भारत में आदिकाल से परम्परागत उद्योगों का विशेष महत्व रहा-मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित लाभार्थियोंको टूलकिट एवं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत ऋण वितरित किया । आज प्रदेश में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत 21,000 सेअधिक कारीगरों व हस्तशिल्पियों को टूलकिट वितरित किये जा रहे,‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत लगभग 11,000 कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को 171 करोड़ रु0 का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा।आगामी 06 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्रीके रूप में जनसेवा के 20 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, उनकी जनसेवाआं को उ0प्र0 सरकार द्वारा आज 17 सितम्बर से 07 अक्टूबर, 2021तक विकास उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा।भगवान विश्वकर्मा निर्माण व सृजन के देवता हैं, भारत में आदिकाल से परम्परागत उद्योगों का विशेष महत्व रहा।गांधी के ग्राम स्वराज्य तथा प्रधानमंत्री जी केआत्मनिर्भर भारत अभियान का लक्ष्य सबको स्वावलम्बी बनाना है।प्रधानमंत्री जी ने भारतीय अर्थ व्यवस्था का एक मॉडल दिया है,जो परम्परागत उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को स्वावलम्बी बनाने में मददगार सिद्ध हो रहा है ।


प्रधानमंत्री द्वारा दिए गये वोकल फॉर लोकल मंत्र को अपनाकरही समृद्ध भारत की संकल्पना को साकार किया जा सकता
एम0एस0एम0ई0 विभाग अगले तीन माह में 75,000 हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों को टूलकिट वितरित करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने की योजना बनाए।माटी कला बोर्ड के माध्यम से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों को तकनीक से जोड़ते हुए।उन्हें इलेक्ट्रिक तथा सोलर चाक के साथ ही निःशुल्क मिट्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है।इस वर्ष दीपोत्सव के अवसर पर जनपद अयोध्या में साढ़े सात लाख दीये जलाए जाने का लक्ष्य,इन दीयों का निर्माण जनपद अयोध्या में ही किया जा रहा।प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से हस्तशिल्पियों को सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें स्वावलम्बन तथा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया। ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ ने प्रदेश केहस्तशिल्पियों तथा उद्यमियों को एक नई राह दिखाई।प्रदेश सरकार द्वारा हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण के दौरानप्रत्येक लाभार्थी को 250 रु0 प्रतिदिन मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है,प्रदेश सरकार द्वारा सिलाई, कढ़ाई को बढ़ावा दिया जा रहा है,आने वाले समय में उ0प्र0 देश व दुनिया में रेडीमेड गारमेन्ट का एक बड़ा हब बनेगा।प्रधानमंत्री का मानना है कि परम्परागत उद्यम व कौशल को मंच प्रदान कर ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को टूलकिट तथा प्रतीकात्मक बैंक चेक प्रदान किया । मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा जयन्ती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किया।


 लखनऊ। आज यहां लोक भवन में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टूलकिट एवं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत ऋण वितरित किया। सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से 21,000 लाभार्थियों को टूलकिट तथा 11,000 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत ऋण वितरित किया गया।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज की तिथि दो मायनों में महत्वपूर्ण है। आज भगवान विश्वकर्मा जी की जयन्ती का पावन दिवस है और आज ही दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिन भी है। प्रदेश वासियों की ओर से मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए उनके स्वस्थ व दीर्घ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आगामी 06 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 20 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता से देश को एक नई दिशा प्रदान की है। उनकी जनसेवाआंे को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आज 17 सितम्बर से 07 अक्टूबर, 2021 तक विकास उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण व सृजन के देवता हैं।

