मानसून सत्र का चौथा दिन रहा महिला जनप्रतिनिधियों के नाम मिला इनाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के इतिहास में आज का दिन बेहद खास रहा। विधान सभा के मानसून सत्र के चौथे दिन अलग-अलग दलों की महिला सदस्यों ने कार्यवाही में हिस्सा लिया। कार्यवाही के दौरान महिला सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य, शिक्षा, लैगिंक भेदभाव तथा अन्य मुद्दे उठाकर समाज में फैली कुरीतियों के बारे में अपने विचार रखें। इस दौरान अधिष्ठाता के रूप में तीन महिला सदस्यों ने अपनी भूमिका निभायी। आज की कार्यवाही के उपरान्त विधायकों को टेबलेट वितरण का काम शुरू हुआ। इसकी शुरूआत विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने महिला विधायको को टेबलेट देकर की।


इससे पूर्व आज सदन की कार्यवाही पूर्वाहन 11.00 बजे प्रश्न काल के साथ शुरू हुई। इसके बाद विभिन्न नियमों के तहत महिला सदस्यों ने कार्यवाही में हिस्सा लिया। पूरे दिन 08.12 मिनट तक चली कार्यवाही में महिला सदस्यों ने 01 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक इस कार्यवाही में हिस्सा लिया। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 24 महिला सदस्यों, समाजवादी पार्टी की 10 सदस्यों, अपनादल (एस0) के तीन एवं कांग्रेस पार्टी की एक सदस्य ने अपने विचार रखे। प्रश्न प्रहर होने के उपरान्त 38 महिला सदस्यों ने कार्यवाही में भाग लिया। इस दौरान विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना जी ने अधिष्ठाता के रूप में डा0 मंजू शिवाच के अतिरिक्त आज सपा विधायक सैय्यदा खातून, बी0जे0पी की अनुपमा जायवाल, को मौका दिया।

अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष ने वर्तमान सरकार की भूरी-भूरी प्रसंशा करते हुए अपनी बात सदन के समक्ष रखी। बताते चलें कि यूपी विधानसभा का महिला सदस्यों के लिए 22 सितंबर का दिन काफी खास रहा। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने 22 सितंबर को प्रश्नकाल के बाद का पूरा समय महिला सदस्यों को चर्चा के लिए समर्पित करने का फैसला किया था। जिसमें मानसून सत्र के दौरान 22 सितंबर यानी आज गुरुवार को सदन की सिर्फ महिला सदस्यों को बोलने का अवसर प्रदान किया गया। इसलिए इस दिन को विधानसभा महिला सदस्यों के लिए बेहद मायने रखता है। सदन सत्र को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के कहा कि कि आज महिलाओं के लिए सदन रखा,आज ऐसा लगा कि नेता सदन बहुत कुछ जानते हैं।महिलाओं ,नारी शक्ति ने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया,झांसी की रानी,बेगम हजरत महल,कस्तूरबा बाई,अहिल्याबाई होल्कर, अवंती बाई…कैप्टन लक्ष्मी सहगल,झलकारी बाई, कई ऐसे नाम हैं। देश में पहली महिला मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश से ही बनीं,सुचेता कृपलानी, पहली गवर्नर भी उत्तरप्रदेश ने दिया सरोजिनी नायडू। आज इस विधानसभा में 47 महिला विधायक हैं, आगे हमारा प्रयास हो कि ज्यादा से ज्यादा मौका महिलाओं को दिया जाय।


इस मौके पर नेता सदन योगी आादित्य नाथ ने कहा कि सामान्य दिनों में पुरूषों के शोरगुल के नीचे महिला सदस्यों की बात दब जाती थी। आज कम से कम महिला सदस्यों की बातों को सुनने के लिए हम यहां बैठे हैं। उन्होनें कहा कि महिला सदस्यों को चाहिए कि वह अपनी भाषा में अपनी बात रखें जिससे चर्चा को आगे बढ़ाने मे मदद मिलेगी। योगी ने कहा कि इसे लोक सभा के अलावा देश के विभिन्न विधान सभाओं में भी भेजी जाए कि उत्तर प्रदेश की विधान सभा से इस प्रकार के सुझाव आयें है।भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अनुपमा जयसवाल, अर्चना पाण्डेय, अंजुला सिंह माहौर, गुलाब देवी, डा0 मंजू शिवाच, मनीषा, मुक्ता संजीव राजा,मीनाक्षी सिंह, रानी पक्षालिका सिंह, कृष्णा पासवान, सरिता भदौरिया, अलका सिंह, अदिती सिंह, नीलमा कटियार, जय देवी, केतकी सिंह, ओममणी वर्मा, रजनी तिवारी, मंजू त्यागी, पूनम शंखवार, आशा मौर्या, सलोना कुशवाहा, राजबाला सिंह एवं प्रतिभा शुक्ला ने हिस्सा लिया।


समाजवादी पार्टी की तरफ से महिला सदस्यों में डा0 रागिनी, पूजा, सैय्यदा खातून, ऊषा मौर्या, पूजा पाल, महारानी प्रजापति, गीता शास्त्री, इन्द्राणी देवी, विजमा यादव एवं रेखा वर्मा, ने भाग लिया।इनके अलावा अपना दल (एस) डा0 सुरभि, डॉ0 रश्मि आर्या, सरोज कुरील, एवं कांग्रेस पार्टी की तरफ सेआराधना ‘मोना’ ने सदन की कार्यवाही में भाग लिया।महिला सदस्यों के उद्बोधन के उपरान्त संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना जी को आज की इस एतिहासिक कार्यवाही के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से भविष्य के लिए इतिहास बनेगा। समाजवादी पार्टी की तरफ से मनोज  कुमार पाण्डेय, अपनादल (एस0) के नेता, राष्ट्रीय लोक दल के नेता राजपाल वालियान, अपना दल (सोनेलाल) के नेता राम निवास वर्मा, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता, कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ जनसत्ता दल (लोकतान्त्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ बहुजन समाज पार्टी के नेता, उमाशंकर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये । सदन की कार्यवाही स्थगित होनेे के उपरान्त महिला सदस्यों एवं पुरूष विधायकों को टेवटेल वितरित किये गए।