UG&PG टेक्निकल टेक्सटाइल्स डिग्री प्रोग्राम के निर्देश

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UG&PG टेक्निकल टेक्सटाइल्स डिग्री प्रोग्राम के निर्देश -निर्देश जारी-टेक्निकल टेक्सटाइल में पूर्ण पाठ्यक्रम शुरू करें।

टेक्निकल टेक्सटाइल्स के नए पेपर के साथ वर्तमान पारंपरिक डिग्री कार्यक्रम को अदयतन करने के लिए दिशा निर्देश। यूजी और पीजी में टेक्निकल टेक्सटाइल्स डिग्री प्रोग्राम के लिए दिशा-निर्देश जारी।टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए इंटर्नशिप समर्थन की घोषणा।

दिल्ली। भारत उच्च शिक्षित और कुशल पेशेवर लोगों के समूह द्वारा संचालित टेक्निकल टेक्सटाइल्स से संबंधित अत्याधुनिक अनुसंधान, उत्पादन और नवाचारी एप्लीकेशनों में ऊंची छलांग लगाएगा।कपड़ा मंत्रालय ने दो दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है। निजी और सार्वजनिक अकादमिक संस्थानों को टेक्निकल टेक्सटाइल्स में सक्षम बनाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश और राष्ट्रीय टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) कार्यक्रम के अंतर्गत इंटर्नशिप अनुदान समर्थन के लिए सामान्य दिशा-निर्देश। आज एक संवाददाता सम्म्लेन में कपड़ा सचिव श्रीमती रचना शाह ने बताया कि कार्यक्रम समिति (ईपीसी) की एक बैठक के दौरान यह मंजूरी दी गई।

निजी और सार्वजनिक अकादमिक संस्थानों को टेक्निकल टेक्सटाइल्स में सक्षम बनाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश और टेक्निकल टेक्सटाइल्स में इंटर्नशिप (जीआईएसटी) अनुदान के लिए सामान्य निर्देश जारी किए गए।जीआईएसटी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पैनल में शामिल सार्वजनिक/निजी संस्थानों को प्रासांगिक विभागों/विशेषज्ञताओं के बी.टेक विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रदान करने के लिए सूचीबद्ध कंपनियों को प्रति विद्यार्थी प्रति माह 20,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा

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UG&PG टेक्निकल टेक्सटाइल्स डिग्री प्रोग्राम के निर्देश

निजी और सार्वजनिक अकादमिक संस्थानों को टेक्निकल टेक्सटाइल्स में सक्षम बनाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश से यूजी और पीजी में नया टेक्निकल टेक्सटाइल्स प्रोग्राम प्रारंभ होगा और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के नए पेपरों के साथ वर्तमान परंपरागत डिग्री कार्यक्रमों को अद्यतन किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय का उद्देश्य न केवल टेक्निकल टेक्सटाइल्स में ईकोसिस्टम विकसित करना है, बल्कि सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, फैशन जैसे अन्य विषयों में भी ईकोसिस्टम विकसित करना है। 

दिशा-निर्देश में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) डिग्री कार्यक्रमों के संबंध में प्रयोगशाला उपकरणों के उन्नयन/वृद्धि, प्रयोगशाला कार्मियों के प्रशिक्षण तथा विश्वविद्यालय/संस्थान में संबंधित विभाग/विशेषज्ञता के संकाय सदस्यों के विशेष प्रशिक्षण के वित्त पोषण को शामिल किया गया है। इसमें सार्वजनिक वित्त पोषित संस्थान और एनआईआरएफ रैंकिंग वाले निजी संस्थान भी शामिल होंगे। टेक्निकल टेक्सटाइल में पूर्ण पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सहायता पीजी पाठ्यक्रम कोर्स तक 20 करोड़ रूपये और यूजी स्तर पर 10 करोड़ रूपये तक की होगी। यूजी स्तर पर एक अनिवार्य विषय तथा कुछ ऐच्छिक विषयों के लिए 7.5 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा सकता है।

इन दिशा-निर्देश में अगले दशक में भारत को टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाने के लिए एक प्रभावी और नॉलेज ईकोसिस्टम बनाने पर बल दिया जाएगा। उच्च शिक्षित और सक्षम पेशेवरों के समूह द्वारा संचालित टेक्निकल टेक्सटाइल से संबंधित अत्याधुनिक अनुसंधान, उत्पादन और नवाचारी एप्लीकेशनों में बड़ी छलांग लगाएगा। निजी और सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों को टेक्निकल टेक्सटाइल में सक्षम बनाने के लिए विस्तृत ‘सामान्य दिशा-निर्देश वस्त्र मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर एनटीटीएम वेब पेज https://www.texmin.nic.in/technical-textiles-mission के अंतर्गत पर उपलब्ध हैं। http://nttm.texmin.gov.in/only के अंतर्गत समर्पित आनलाइन शिक्षा पोर्टल पर आवेदन 10 जनवरी 2023 से 2 मार्च 2023 की शाम 5 बजे तक जमा कराये जा सकते हैं।

