भाजपा सरकार में लोकतंत्र की हत्या-अखिलेश यादव

राजेन्द्र चौधरी

बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की बढ़ी फीस, बढ़ते अपराधों के विरोध में और किसानों के साथ हो रहे अन्याय और उनकी समस्याओं बाढ़, सूखा, खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता विरोधी दल अखिलेश यादव के नेतृत्व में सदन से वाकआउट किया। सदन से वाकआउट कर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के विधायकों ने अखिलेश यादव के नेतृत्व में इन्हीं मुद्दों को लेकर विधान सभा भवन से राज भवन के सामने से होते हुए विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय तक पैदल मार्च किया।


समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय पहुंच कर अखिलेश यादव ने विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि विधानसभा में समाजवादी पार्टी ने जब-जब जनता के मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था का मामला उठाया, सरकार ने अनसुना किया। आज भी भाजपा सरकार का व्यवहार उपेक्षापूर्ण रहा। प्रदेश में कानून का राज नहीं है। भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आज आम जनता गरीब, किसान, नौजवान की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। भाजपा सरकार ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां साहब के साथ अन्याय और जुल्म की इंतेहा कर दी है।आजम खां साहब का अपमान और उत्पीड़न क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष भावना से नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमें लगा कर प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी वर्गो के साथ अन्याय और शोषण हो रहा है।


सदन से वाकआउट इसलिए किया कि समाजवादी पार्टी और सभी विपक्षी दल मांग करते रहे कि सदन का समय बढ़ाया जाय। समाजवादी पार्टी और अन्य दलों का कहना है कि सदन में समय कम दिया गया है। जनता से जुड़े बहुत सारे मुद्दे हैं, उन पर बहस नहीं हो पायी। सरकार का जवाब संतुष्ट करने वाला नहीं रहा। आज प्रदेश में कुछ जिलों में सूखा है तो कुछ जिलों में बाढ़ आ गयी है। किसानों की फसल सूखा और बाढ़ से बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गयी। इधर लंपी बीमारी से बड़े पैमाने पर गायों की जान गयी है। किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हुआ। कई जिलों में खाद और खेती से जुड़ी वस्तुओं का इंतजाम नहीं हो पाया है।


बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। नौजवानों को नौकरी रोजगार का इंतजार है। इलाहाबाद में फीस वृद्धि के खिलाफ लगातार छात्र नौजवान आंदोलित है। धरने पर बैठे है। सरकार और विश्वविद्यालय ने उनकी फीस चार पांच सौ गुना बढ़ा दी। लोगों की आमदनी नहीं हो रही है। नौकरी, रोजगार नहीं है। बच्चे इतनी फीस कैसे दे पाएंगे। सरकार छात्रों को धमकी दे रही है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार के रवैये के खिलाफ सदन से वाकआउट किया है।


श्री यादव ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों से स्पष्ट है कि यूपी की कानून व्यवस्था सबसे खराब है। महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अपराध यूपी में हो रहा है। महिलाओं के साथ प्रदेश में सबसे ज्यादा उत्पीड़न अन्याय हो रहा है। लखीमपुर और मुरादाबाद में बहन-बेटियों के साथ हुई घटनाओं की कल्पना नहीं की जा सकती। हाथरस की घटना आज तक सबको याद है।
भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी को रोकने और कानून व्यवस्था को ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। सरकार ने इंवेस्टमेंट के सिर्फ सपने दिखाएं हैं। उनके लिए कोई कदम नहीं उठाया है। इतने महीने बीतने के बाद अभी तक जिलों में बजट नहीं पहुंचा। यह सरकार क्या काम कर रही है?श्री यादव ने कहा कि समाजवादियों का भाजपा के अन्याय और अत्याचार के विरूद्ध संघर्ष सदन से सड़क तक जारी रहेगा। जनता भाजपा का हर स्तर पर मुकाबला करने के लिए तैयार है।

अखिलेश यादव के नेतृत्व में विधायकों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां साहब पर सरकार के इशारे पर द्वेष भावना से लगाए जा रहे झूठे और फर्जी मुकदमों को लेकर महामहिम राज्यपाल महोदया से मुलाकात की। अखिलेश यादव के साथ प्रतिनिधिमण्डल में माननीय विधायकगणों में सर्वश्री मनोज कुमार पारस, शाहिद मंजूर, मौहम्मद फहीम इरफान, रविदास मेहरोत्रा, कमाल अख्तर, नवाब जान, हाजी नासिर हुसैन, जियाउर्रहमान, इकबाल महमूद, रामअचल राजभर, दुर्गा प्रसाद यादव सहित शहनवाज खान सदस्य विधान परिषद शामिल रहे।