दो हजार के नोट इनकम टैक्स और कानून

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दो हजार के नोट इनकम टैक्स और कानून
दो हजार के नोट इनकम टैक्स और कानून

RBI ने 2,000 रुपये के नोट को लेकर बड़ा ऐलान किया है. दो हजार रुपये के नोट से जुड़े इनकम टैक्स और कानूनी पहलू. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोट को लेकर बड़ा ऐलान किया है. आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट को सर्कुलेशन यानी चलन से बाहर करने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद 2,000 रुपये के नोट आपको बैंक में जाकर बदलवाना या फिर जमा करवाना होगा. आइए जानते हैं 2,000 रुपये के नोट से जुड़े इनकम टैक्स और कानूनी पहलू. दो हजार के नोट इनकम टैक्स और कानून

RBI Act के तहत 2000 के नोटों की प्रिंटिंग


8 नवंबर, 2016 को केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद 500 और 1,000 के सारे नोटों की मान्यता रद्द हो गई थी. शुरुआत में आरबीआई एक्ट की धारा 24(2) के तहत 2,000 के नोटों को जारी किया गया था. बाद में गलती महसूस होने के बाद आरबीआई एक्ट की धारा 24(1) के तहत इन्हें जारी किया गया. 2 हजार के नोटों को छापने का फैसला नोटबंदी के पहले ही हो गया था. आरबीआई ने वित्त मंत्रालय से 2015 में ही 2 हजार, 5 हजार और 10 हजार रुपये के नोट छापने की अनुमति मांगी थी. लेकिन वित्त मंत्रालय ने 5 हजार और 10 हजार रुपये के नोटों को छापने पर असहमति जताते हुए सिर्फ 2 हजार रुपये के नोट छापने की रजामंदी नोटबंदी के पहले ही दे दिया था. नोटबंदी के बाद सरकार ने 500 के नोट दोबारा छापने का फैसला लिया था. अब 2 हजार के नोट बंद होने के बाद 1 हजार रुपये के नोट वापस छापने के कयास लग रहे हैं.

दो हजार के नोट 30 सितंबर 2023 तक ही चलन में रहेंगे, बैंक से बदल लें


भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है, रिजर्ब बैंक ने 2016 के नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया है। हालांकि बाजार में मौजूद 2000 नोट 30 सितंबर 2023 तक चलन में रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये के नोट जारी करना बंद कर दें। यानि कि जिन लोगों के पास 2000 रुपये के नोट हैं, उन्हें बैंक से एक्सचेंज करना होगा। एक बार में 20 हजार रुपये तक के नोट बदले जाएंगे। अगर आपके पास 2000 के नोट हैं तो 30 सितंबर की तारीख याद कर लें, इससे पहले तक आप बैंक में जाकर इस बदल सकते हैं। इसके बदले आपको दूसरी वैलिड करेंसी मिल जाएगी।

साल 2018-19 से ही 2000 के नोट छपने बंद हो गए


नोटबंदी के बाद 500 और 1000 के लगभग 15.41 लाख करोड़ वैल्यू के नोट बैंकों में वापस आ गए जो चलन में मौजूद नोटों का 99.50 फीसदी था. यह कुल नकदी का 89 फीसदी था. इसलिए मार्केट में कैश की मात्रा बनाए रखने के लिए बड़े वैल्यू के 2 हजार के नोट छापने का सरकार ने फैसला लिया. 2 हजार वाले लगभग 370 करोड़ नोटों को छापा गया जो लगभग 7.40 लाख करोड़ रुपये मूल्य के थे. 2 हजार के 89 फीसदी नोट मार्च 2017 से पहले जारी किए हुए थे. आरबीआई के मुताबिक 31 मार्च, 2018 तक बाजार में 2 हजार वाले नोटों की वैल्यू लगभग 6.73 लाख करोड़ थी, जो कुल नोटों का 37.3 फीसदी था. इस साल 31 मार्च 2023 तक बाजार में कुल कैश में 2 हजार के नोटों की वैल्यू 3.68 लाख करोड़ है जो कुल नकदी का 10.8 फीसदी ही है.

