2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव

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2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव
2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा संविधान विरोधी काम कर रही है। संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि कभी समुद्रमंथन हुआ था इस बार संविधान मंथन होगा। लोकसभा चुनाव में लड़ाई संविधान रक्षकों और संविधान खत्म करने वालों के बीच है। आज आजमगढ़ जिले के पूर्व विधायक और बसपा के वरिष्ठ नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली समाजवादी पार्टी में हजारों समर्थकों के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेस में अखिलेश यादव ने कहा कि एक मजबूत नेता हमारे साथ आया है। इसका संदेश दूर तक जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पार्टी में आपको अपने घर जैसा लगेगा। समाजवादी परिवार लगातार बढ़ रहा है। पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा घबराई हुई है। समाजवादी लोग पीडीए परिवार को जितना बढ़ा लेंगे भाजपा को उतनी आसानी से 2024 के चुनाव में हरा देंगे। पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा घबराहट में है। इसी के कारण भाजपा दूसरी पार्टियों को तोड़ रही हैं। विधायकों को लालच देकर, पैकेज देकर और तरह-तरह के प्रलोभन दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिद्धांत विहीन पार्टी है। भाजपा को एक अलग गुट बना लेना चाहिए। भाजपा सिद्धांत विहीन है। उसमें सभी सिद्धांत विहीन लोगों को शामिल कर लेना चाहिए। 2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव

2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव

दो बार विधायक रहे बसपा नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने आज सपा का दामन थाम लिया। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने खुद उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कराया। कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा उन्हें एमएलसी बना सकती है। सपा में उनके आने के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट पर पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।अखिलेश यादव के इस्तीफा देने से रिक्त हुई आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव में गुड्डू जमाली की वजह से ही सपा को भाजपा से हार का सामना करना पड़ा था। गुड्डू जमाली काफी समय से सपा के संपर्क में थे। गुड्डू आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से 2012 और 2017 में बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत थे।उम्मीद है कि इस बार आजमगढ़ लोकसभा सीट से अखिलेश या फिर धर्मेंद्र फिर से चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में गुड्डू जमाली के सपा में आ जाने से वहां पार्टी की राह आसान हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार 13 सीटों पर होने वाले विधान परिषद के चुनाव में सपा गुड्डू को उम्मीदवार घोषित कर सकती है। पसमांदा मुस्लिम समाज से आने वाले गुड्डू को विधान परिषद भेजकर अखिलेश पसमांदा मुस्लिम समाज को भी साध सकते हैं। इसके साथ ही मुस्लिम को एमएलसी बनाकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अपनी मुहिम को आगे बढ़ा सकते हैं। राज्यसभा में किसी भी मुस्लिम को प्रत्याशी न बनाए जाने से पार्टी में अंदरखाने नाराजगी भी चल रही है, जिसे सपा विधान परिषद चुनाव के जरिए दूर करेगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में कोई राजनीतिक मर्यादा नहीं है। भाजपा झूठे वादे करती है। महंगाई बेरोजगारी से जनता त्रस्त है। हर वर्ग परेशान है। भाजपा ने किसानों, नौजवानों, गरीबों से किए वादों को पूरा नहीं किया। भाजपा में हताशा है। इसीलिए लालच, लोभ, प्रलोभन देकर दूसरे दलों के विधायकों को तोड़ रही है। राज्य सभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि जो नियम है, उसके हिसाब से उन पर कार्रवाई होगी। श्री शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने कहा कि हमारे सामने दो विकल्प थे। एक दल जो देश बांटना और तोड़ना चाहता है और दूसरा दल जो देश को जोड़ना और मजबूत बनाना चाहता है। इसलिए हमने दिल से सदस्यता ली है। हम पीडीए को ताकत देंगे। ताउम्र अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ रहूंगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में गुड्डू जमाली जी और उनके साथियोें का सम्मान रहेगा। गुड्डू जमाली के साथ बसपा के प्रमुख नेताओं में अब्दुल्ला, अलाउद्दीन, खलाक अहमद, अबरार अहमद, मिर्जा महफूज बेग, सुहैल अहमद, फैजान अहमद, अनवार अहमद खां, सुलेमान अंसारी, जियाउर्रहमान, नोमान प्रधान, सलाउद्दीन, श्रीकृष्ण शास्त्री, हरीराम, मोहम्मद सलीम गुड्डू, पप्पू प्रधान, माधव राजभर, अमरचंद, दिनेश मौर्या, मुमताज प्रधान, संजय राजभर, वसीमुद्दीन, अरशद फरीदी, आदि ने भी बसपा छोड़कर आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर आजमगढ़ के विधायक एवं वरिष्ठ नेता डॉ0 बलराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, आलमबदी, नफीस अहमद, नंद किशोर, हवलदार यादव, संग्राम यादव, ब्रजलाल सोनकर, विद्या भारती, राम अचल राजभर आदि प्रमुख नेता उपस्थित रहे। 2024 में संविधान मंथन होगा-अखिलेश यादव