अब चंदौली की नई पहचान…

149
अब चंदौली की नई पहचान...
अब चंदौली की नई पहचान...

योगी सरकार ने पहले नक्सलवाद पर कसी नकेल,अब उद्योग धंधे से बन रही चंदौली की नई पहचान। जुलाई तक बनकर तैयार हो जाएगी देश की सबसे बड़ी ‘स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मार्केट’। डबल इंजन की सरकार चंदौली में करा रही मछली के आकार का देश की सबसे बड़ी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी का निर्माण। 61.86 करोड़ रुपये की लागत से दस हजार वर्गमीटर में हो रहा तीन मंजिला इमारत का निर्माण। एक छत के नीचे होंगे मछली से संबंधित सभी कारोबार, 1500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मिलेगा रोजगार। फिश रेस्टोरेंट, कॉफ्रेंस हॉल, प्रोसेसिंग यूनिट, सीड्स,फीड्स, चारा, दवाएं, कोल्ड स्टोरेज,म्यूजियम समेत कई तरह की सुविधाएं होंगी। वाराणसी मंडल में करीब 2000 मछली पालक, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से तीन हजार से अधिक परिवार इस व्यवसाय से जुड़े। अब चंदौली की नई पहचान…

ब्यूरो निष्पक्ष दस्तक

चंदौली। कभी नक्सल प्रभावित रहे चंदौली में योगी सरकार ने पहले कानून का राज स्थापित किया, फिर वहां पर्यटन उद्योग से लेकर अन्य उद्योगों का राज स्थापित किया। डबल इंजन की सरकार चंदौली में देश की सबसे बड़ी स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मार्केट का निर्माण करा रही है। 61.87 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर की अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बन रही है। इस मंडी के बनने से पूर्वांचल के मत्स्य पालन करने वालों की आय दोगुनी से भी ज़्यादा होगी। साथ ही 1500 से ज़्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। मछली से सम्बंधित सभी कारोबार एक छत के नीचे होगा। यहां फिश रेस्टोरेंट, प्रशिक्षण के लिए कांफ्रेंस हॉल, प्रोसेसिंग यूनिट समेत कई तरह की सुविधाएं होंगी। स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मार्केट का निर्माण लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जुलाई 2024 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।

देश की सबसे आधुनिक मत्स्य मंडी का तेजी से हो रहा निर्माण

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत चंदौली में भारत की सबसे आधुनिक मत्स्य मंडी के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इस तीन मंजिला इमारत का निर्माण दस हजार वर्गमीटर में हो रहा जिसकी लागत लगभग 61.87 करोड़ है। मछली के आकार की इस बिल्डिंग में मछली पालन के तरीकों, मार्केटिंग, तकनीक, एक्सपोर्ट से लेकर मछली के कई प्रकार के पकवान पकाने और खाने की भी सुविधा होगी। चंदौली के ज़िलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने बताया कि ये देश की पहली अपने तरह की मत्स्य सम्बंधित क़ारोबार की अल्ट्रा मॉडल बिल्डिंग होगी। जिसमें मछली का होलसेल और रिटेल मार्केट होगा। सीड्स,फीड्स, चारा, दवाएं, कोल्ड स्टोरेज, म्यूजियम और अन्य उपकरण सभी चीजें एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। मछली पालन को लेकर दुनिया भर में चल रही नई तकनीक का प्रदर्शन आधुनिक एग्जीबिशन हॉल में किया जाएगा। बिल्डिंग में कॉन्फ्रेंस हाल भी बनेगा, जहां मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण व सेमिनार आदि होगा। बिल्डिंग में फ़िश प्रोसेसिंग यूनिट भी होगी। पीपीपी मॉडल पर तीसरी मंज़िल पर एक एक्सक्लूसिव फिश रेस्टोरेंट होगा। जहाँ फिश के कई प्रकार के व्यंजनों के स्वाद का भी आनंद उठाया जा सकेगा।

दो हजार से अधिक मछली पालक बड़े पैमाने पर कर रहे काम

ज़िलाधिकारी चंदौली ने बताया कि बिल्डिंग सेंट्रली वातानुकूलित होगी। ऊर्जा बचाने के लिए 400 किलोवाट का सोलर पावर भी लगाया जाएगा। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट का विशेष प्रबंध होगा। व्यापारियों और ट्रक ड्राइवरों के लिए गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा। चंदौली के सहायक निदेशक मत्स्य रविंद्र प्रसाद ने बताया कि वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर जौनपुर में अभी करीब 2000 मछली पालक हैं, जो बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 हज़ार से ज्यादा परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं। इस आधुनिक मत्स्य मंडी के बनने से पूरे पूर्वांचल के मत्स्य पालकों व इससे जुड़े लोगों की परिस्थिति व आर्थिक रूप से समृद्धि में बदलाव आएगा। मंडी में 111 से अधिक दुकानें होंगी, जिसमें होलसेल बिल्डिंग में 81 दुकानें और रिटेल बिल्डिंग में 30 दुकानों का निर्माण हो रहा है। इस अल्ट्रा मॉडल बिल्डिंग के बन जाने से पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे। मत्स्य कारोबार के साथ ही किसानों की आर्थिक आय बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे। अब चंदौली की नई पहचान…