क्लीन नोट पॉलिसी


आरबीआई के नियमों के अनुसार लोगों को अच्छी गुणवत्ता के नोट मिलने चाहिए. इसलिए पुराने और खराब हो चुके नोटों को समय-समय पर वापस लिया जाता है. 2 हजार के अधिकांश नोट 2017 में छपे हैं. आरबीआई के अनुसार 2 हजार के पुराने नोटों को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत हटाया जा रहा है. इसके पहले भी 2013-14 में क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2005 के पहले छपे हुए नोटों को वापस लिया गया था. नोटबंदी में रातों-रात 500 और 1000 के नोट बंद हो गए जो कुल नकदी का 89 फीसदी थे. उस समय डिजिटल पेमेंट भी ज्यादा पॉपुलर नहीं था. इसलिए अर्थव्यवस्था में नकदी की मात्रा को बरकरार रखने के लिए 2 हजार के बड़े नोटों को लाने का फैसला लिया गया. उस संदर्भ में यह कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी भी 2 हजार के नोटों को जारी करने के पक्ष में नहीं थे. लेकिन अब अर्थव्यवस्था में नकदी की मात्रा बहुत ज्यादा है, इसलिए दो हजार के नोटों को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने में पब्लिक को ज्यादा दुश्वारी नहीं होगी.

2,000 के नोटों की कानूनीबंदी नहीं हुई


2 हजार रुपये के नोटों को बदलने या बैंकों में जमा करने के लिए 23 मई से लेकर 30 सितंबर तक की अवधि निर्धारित की गई है. रिजर्व बैंक के नए आदेश के बाद अब एटीएम या बैंकों से 2 हजार के नोट लोगों को नहीं मिलेंगे. नोटबंदी के अनुभव से अनुमान है कि अगले 4 महीने में 2 हजार के अधिकांश नोट बैंकों के माध्यम से रिजर्व बैंक में वापस आ जाएंगे. ऐसा अनुमान है कि 30 सितंबर के बाद रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में ही इन नोटों को जमा किया जा सकेगा. उसके लिए लोगों को दस्तावेज के साथ लिखित कारण भी बताना पड़ सकता है. 30 सितंबर के बाद भी 2 हजार के नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे. उसके बाद यदि इन नोटों को बंद करना हुआ तो उसके लिए केंद्र सरकार को कानून के तहत नोटबंदी का नया आदेश पारित करना होगा.

भारत में RBI के क्षेत्रीय कार्यालय, बैंक और ATM


भारत के विभिन्न राज्यों में रिजर्व बैंक के 19 क्षेत्रीय कार्यालय स्थित हैं. ये नई दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, नागपुर, पटना और तिरुवंतपुरम में स्थित हैं. देश में बैंक ब्रांचों की संख्या लगभग 1.55 लाख और लगभग 2.57 लाख एटीएम हैं. 23 मई से 30 सितंबर के बीच 2 हजार के सभी नोटों को बदलने के लिए हर ब्रांच को औसतन 11677 नोटों को बदलना होगा. नोटबंदी के दौर में लोगों को बैंकों की कतार और आर्थिक संकट से जूझना पड़ा था. लेकिन इस बार 2 हजार के नोटों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने से लोगों को ज्यादा तकलीफ नहीं होगी. लेकिन वैध नोटों को बंद करने या वापस करने के सरकारी फैसलों से करेंसी के प्रति लोगों को भरोसा कम होता है.

नोट नहीं बदलने पर शिकायत का कानून


बैंकों द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार नोट बदलने के लिए फिलहाल कोई आईडी नहीं देना पड़ेगा. दो हजार के नोटों के बारे में नोटिफिकेशन जारी करने के साथ रिजर्व बैंक ने इस बारे में FAQ जारी किया है. उसके अनुसार यदि कोई बैंक 2 हजार के नोटों को जमा करने या बदलने से मना करें तो पीड़ित व्यक्ति बैंक में शिकायत दर्ज करा सकता है. यदि 30 दिन में शिकायत का जवाब नहीं मिले या शिकायतकर्ता बैंक के जवाब से संतुष्ट नहीं है तो आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना (IOS) के तहत आरबीआई के पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है. 2 हजार का नोट कानूनी और वैध मुद्रा है, जिसे लेने से इनकार करना आईपीसी के तहत अपराध है. यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार सरकारी वैध मुद्रा को लेने से इनकार करे तो आईपीसी की धारा 489(A) और 489(E) और करेंसी एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई जा सकती है.

