वायनाड में अमेठी को गालियां देते हैं राहुल-स्मृति ईरानी

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वायनाड में अमेठी को गालियां देते हैं राहुल-स्मृति ईरानी
वायनाड में अमेठी को गालियां देते हैं राहुल-स्मृति ईरानी

हिमांशु दुबे

लखनऊ। भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में कहा कि सभी ने नाम बदलते,गांव बदलते सुना है,लेकिन परिवार बदलते किसी ने नहीं सुना। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वायनाड में कहा कि वायनाड उनका परिवार है और वहां के लोग वफादार हैं। इसका मतलब यह हुआ कि 15 साल तक जहां के वह सांसद रहे, उस अमेठी के लोगों के लिए वे कतई वफादार नहीं हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि वायनाड में जाकर अमेठी को गालियां देते हैं। ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इस बार अमेठी का मतदाता तैयार है. गांधी खानदान खासकर राहुल गांधी चाहते थे कि अमेठी में लोग गरीब बने रहें, इसीलिए जब कोई गरीब का बेटा भारत का प्रधान सेवक बनता है उसे ये पचा नहीं पाते। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, गरीबी झेलकर अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के बल पर आप सभी के आशीर्वाद से देश के प्रधान सेवक बने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कांग्रेस या गांधी खानदान पचा नहीं पा रहा है। वायनाड में अमेठी को गालियां देते हैं राहुल-स्मृति ईरानी

उन्होंने कहा, राहुल गांधी के 15 साल बनाम मेरे पांच साल को देखा जाए तो दिखाई पड़ता है कि गांधी खानदान ने किस तरीके से अमेठी की उपेक्षा की। अमेठी में उन्होंने जो 50 साल में नहीं किया, राहुल गांधी ने जो 15 साल में नहीं किया उसे डबल इंजन की सरकार ने पांच साल में करके दिखाया है। श्रीमती ईरानी ने कहा कि, आप सभी ने कभी अमेठी में ऐसा सांसद नहीं देखा होगा, जो गांव में खड़े होकर नालियों की साफ सफाई कराए, लेकिन आप सब ने मुझे बहन माना तो मैंने बहन का फर्ज निभाया। स्मृति ईरानी ने कहा, जब राहुल गांधी को छींक आती थी तो वह इलाज के लिए विदेश भाग कर जाते थे, लेकिन अमेठी के लोगों के लिए एक मेडिकल कॉलेज नहीं बनवाया। अमेठी में मेडिकल कॉलेज तब बना जब केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में श्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी। अमेठी ही नहीं देश में और भी अच्छे काम होंगे जब फिर से एक बार मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। वायनाड में अमेठी को गालियां देते हैं राहुल-स्मृति ईरानी