के 313 चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए थे। इनमें 48 ऐसे चिकित्सकों के नाम गलत ढंग से सूची में अंकित को गए थे, जो लेवल 2, लेवल 3 के आयुष दंत अन्य संवर्ग के थे।योगी सरकार के आदेश पर चीफ सेक्रेटरी की अगुवाई में 3 वरिष्ठ आईएएस अफसरों की कमेटी बनाकर जांच रिपोर्ट मांगी। जांच कमेटी ने जांच के बाद तय समय में सीएम को रिपोर्ट सौंप दी। जांच रिपोर्ट में ट्रांसफर लिस्ट में कई जगह नियमों की अनदेखी सामने आई। इसके बाद बीते सोमवार को स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर में हुईं गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई की थी।

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के हुए तबादलों में गड़बड़ी पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नाराजगी जताई थी। बिना जानकारी के उनके ही विभाग में किए गए तबादलों की शिकायत उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। ब्रजेश पाठक ने 4 जुलाई को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र कहा था कि चिकित्सा विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। इसमें कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं. ब्रजेश पाठक ने आपत्ति जताई थी कि तबादलों में स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया।

आदेश में कहा गया है कि वार्षिक स्थानान्तरण सत्र 2022-23 में कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें की ओर से लेवल-1 के 313 चिकित्साधिकारियों के किये गए नीतिगत ट्रांसफर में 48 ऐसे चिकित्सकों के नाम गलती से सूची में अंकित हो गए थे, जो लेवल-2 और 3 यानी आयुष और डेंटल सर्जन संवर्ग के थे। इसी कारण इस गलती को सुधारते हुये तबादले को निरस्त किया जा रहा है।स्थानांतरण में 48 ऐसे चिकित्सकों के नाम गलत ढंग से सूची में अंकित हो गए थे जो लेवल 2 और लेवल 3 के आयुष दंत अन्य संवर्ग के थे। इसे लेकर तमाम विवाद भी हुये। अंतत: इन सभी 48 चिकित्सकों का स्थानांतरण रद्द कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों की लिस्ट पर मंथन जारी है।

उपमुख्यमंत्री और अपर मुख्यसचिव स्वास्थ अमित मोहन प्रसाद के बीच काफी समय से मनमुटाव की चर्चा ब्यूरोक्रेसी के गलियारे में चल रही है। मगर, जब पाठक का पत्र सार्वजनिक हुआ तो यह मनमुटाव खुलकर सामने आ गया।डिप्टी सीएम ने यहां तक कहा था कि लिस्ट में मृतकों के ट्रांसफर हुए थे। सिर्फ यही नहीं, मौत के 13 दिन बाद प्रयागराज के जिस डॉक्टर का ट्रांसफर किया गया था। उपमुख्यमंत्री खुद उनके घर भी मिलने पहुंचे थे। इसके अलावा, जब डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विभाग का 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। इस दौरान उनके ठीक बगल में अपर मुख्यसचिव अमित मोहन प्रसाद मौजूद थे। करीब 18 मिनट तक चली प्रेस कॉन्फ्रेन्स में दोनों ने एक-दूसरे से कोई बातचीत नहीं की थी।