यूपी में ट्रांसजेंडरों को मिली पहचान

यूपी में ट्रांसजेंडरों को मिली पहचान, 63 किन्नरों को मिला पहचान पत्र।

अजय सिंह

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में हर जाति, वर्ग, तबके को समान अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुहीम रंग ला रही है। सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी में पहली बार ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) को पहचान पत्र दिए जाने की शुरुआत हुई है। पहली बार प्रदेश में 249 ट्रांसजेंडरों ने पहचान पत्र के लिए आवेदन किया थे जिसमें से 63 किन्नरों को पहचान पत्र जारी कर दिया गया है।

साल 2020 में केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर नियम के प्रावधानों के अंर्तगत ट्रांसजेंडर के पहचान प्रमाण पत्र जारी किया था। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसकी शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अब यह मुहिम तेजी से शुरू की गई है। इसके लिए प्रत्येक जिले में मिशन मोड पर काम किया जा रहा है।

वहीं 186 ट्रांसजेंडरों का पहचान पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। यहीं नहीं, प्रदेश के हर जिले में ट्रांसजेंडर के 2 प्रतिनिधियों को पहचान प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सम्मिलित कर समिति का गठन किया गया था, जिनके माध्यम से संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट पहचान प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ट्रांसजेडर के पहचान पत्र के लिए पोर्टल (https:\transgender।dosje।gov।in) बनाया था, जिस पर उत्तर प्रदेश के 249 ट्रांसजेंडरों ने आवेदन पत्र भरा है।

मिशन मोड में हो रहा काम

दरअसल, प्रदेश की योगी सरकार ने पहले ही ट्रांसजेंडर किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन कर दिया था। समाज कल्याण अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण इस बोर्ड की अध्यक्षता कर रहे हैं। वहीं किन्नर कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष सोनम किन्नर हैं।

साल 2020 में केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर नियम के प्रावधानों के अंर्तगत ट्रांसजेंडर के पहचान प्रमाण पत्र जारी किया था। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसकी शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अब यह मुहिम तेजी से शुरू की गई है। इसके लिए प्रत्येक जिले में मिशन मोड पर काम किया जा रहा है।

घर जाकर किया जा रहा पंजीकरण

इस दौरान किन्नर कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष सोनम किन्नर ने बताया कि जिला स्तर पर कैंप लगाकर पोर्टल पर अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जा रहा है। जो लोग पंजीकरण करवाने में असमर्थ हैं उनका भी पंजीकरण घर-घर जाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय की कॉलोनियों में रहने के स्थान को चिन्हित किया गया है। वहां रहने वाले बीपीएल श्रेणी के किन्नरों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

बता दें कि इस पहचान पत्र के जरिए ट्रांसजेंडरों को कई फायदे मिलेंगे। उन्हें शिक्षित करने के लिए विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। यूपी में ट्रांसजेंडरों की सुरक्षा के लिए हर थाने में एक सुरक्षा सेल भी बनाया जाएगा जहां उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। इस पहचान पत्र से ट्रांसजेंडर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी और प्रत्येक अस्पताल में ट्रांसजेंडरों के लिए 5 बिस्तरों वाला एक अलग वार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यहीं नहीं सार्वजनिक स्थानों पर उनके लिए शौचालय की व्यवस्था की जा रही है।