यात्रियों का हमराही बनेगा’यूपी राही’

245
यात्रियों का हमराही बनेगा'यूपी राही'
यात्रियों का हमराही बनेगा'यूपी राही'

मुख्यमंत्री योगी योगी ने किया यूपीएसआरटीसी की ऑफिशियल एप ‘यूपी राही’ का शुभारंभ। यात्री घर बैठे यूपी रोडवेज की बसों में सफर के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन बुकिंग।यात्रियों का हमराही बनेगा’यूपी राही’, क्यूआर कोड, यूपीआई, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने की मिलेगी सुविधा। ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, पैसेंजर फीडबैक के अलावा कई अन्य फ्रेंडली फीचर्स से लैस होगी एप।

लखनऊ। यूपी रोडवेज को रेलवे और एयर कनेक्टिविटी की तरह ही समृद्ध बनाया जा रहा है। इसके लिए अब यूपीएसआरटीसी ने टिकट बुकिंग एवं पैसेंजर फीडबैक एप को भी लांच कर दिया है।  योगी सरकार प्रदेश में परिवहन को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ बनाने में जुट गई है। यूपी रोडवेज को रेलवे और एयर कनेक्टिविटी की तरह ही समृद्ध बनाया जा रहा है। बसों के मेंटीनेंस से लेकर बस डिपो को आधुनिकतम सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। राजधानी लखनऊ से हर जिले के लिए बसों का संचालन शुरू किया गया है। इन सबके साथ ही अब यूपीएसआरटीसी ने टिकट बुकिंग एवं पैसेंजर फीडबैक एप को भी लांच कर दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस एप का अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से औपचारिक शुभारंभ किया। यह एप यात्रियों को न सिर्फ घर बैठे बस में यात्रा के लिए एडवांस बुकिंग में सक्षम बनाएगा, बल्कि उन्हें कैशलेस सुविधा भी प्रदान करेगा। यही नहीं, एप पर यात्री अपने सफर से संबंधित समस्याओं, चालक-परिचालक के व्यवहार, बस की स्थिति और अन्य संबंधित मुद्दों पर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। इस एप की शुरुआत से बस में यात्रा करने वाले प्रदेश के लाखों यात्री अब हैसल फ्री यात्रा कर सकेंगे। यूपी राही एप के औपचारिक शुभारंभ के साथ ही यह एप आधिकारिक रूप से काम करने लगा है। यात्री इसे गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप हिंदी और अंग्रेजी में है

डिजिटल माध्यम से बुक हो सकेंगे टिकट


यूपीएसआरटीसी के जनरल मैनेजर आईटी युजवेंद्र कुमार ने बताया कि इस एप के माध्यम से यात्री डिजिटल माध्यम से टिकट बुक कर पाएंगे। हालांकि एप डाउनलोड करने के बाद उन्हें सबसे पहले खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वह एप पर मौजूद सभी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण फीचर इस एप में टिकट बुकिंग को लेकर है। अभी आप बस में सफर के दौरान ही कैश या डिजिटल माध्यम से टिकट खरीदते हैं। हालांकि, उसमें कई तरह की समस्याओं की जानकारी मिलती थी। कैश के संबंध में कभी कंडक्टर के पास खुले पैसे नहीं होते थे तो कभी यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ जाते थे। इसी तरह कैशलेस में भी कई बार नेटवर्क की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता था। एप की शुरुआत से इन सारे झंझटों से छुटकारा मिल जाएगा। एप के माध्यम से यात्री टिकट बुक करने के लिए क्यूआर कोड, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या किसी भी अन्य डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर सकेंगे। टिकट बुक करने के बाद यात्रियों को टिकट का प्रिटंआउट लेने की जरूरत नहीं होगी। वो एप पर ही टिकट बुकिंग का स्टेटस दिखाकर अपनी यात्रा कर सकते हैं।

यात्रियों को मिलेगी सफर का फीडबैक देने की सुविधा


मुख्यमंत्री योगी ने कहा इस एप में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण फीचर यात्रियों के फीडबैक से संबंधित है। कोई यात्री अपने सफर से संबंधित कोई जानकारी देना चाहता है तो एप में इसकी सुविधा प्रदान की गई है। अपने फीडबैक में वो क्रू के बारे में जानकारी दे सकते हैं। जैसे कंडक्टर का व्यवहार कैसा था, ड्राइवर सही से बस को ड्राइव कर रहा था या नहीं। ऐसे ही दस बिंदुओं पर यात्री अपने फीडबैक को हम तक पहुंचा सकते हैं। उनके सफर का अनुभव सीधे विभाग के अधिकारियों तक पहुंचेगा। उनके सुझावों से हमें अपनी सेवाओं में सुधार का भी अवसर मिलेगा। फीडबैक से प्राप्त सूचनाओं के संकलन से हमें कमियों और क्वालिटी को बेहतर करने में सहायता मिलेगी।

READ MORE-डाक टिकटों पर होली के रंग

यात्रियों का हमराही बनेगा’यूपी राही’

टूर हिस्ट्री समेत कई और फीचर्स भी देख सकेंगे यात्री


युजवेंद्र कुमार ने बताया कि इसके अलावा भी एप में यात्रियों के लिए कुछ और हेल्पफुल फीचर्स दिए गए हैं। इसमें यात्री अपने पुराने सफर को ट्रैक कर सकेंगे। इसमें उनके सभी पुराने ट्रांजैक्शंस को संभाल कर रखा जाएगा। इसके अलावा यात्रियों को टिकट बुक करते समय बस चुनने का मौका मिलेगा। मसलन यदि वो वॉल्वो बस से सफर करना चाहते हैं तो उनके रूट पर कोई वॉल्वो बस संचालित हो रही है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें एप पर मिल जाएगी। इसी तरह उनके रूट पर नॉन स्टॉप बस है तो वो भी दिखाई देगा। लो फ्लोर एसी बसें, राजधानी, ऑर्डिनरी, जनरथ, एसी स्लीपर, पिंक एक्सप्रेस, शताब्दी, ग्रामीण सेवा समेत सभी कैटेगरी की बसों की इसमें सूचना होगी। एप पर उन्हें गंतव्य स्टेशन का नाम डालने पर यह भी दिखाई देगा कि उनके रूट पर कौन सी बस कितने बजे की है। वो अपनी सुविधानुसार पिकअप प्वॉइंट भी चुन सकेंगे।

ऐसे कर सकते हैं एप का इस्तेमाल


एप का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको इसे गूगल प्लेस्टोर से इसे डाउनलोड करना होगा। डाउनलोड के बाद इस पर खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसमें आपको अपनी आइडेंटिटी के लिए कोई सरकारी डॉक्युमेंट नंबर (आधार कार्ड या पैन कार्ड) की जानकारी देनी होगी। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आपका आईडी और पासवर्ड जेनरेट हो जाएगा और अब आप एप का इस्तेमाल कर सकेंगे। होम पेज पर आपको कहां से कहां की यात्रा करनी है, इसकी विंडो ओपन रहेगी। यहां से आप डायरेक्टर टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस एप पर अपना प्रोफाइल भी बना सकते हैं। कैंसिलेशन पॉलिसी के बारे में भी इसमें विस्तार से जानकारी दी गई है। किसी तरह की हेल्प के लिए आप सपोर्ट फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। पासवर्ड बदलने की भी सुविधा दी गई है। आने वाले समय में आप इस एप के माध्यम से अपनी ट्रिप को प्लान करने में भी सक्षम होंगे। यात्रियों का हमराही बनेगा’यूपी राही’