पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 56 वीं पुण्यतिथि

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 56 वीं पुण्यतिथि
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 56 वीं पुण्यतिथि

प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल की जयंती पर स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

समर्थ कुमार सक्सेना

लखनऊ। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 56 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर द्वारा आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा,महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने चारबाग स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृतिका पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्र नायक, एकात्म मानववाद के प्रबल समर्थक पंडित दीनदयाल जी का जन्म सामान्य परिवार में हुआ था। अपने जीवन में विषम परिस्थितियों के बाद भी उन्होंने देश को ऐसी विचारधारा दी जिसमें एक ऐसे भारत का निर्माण कर सके जो दुनिया का नेतृत्व कर सके। आज हम सब उनके दिखाएं मार्ग पर ही चलने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा देश लंबे समय तक गुलाम रहा है।

आजादी के पहले जिस प्रकार की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति थी उन परिस्थितियों के आधार पर लोग कहते थे कि देश मुक्त भी होगा तो जो गुलामी का निशान है वह लगातार बने रहेंगे और हो सकता है कि हम फिजिकली रूप से आजाद हो लेकिन मानसिक रूप से हम गुलाम बने रहें। ऐसी राष्ट्रवादी विचारधारा को लेकर 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई। जब देश का बंटवारा हुआ तो जिस प्रकार की परिस्थिति का निर्माण हुआ उन परिस्थितियों में तत्कालीन सरकार हमलावरों और आक्रमणकारियों के साथ खड़ी रही। राष्ट्रवादी विचारधाराओं वाले लोगों के मन में विचार आया कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक और अहमदाबाद से गुवाहाटी तक एक भूमि का टुकड़ा हो और उसके शासन की व्यवस्था हमारी परम्परा, संस्कृति और विरासत के अनुसार चले ऐसे संकल्प के साथ जनसंघ की स्थापना हुई जिसके मूल सिद्धांतों के जनक के रूप में हम पंडित दीनदयाल को मानते हैं।


लखनऊ से पटना जाते हुए मुगलसराय स्टेशन है उसका नाम पंडित दीनदयाल के नाम से हुआ है वहां रहस्यमय स्थिति में उनका निधन हो गया था। व्यक्ति शरीर से चला जाता है लेकिन उसके विचारधारा उनकी आत्मा जीवित है और उनकी विरासत को बढ़ाने के लिए आज बड़ी फौज देश भर में मौजूद हैं और आज हम सब लोग उनके प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित है जो उनके विचारधारा के आधार पर देश में सामाजिक समरसता और अपनी आस्था, परंपरा, विरासत को लेकर हम लोग आगे बढ़ रहे हैं। कोई कल्पना नहीं कर सकता था कश्मीर से कभी धारा 370 हटेगी, भगवान राम के जन्म स्थान पर मंदिर बनेगा, कोई कल्पना नहीं कर सकता था की कभी समान नागरिक संहिता लागू होगी। क्योंकि जो अन्य लोगों के विचार है विदेशी, उसमें सामाजिक विषमता है, लोगों में तनाव व टकराव बना रहे, आपस में विवाद रहे और लोग उस विचार के आधार पर सत्ता का, शासन का संचालन करके एक वैचारिक आधार पर इस बड़े भूखंड को गुलाम बना सके। लेकिन दीनदयाल ने जो विचार दिया उस विचार के आधार पर हमारी सरकारें केंद्र की सरकार, राज्य की सरकार उस आधार पर कार्य कर रही है कि हम जनसामान्य का उत्थान, मानव कल्याण कर सके। सारे विषय जितने भी आप देखेंगे, बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा यह सारे विषय इस विचार में निहित है जो हमें पंडित दीनदयाल ने दिये। मुझे आज इस बात पर बहुत प्रसन्नता है और दुख भी है, दुख तो इसलिए हमारे बीच में नहीं है लेकिन प्रसन्नता है कि उनकी विरासत उनकी विचारधारा को लेकर हम सब लोग आगे बढ़ रहे हैं। मुझे विश्वास है जो मार्ग दीनदयाल जी ने हम लोगों को दिखाया उस मार्ग पर चलकर देश की विरासत, परंपरा और संस्कृति और वैभव को पुनः प्राप्त करने के लिए हम लोग संकल्पित है।

हमें सबको मिलकर चलना है, 140 करोड़ देशवासियों की ताकत जिस प्रकार से मोदी जी के नेतृत्व में बढ़ रही है मुझे लगता है ही जो मोदी और योगी का संकल्प है कि आने वाले समय में भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था हो और 2047 तक माननीय प्रधानमंत्री का जो संकल्प है भारत को विकसित भारत के रूप में स्थापित करना है इस विचारधारा में पंडित दीनदयाल जी की महती भूमिका है। निश्चित रूप से पंडित जी के उन विचारों के आधार पर ही देश का कल्याण संभव है। भाजपा के हम लोग किसी के विरोध में नहीं है, मोदी हमेशा 140 करोड लोगों की बात करते हैं। हमे सबको जोड़कर चलना है, सबको साथ लेकर, चलकर, हम लोग भारत को एक समृद्धशाली भारत, वैभवशाली भारत और एक ऐसा भारत बनाएंगे जो दुनिया का नेतृत्व करें ऐसी मेरी अपेक्षा है।आज के अवसर पर मै पंडित के चरणों में अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूं।


क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने कहा कि आज भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। देश के लिए संस्कृति के लिए सभ्यता के लिए और गरीब के लिए किस प्रकार कार्य करना है इसके लिए पंडित का जीवन चरित्र हम लोगों को प्रेरणा देता है और हमें उसको आत्मसात करना होगा।महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी की विचारधारा के अनुरूप भारतीय जनता पार्टी अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की जीवन शैली के उत्थान के लिए कार्य कर रही है और आज सबके चेहरे पर मुस्कान देकर दीनदयाल जी के सपने चरितार्थ हो रहे है। गरीबों को शौचालय, निशुल्क अनाज,आवास,आयुषमान कार्ड व अन्य आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उनके जीवन में सुधार हो रहा है।

मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि चारबाग दीनदयाल स्मृतिका वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रमेश तूफानी, महानगर उपाध्यक्ष अशोक तिवारी, घनश्याम अग्रवाल, राकेश सिंह, रजनीश गुप्ता, हरशरण लाल गुप्ता, सीता नेगी, पूर्व मंडल अध्यक्ष विनायक पांडे, सचिन वैश्य, मंडल अध्यक्ष मानस बहरी, पार्षद आशीष हितैषी, आदर्श मिश्रा सहित बड़ी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दीनदयाल जी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । लखनऊ महानगर में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।