क्या समाजवादी इत्र 2022 में बदलेगी चुनावी फिजा

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ‘चुनावी फिजा’ महकाने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मंगलवार को ‘समाजवादी इत्र’  नाम से परफ्यूम लॉन्च किया।  इस इत्र को कन्नौज के सपा एमएलसी पम्पी जैन ने तैयार किया है। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि इसकी खुशबू का असर 2022 में दिखाई देगा। 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंधी के सामने अखिलेश की करारी हार हुई थी। कांग्रेस से गठजोड़ के बाद भी दोनों को मिलाकर कुल 52 सीटें ही मिल पाई थीं। लेकिन इस बार वे वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। 


कन्नौज के पम्मी जैन, एमएलसी द्वारा निर्मित ‘समाजवादी सुगंध‘अखिलेश यादव ने लांच की। श्री जैन ने इसे सर्व प्रथम श्री यादव को भेंट किया। समाजवादी सुगंध में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के 22 प्राकृतिक सुगंधों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा यह परफ्यूम 4 से 6 महीने की मेहनत के बाद तैयार हुआ है जो 2022 में नफरत को खत्म कर खुषबू बिखेर देगा।इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वीकृति से बसपा छोड़कर पीलीभीत की दिव्या गंगवार और चौधरी प्रदीप सिंह पटेल के साथ रविशंकर गंगवार, बृजेश गंगवार तथा भाजपा छोड़कर हरिओम उपाध्याय, पूर्व मंत्री जालौन ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।


इनके अतिरिक्त बसपा छोड़कर जनपद महाराजगंज के सिसवा बाजार के पूर्व पार्षद प्रमोद शर्मा के साथमनोज शर्मा, सत्यजीत कुमार उर्फ सौरभ शर्मा, उमेश नंद, अरविन्द शर्मा और नौशाद अहमद समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वीकृति से प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भाजपा छोड़कर आये प्रदेश सचिव अखिल भारतीय लोधी महासभा सुशील कुमार सहित अजीत कुमार, सुभाष राजपूत, आशीष राजपूत, सिद्धार्थ कुमार सहित लगभग तीन दर्जन लोगों को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई। प्रतापगढ़ के सर्वश्री जावेद अख्तर, पार्थ द्विवेदी तथा मोहम्मद हुसाम को समाजवादी पार्टी का सदस्य बनाया।