भारत में आदिकाल से परम्परागत उद्योगों का विशेष महत्व रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मॉडल दिया है, जो परम्परागत उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को स्वावलम्बी बनाने में मददगार सिद्ध हो रहा है। प्रदेश सरकार ने दिसम्बर, 2018 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लाकर हस्तशिल्पियों को सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें स्वावलम्बन तथा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया। इस योजना ने न केवल अन्य प्रदेशों में पलायन को रोका, बल्कि प्रदेश के पारम्परिक कारीगरों को व्यापक स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। राज्य सरकार द्वारा लागू की गयी ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ ने प्रदेश के हस्तशिल्पियों तथा उद्यमियों को एक नई राह दिखाई है। प्रधानमंत्री जी ने वोकल फॉर लोकल का जो मंत्र दिया, उसे अपनाकर ही समृद्ध भारत की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षाें से पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोविड-19 से जूझ रही है। ऐसी परिस्थितियों मंे देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा था।

‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत लगभग 11,000 कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को 171 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा इस पर सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि एम0एस0एम0ई0 विभाग अगले तीन माह में 75,000 हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों को टूलकिट वितरित करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने की योजना बनाए। हस्तशिल्पियों को प्रदेश सरकार द्वारा प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है।

लॉकडाउन के दौरान 40 लाख से अधिक प्रवासी कामगार तथा श्रमिक प्रदेश में वापस आये। इस दौरान परम्परागत कारीगरों, हस्तशिल्पियों तथा उद्यमियों ने ऐसा तंत्र विकसित किया, जिससे उनके स्वावलम्बन के साथ ही प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत बनाने की संकल्पना को गति मिली है। उन्हांने कहा कि प्रदेश की आबादी 24 करोड़ है। बेरोजगारी दर प्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। वर्ष 2016 मंे प्रदेश में 17 प्रतिशत से अधिक बेरोजगारी दर थी, वहीं आज यह घटकर मात्र 04 से 05 प्रतिशत रह गयी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत 68,400 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। आज प्रदेश मंे 21,000 से अधिक कारीगरों व हस्तशिल्पियों को टूलकिट वितरित किये जा रहे हैं।


प्रदेश सरकार द्वारा माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड के माध्यम से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों को तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें इलेक्ट्रिक तथा सोलर चाक के साथ ही निःशुल्क मिट्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है। इससे उनकी आमदनी में 04 से 05 गुना वृद्धि भी हुई, जिससे उनके जीवन में खुशहाली का आगमन हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब अयोध्या में 51,000 दीये जलाने थे, तब पूरे प्रदेश से इन दीयों की व्यवस्था करनी पड़ी थी। इस वर्ष दीपोत्सव के अवसर पर जनपद अयोध्या में साढ़े सात लाख दीये जलाए जाने का लक्ष्य है। इन दीयों का निर्माण जनपद अयोध्या में ही किया जा रहा है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सिलाई, कढ़ाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश व दुनिया में रेडीमेड गारमेन्ट का एक बड़ा हब बनेगा। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि परम्परागत उद्यम व कौशल को मंच प्रदान कर ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। गांधी जी के ग्राम स्वराज्य तथा प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का लक्ष्य सबको स्वावलम्बी बनाना है। स्वावलम्बी बनने पर ही खुशहाली आएगी। इस वर्ष देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने श्री देवांश दत्त शुक्ला, श्री कुलदीप कश्यप, कु0 मनीषा यादव, सुश्री विजय लक्ष्मी भट्ट, सुश्री वन्दना यादव, सुश्री नगमा, सुश्री प्रिया विश्वकर्मा, सुश्री गीता मौर्या को टूलकिट तथा ऋण राशि के प्रतीकात्मक बैंक चेक प्रदान किये।


मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विश्वकर्मा जयन्ती तथा प्रधानमंत्री जी के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नित नये कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश में आर्थिक दृष्टि से द्वितीय स्थान पर है। प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए आर्थिक मॉडल दिया है। मुख्यमंत्री जी, प्रधानमंत्री जी के विकास कार्याें को पूरी तरह से क्रियान्वित कर रहे हैं, जिससे आज वंचित समाज मुख्यधारा से जुड़ गया है।सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी कार्यशैली से देश में अलग पहचान बनायी है। हुनर भारत की पहचान रही है। मुख्यमंत्री परम्परागत उद्योगों व हस्तशिल्पियां के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे हैं।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई एवं सूचना नवनीत सहगल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पर केन्द्रित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।