नकदी जमा करने पर इनकम टैक्स के नियम


इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार सेविंग बैंक खातों में सालाना 10 लाख रुपए का कैश डिपॉजिट हो सकता है. लेकिन एक बार में यदि ढाई लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा होने का सही स्पष्टीकरण नहीं दिया जाए तो कानून के अनुसार 200 फीसदी तक की पेनल्टी लग सकती है. बैंकों में नकदी जमा करने और निकालने पर भी अलग अलग तरीके के चार्ज लगने लगे हैं. 1 करोड़ रुपए से ऊपर के कैश निकालने पर 2 फीसदी टीडीएस काटने का कानून 2019-20 में बना था. इनकम टैक्स कानून के तहत 20 हज़ार से ज्यादा की नकदी में सामान्य तौर पर कैश भुगतान नहीं हो सकता इसलिए 2,000 के 10 नोटों को किसी भी बैंक से बदलने की सहूलियत मिली है. बैंकों में खाता नहीं होने पर भी लोग नोट को बदल सकते हैं. रिजर्व बैंक ने नोट बदलने के लिए आधार कार्ड का पिन नंबर लेने के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं लेकिन बैंक अपनी सुरक्षा और सहूलियत के लिए दस्तावेज जमा कराने पर जोर दे सकते हैं. दो हजार के नोटों का प्रतिदिन 4 हजार रुपये की सीमा तक एक्सचेंज बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के माध्यम से खाताधारक कर सकते हैं.

2 हजार के नोट बंद होने से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा


2000 के नोटों को खपाने के लिए लोग पेट्रोल पंप, ज्वेलर्स, बिल्डर्स, सरकारी विभागों के एरियर पेमेंट जैसी जगहों पर मारामारी कर रहे हैं. लेकिन अंततोगत्वा सिस्टम में दो हजार नोटों से जुड़े 3.62 लाख करोड़ रुपये की नकदी कम होने डिजिटल भुगतान को और गति मिलेगी. नोटबंदी के पहले महज 9.1 फीसदी भुगतान डिजिटल माध्यम से होता था. 5 साल के बाद बढ़कर यह 40.7 फीसदी हो गया है. नोटबंदी के बाद 6 साल बाद डिजिटल वॉलेट से 126 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन भारत में डिजिटल क्रांति की सफलता को दर्शाते हैं. लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि 2 हजार के बंद हो रहे नोटों की जगह पर नए नोटों को जारी करने पर प्रिंटिंग आदि में हजारों करोड़ के खर्चे से महंगाई बढ़ सकती है.

नोट बदलने पर बैंकों में भ्रष्टाचार ना बढ़े


ऐसा अनुमान था कि नोटबंदी के बाद काले धन में कमी आएगी. लेकिन चलन में मौजूद 99.3 फीसदी मुद्रा के बैंकों में वापस आने से वह अनुमान गलत साबित हुआ. यदपि उसके बाद आईटी रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या और टैक्स कलेक्शन की मात्रा में बढोतरी हुई. नोटबंदी के बाद बाजार में नकदी की मात्रा बढ़ना चिंताजनक है. लोकसभा में सरकार के जवाब के मुताबिक 4 नवंबर, 2016 को लगभग 17.7 लाख करोड़ नकदी चलन में थी. जबकि 5 मई 2023 को देश में लगभग 33.6 लाख करोड़ कैश था. यह नवंबर 2016 के कैश से 87 फीसदी ज्यादा था. दो हजार के नोट कुछ रईस और भ्रष्ट लोगों ने ही दबा कर रखे हैं. लेकिन गरीब लोग कमीशन के चक्कर में बैंकों की लाइन में लगेंगे. इससे बैंकों में भीड़ बढ़ने के साथ निचले स्तर पर भ्रष्टाचार बढ़ सकता है. दो हजार के नोट इनकम टैक्स और कानून