स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर संकट-अखिलेश यादव

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बुलडोजर की चाबी भाजपा के हाथ-अखिलेश यादव

राजेन्द्र चौधरी

सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने कहा है कि आज से हम सन् 2024 के शुरूआती चुनावी महीनें में प्रवेश कर रहे हैं। ये चुनाव देश के लिए भाग्य निर्णायक सिद्ध होंगे। देश में एकाधिकारी मानसिकता के साथ भाजपा सरकार विपक्षी दलों के विरूद्ध साजिशें और षडयंत्र रचने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। लोकतंत्र में सत्तापक्ष की तरह महत्वपूर्ण भूमिका विपक्ष की भी होती है। लेकिन इन दिनों तो विपक्षी नेताओं को ईडी, सीबीआई और आईटी के माध्यम से अपमानित और प्रताड़ित करने की साजिश चल रही है।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर भी संकट है। मुख्यमंत्रियों तक को जेल भेजा जा रहा है। विपक्षी पार्टियों के खाते सीज किए जा रहे हैं। रोज विपक्षी नेताओं को सम्मन भेजे जा रहे हैं। यह सब विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के लिए किया जा रहा है। इससे दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है।

समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को बाकायदा लिखकर शिकायत की है कि कुछ जिलों में वर्षों से जमे अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में काम करते दिखाई देते हैं। मतदाता सूची से सम्बन्धित शिकायतों को सप्रमाण दिया गया लेकिन उस पर अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई।

चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव कराने की है। उसके कर्तव्य पालन से ही लोकतंत्र जीवित रह सकता है। खुले माहौल में ही विपक्ष जनता के बीच अपनी बात पहुंचा सकता है। आशा है, चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए बेलगाम सरकारी तंत्र को सक्रिय नहीं होने देगा और हमेशा की तरह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए ढाल बनेगा। जब चुनाव में निष्पक्षता होगी तभी चुनाव आयोग की गरिमा और प्रतिष्ठा भी बची और बनी रहेगी।