September 23, 2021

Nishpaksh Dastak

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प्रदेश में नहीं खुल पाये हैं सरकारी धान क्रय केन्द्र-अजय कुमार लल्लू

उ0प्र0 के धान किसान बेहद परेशान, धान की खरीद हो रही है बहुत कम, नमी के नाम पर धान किसानों का हो रहा है शोषण, ऐसे में नहीं निकल सकती किसानों की लागत, किसान कैसे लगाएगा अगली फसल- प्रियंका गांधी

पूरे प्रदेश सहित बुन्देलखण्ड की बर्बाद फसलों का सरकार कब देगी मुआवजा, उ0प्र0 में कब दूर होगी किसानों की तंगहाली, कब रूकेंगीं किसानों की आत्महत्याएं।

डा0 उमा शंकर पाण्डेय

लखनऊ, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी जी ने ट्वीट कर कहा है कि – उ0प्र0 के धान किसान बेहद परेशान हैं। धान की खरीद बहुत कम हो रही है। जो थोड़ी सी खरीद हो रही है उसमंे रू0 1200 से भी कम रेट मिल रहा है। यही धान कांग्रेस सरकार में रू0 3500 तक बिका था। नमी के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा है। शायद पहली बार ऐसा है कि धान गेहूं से सस्ता बिक रहा है। ऐसे में तो किसान की लागत भी नहीं निकलेगी। किसान अगली फसल कैसे लगाएगा। बिजली बिल में लूट चल ही रही है। मजबूरन किसान कर्ज के जाल में फंसता जाएगा। उ0प्र0 सरकार तुरन्त इसमें हस्तक्षेप कर किसान को सही दाम दिलाए वरना कांग्रेस पार्टी आन्दोलन करेगी।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने योगी सरकार में अभी तक सरकारी धान क्रय केन्द्र न खोले जाने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि अभी तक पूरे प्रदेश में धान क्रय केन्द्रों का न खोला जाना पिछले वर्ष असमय हुए अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से लगातार गहरे संकट में फंसे किसान के साथ सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होने कहा कि धान की फसल खेतों में पककर तैयार हो चुकी है और वह अगली फसल की बोआई की तैयारी में लगा हुआ है ऐसे में क्रय केन्द्रों के न खुलने से वह अपनी उपज को औने-पौने दामों में बिचैलियों के हाथों बेंचने के लिए मजबूर हो रहा है। जो धन क्रय केन्द्र खुले भी हैं उनमें तमाम तरह की कमी बताकर किसानों का शोषण किया जा रहा है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि एक तरफ योगी सरकार किसानों की सबसे बड़ी हितैषी होने का स्वांग करती है वहीं धान क्रय केन्द्रों का अभी तक न खुलना किसानों के साथ क्रूर मजाक है। उन्होने कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के बड़े दावों के बावजूद किसानों को उनकी उपज का लागत देने में भी विफल साबित हो रही है। यह किसानों के साथ बड़ा छलावा है और इससे तंगहाल किसान कर्ज और भुखमरी से बेहाल होकर आत्महत्या जैसे दुःखद कुचक्र में फंस सकते हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विगत दो-तीन वर्षों से लगातार असमय अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से बुन्देलखण्ड सहित पूरे प्रदेश के किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद होती रही हैं। किन्तु उ0प्र0 सरकार ने किसानों की बर्बाद फसलों का आज तक मुआवजा नहीं दिया। आखिर प्रदेश सरकार किसानों को बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा कब देगी? उन्होने कहा कि फसलें बर्बाद होने से उ0प्र0 के सभी जिलों के किसान आर्थिक तंगहाली से घिर गये। ऐसे में सरकार ने उन्हें तत्काल मुआवजा न देकर उन्हें कर्ज के भंवर में फंसा दिया।

बुन्देलखण्ड के बांदा, महोबा, हमीरपुर, झांसी आदि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के तमाम किसानों ने कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली है। उ0प्र0 के मुख्यमंत्री बतायें कि किसानों की आत्महत्याएं कब रूकेंगीं? विगत दो-तीन वर्षों से लगातार पूरे प्रदेश सहित बुन्देलखण्ड के किसानों की बर्बाद हुई फसलों का प्रदेश सरकार मुआवजा कब देगी? इसके साथ ही उन्होने मांग की है कि सरकार तत्काल पूरे प्रदेश में धान क्रय केन्द्रों को स्थापित पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद सुनिश्चित करे।