आख़िर कब नौकरशाहों पर चलेगा चाबुक

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आख़िर कब नौकरशाहों पर चलेगा चाबुक
आख़िर कब नौकरशाहों पर चलेगा चाबुक

पंकज कुमार

अयोध्या- योगी सरकार मे कर डाला राशन घोटाला, नौकरशाहों पर चलेगा बाबा का चाबुक.मामला जनपद के जिला पूर्ति कार्यालय से जुड़ा है कई बार शिकायतें मिलने के बाद जब हमारे व्युरो ने मामले की जांच की तो चौकाने वाला सच सामने आया. पात्र होते हुए भी जिला पूर्ति कार्यालय के बाबूओं और रंगबाज कर्मचारीयों द्वारा लोगों को बिना वजह दौड़ाया जाता है. कार्यालय के कर्मचारी व अधिकारी अधिकतर नदारद रहते हैं. रहते भी है तो हड्डीयां कपा देने वाली सर्दी मे जब आम आदमी इधर उधर भटकता है तो ये अपने कार्यालय मे हीटर और ब्लोवर के मजे लेते है. जबकि काम जीरो बटे सन्नाटा है और हीटर का बिल सरकार जमा करती है. जब इसकी सूचना समाचार पत्र के मंडल व्युरो चीफ को हुई उन्होंने खुद मामले की पड़ताल का फैसला किया.मंडल व्युरो चीफ जब जिला पूर्ति कार्यालय पहुँचे तब जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार का कार्यालय बंद था. अंदर कर्मचारी ने बताया मैडम छुट्टी पर है नही आई है अगले दिन भी यही हुआ. आसपास के लोगों ने बताया कि यह दलालों का अड्डा है तीसरे दिन जब मंडल व्युरो जिला कार्यालय पहुँचे तब पूर्ति अधिकारी का कार्यालय बंद था. अंदर बरामदा खाली थी अंदर एक लकड़ी की बनी केबिन मे चार कर्मचारी जिसमे 3 पुरुष 1 महिला थी वो हीटर का आनंद प्राप्त कर रहे थे. आख़िर कब नौकरशाहों पर चलेगा चाबुक

उसके उपरांत पहले शहरी क्षेत्र के मोहल्लों के हिसाब से राशन कार्ड पात्रता सूची निकाली गई. उन नामों की जानकारी की गई अलग-अलग क्षेत्र के पत्रकारों ने क्षेत्र के हिसाब से सूची की जाचं की उपरोक्त राशन कार्ड धारक की आय, सदस्यों की संख्या ,आवास और संसाधनों की जानकारी जुटाई गई. जिसमें बड़ी सख्या मे अनियमितता पाई गई.माना जा सकता है कि जब अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी तब लगभग 30% से 50% राशन कॉर्ड धारक अपात्र हो सकते है. जो पूर्ति कार्यालय के कर्मचारीयों और दलालों के माध्यम से राशन कार्ड बनवाकर, गरीबों का हक बर्षो से मार रहे थे. जिसमे कई व्यापारी और मोटी संपत्ति के मालिक है. इसके लिए पूर्ण जिम्मेदारी उपरोक्त कार्यालय उसके अधिकारी बृजेश कुमार की है कि बिना जांच के इतनी बड़ी संख्या मे राम नगरी मे गोरख धंधा कैसे होता रहा. रिपोर्ट को जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय व केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जायेगा. ताकि नौकरशाहों की काली करतूतों का पर्दाफाश हो. इससे उन्हे गुमान ना रहे की वो ही इस देश पर कब्जा करके बैठे है. आख़िर कब नौकरशाहों पर चलेगा चाबुक