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टेक्निकल टेक्सटाइल (जीआईएसटी) में इंटर्नशिप सहायता के लिए अनुदान के लिए सामान्य दिशा-निर्देशों को दो चरणों में लागू किया जाएगा (i) पात्र सूचीबद्ध कंपनियां (ii) इंटर्नशिप कार्यक्रम जिसमें प्रति विद्यार्थी (निजी-सार्वजनिक संस्थानों के संबंधित विभागों/ विशेषज्ञता के दूसरे/तीसरे/चौथे वर्ष के बीटेक विद्यार्थियों को) 20000 रुपये प्रति माह सूचीबद्ध कंपनियों को प्रदान किया जाएगा, जो इंटर्नशिप अवधि के लिए वित्त पोषण सहायता की अधिकतम 2 महीने की अवधि की शर्त के अधीन होगा। ​​10 करोड़ से अधिक के कारोबार वाले कपड़ा उद्योग, मंत्रालय के अंतर्गत कपड़ा अनुसंधान संघ और कपड़ा मशीनरी निर्माता पात्र एजेंसियां होंगी। पैनल में शामिल उद्योग/संस्थान सार्वजनिक संस्थानों तथा एनआईआरएफ 200 रैंकिंग वाले निजी संस्थानों में संबंधित विषयों के इंजीनियरिंग संस्थानों को भी प्रशिक्षण दे सकते हैं।

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UG&PG टेक्निकल टेक्सटाइल्स डिग्री प्रोग्राम के निर्देश

यह कदम टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में शिक्षा-उद्योग संबंधों को बढ़ावा देने के साथ-साथ टेक्निकल टेक्सटाइल के विनिर्माण और एप्लीकेशन क्षेत्र के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव शक्ति का सृजन करेगा, विशेषकर उद्योग-प्रशिक्षित इंजीनियरों तथा पेशेवरों तथा उच्च कुशल श्रमिकों के निर्माण में सहायता करेगा।

टेक्निकल टेक्सटाइल में इंटर्नशिप सहायता अनुदान के लिए विस्तृत सामान्य दिशानिर्देश एनटीटीएम पेज के अंतर्गत  वस्त्र मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (जीआईएसटी) https://www.texmin.nic.in/technical-textiles-mission पर उपलब्ध हैं। आवेदक कंपनियां अंतिम तारीख 23.02.2022 तक आवेदन जमा जमा सकती हैं।

कपड़ा सचिव ने एनटीटीएम की प्रगति के बारे में बताया कि जिओटेक, एग्रोटेक, स्पेशलिटी फाइबर, प्रोटेक आदि सहित टेक्निकल टेक्सटाइल के विभिन्न एप्लीकेशन क्षेत्रों में 232 करोड़ रुपये के 74 शोध प्रस्ताव आईआईटी/एनआईटी/टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (टीआरए) के लिए स्वीकृत किये गए हैं। अधिकांश प्रस्ताव में उद्योग भागीदार हैं।

उन्होंने कहा कि टेक्निकल टेक्सटाइल में विशिष्ट कार्य किए जाते हैं इसलिए गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोपरि है और इसे प्राप्त करने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) 107 टेक्निकल टेक्सटाइल विषयों पर विचाराधीन हैं। 19 जियो-टेक, 12 प्रो-टेक, 22 एग्रो-टेक और 6 मेडी-टेक के लिए क्यूसीओ विचाराधीन हैं। सीडीएससीओ विनियम के अंतर्गत मेडी-टेक के 48 विषय पहले से ही शामिल हैं।टेक्निकल टेक्सटाइल पर 500 से अधिक बीआईएस मानक विकसित किए गए हैं और बीआईएस उद्योग की आवश्यकता के अनुसार ऐसे 40 और मानक विकसित करने पर काम हो रहा है। एसआरटीईपीसी को टेक्निकल टेक्सटाइल के समर्थन के लिए निर्यात संवर्धन परिषद की भूमिका सौंपी गई है।

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श्रीमती शाह ने इस बात पर बल दिया मंत्रालय ने तकनीकी कपड़ा मशीनरी/उपकरण/ और उपकरणों के स्वदेशी विकास के लिए अनुसंधान प्रस्तावों को आमंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जो निजी उद्योगों से भी भागीदारी की अनुमति देते हैं। डीआरडीओ, सीएसआईआर जैसे प्रमुख अनुसंधान संगठनों से भी संपर्क किया गया है। टेक्निकल टेक्सटाइल में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि-वस्त्रों के उपयोग के लाभों को दिखाने के लिए नवसारी कृषि विश्वविद्यालय में एग्रोटेक के लिए एक प्रदर्शन केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है। यह किसानों की आय को दोगुना करने के माननीय प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है। सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, नॉलेज यात्रा, क्रेता-विक्रेता बैठकों आदि के माध्यम से भारत तथा विदेशों में संवर्धन बढ़ाने की विभिन्न गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है।

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