कानपुर हिंसा के बाद सौ से अधिक इमारतों को सील करने की होगी कार्यवाही

अजय सिंह

लखनऊ। पिछले दिनों कानपुर में हुई हिंसा की छानबीन में यह बात पूरी तरह से साफ़ हो गयी है कि हिंसा के दौरान चंद्रेश्वर हाते के चारों ओर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग से जमकर पत्थर फेंके गए थे। पुलिस ने ऐसी इमारतों को चिह्नित कर केडीए को रिपोर्ट सौंपी है।

केडीए बिना नक्शा पास हुए बनीं अवैध इमारतों को सील करने की कार्रवाई तेज करेगा। केडीए के वीसी अरविंद सिंह ने इसके निर्देश अफसरों को दिए हैं। विदित हो कि परेड, नई सड़क, बेकनगंज, चमनगंज और यतीमखाना मार्ग पर अवैध इमारतें धड़ल्ले से बन गई हैं। इन इलाकों में 100 से अधिक अवैध इमारतों को सील करने का नोटिस केडीए दे चुका है। हाते के आसपास की लगभग 50 इमारतें सीधे निशाने पर हैं।

चंद्रेश्वर हाते के बगल में नक्शे के विपरीत बनाई गईं ऊंची इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा चुकी है।संयुक्त पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि कई बहुमंजिला इमारतें हैं। हिंसा के दौरान कई इमारतों से पथराव किया गया था। सूचना के मुताबिक पहले के बवालों में भी ये इमारतें उपद्रवियों की मददगार बनी हैं। इसलिए केडीए को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि नई सड़क पर सद्भावना चौकी से मूलगंज चौराहे तक ऐसी 47 इमारतें मिली हैं जो तीन मंजिल से अधिक ऊंची हैं। सद्भावना चौकी से यतीमखाना चौकी तक दो, यतीमखाना चौराहे से बीडी मार्केट होते हुए डिप्टी पड़ाव तक 49, तलाक महल रोड पर 36 बहुमंजिला इमारतें खड़ी हैं। इनकी अधिकतम ऊंचाई सात मंजिल है।