प्रदेश भाजपा के 70 फीसदी पदाधिकारियों को बदलने की तैयारी

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन में 70 फीसदी पदाधिकारियों को बदलने की तैयारी की जा रही है। निवर्तमान महामंत्री संगठन सुनील बंसल और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह इन पदाधिकारियों के पैरोकार थे। अब दोनों ही उत्तर प्रदेश संगठन का हिस्सा नहीं हैं। इसी वजह से इस बार के संगठन में पुराने चेहरे नदारद मिलेंगे और बड़ी संख्या में ऐसे चेहरे सामने आएंगे जो या तो नए होंगे या फिर लंबे समय से संगठन में किनारे किए जा चुके हैं।सूत्रों की मानें तो प्रदेश भाजपा अगले करीब डेढ़ महीने में नए सिरे से तैयार हो जाएगा।इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कवायद शुरू कर दी है। सबसे पहले वो चेहरे बदले जाएंगे जो सरकार और संगठन दोनों का हिस्सा हैं। इसके बाद संगठन उन नेताओं से निजात पाएगा, जो पुराने नेताओं की पैरोकारी पर टिके हुए थे। ऐसे चेहरों को भी संगठन में पदाधिकारी न बनाए जाने की उम्मीद है जो कि लोकसभा चुनाव का टिकट मांगेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, पंकज सिंह, विजय बहादुर पाठक, कांता कर्दम, सलिल विश्नोई, दयाशंकर सिंह, सुरेंद्र नागर, सत्यपाल सिंह सैनी, पद्म सेन चौधरी, नीलम सोनकर, कमलावती सिंह, प्रकाश पाल, संतोष सिंह, देवेंद्र सिंह, चौधरी ब्रज बहादुर, सुनीता दयाल और दिनेश चंद शर्मा अरविंद कुमार शर्मा हैं। कुल 18 उपाध्यक्ष हैं।जिनमें से अरविंद कुमार शर्मा और दयाशंकर सिंह मंत्री बनने की वजह से टीम में नहीं होंगे। जबकि कुछ कुछ उपाध्यक्षों को महामंत्री बनाया जा सकता है। इनमें पंकज सिंह और बृज बहादुर का नाम प्रमुख है।यह माना जा रहा है कि वर्तमान उपाध्यक्ष में केवल 6 उपाध्यक्ष ही अगली बार उपाध्यक्ष रह सकते हैं।महामंत्री जेपीएस राठौर, अश्विनी त्यागी, अमरपाल मौर्य, सुब्रत पाठक, अनूप गुप्ता, प्रियंका सिंह रावत हैं. इनमें से जेपीएस राठौर मंत्री बन गए हैं।

इसलिए उनको महामंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।जबकि सुब्रत पाठक को प्रियंका रावत संसदीय चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में उनकी भी महामंत्री की कुर्सी डगमगा रही है।इतना ही नहीं, बीजेपी युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा समेत अन्य मोर्चों में भी बड़े बदलाव होने हैं।साथ ही बीजेपी के महत्वपूर्ण विभागों में भी अहम परिवर्तन कर नए महामंत्री संगठन और नए प्रदेश अध्यक्ष भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की एक नई टीम का गठन करेंगे। दोनों पुराने नेताओं यानी सुनील बंसल और स्वतंत्र देव सिंह की झलक कम ही दिखेगी।यह बदलाव 15 सितंबर के बाद शुरू होकर 15 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। इसके बाद क्षेत्र और जिला स्तर तक बदलाव हो जाएंगे।