अखिलेश का बड़ा दांव किसान आंदोलन में शहीदों के परिजनों को 25-25 लाख

अखिलेश यादव ने यह वचन दिया है कि किसान आंदोलन में पिछले एक वर्ष में आंदोलनरत रहते हुए जो किसान शहीद हुए हैं उनके परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सम्मान राशि समाजवादी सरकार बनने पर तत्काल प्रदान की जायेगी।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हमेशा किसानों के प्रति संवेदनशील रहे हैं। पिछली समाजवादी सरकार में श्री यादव ने किसान हित में अनेक कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया था। किसानों की उपज का मूल्य बढ़ाने, मुफ्त सिंचाई, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सहित अन्नदाता के लिये सस्ती बिजली दिलाने के लिये ठोस नीतियां समाजवादी सरकार की ही देन है।

मोदी सरकार ने भले ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी हो, मगर आंदोलनरत किसान अब भी धरने पर बैठे है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में जनसभा की। जिसमें बीकेयू प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत समेत तमात किसान नेता पहुंचे थे। राकेश टिकैत ने MSP का मुद्दा जोरों से उठाते हुए कहा कि किसान आंदोलन में ‘शहीद’ हुए 750 किसानों के परिजनों को समुचित मुआवजा, उनकी स्मृति में एक राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने, आन्दोलन के दौरान किसानों और उनके नेताओं पर दर्ज मुकदमों की वापसी तक किसान डटे रहेंगे।

किसानों को लेकर अखिलेश लगातार बीजेपी पर हमले कर रहे हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि अमीरों की भाजपा ने भूमिअधिग्रहण व काले कानूनों से गरीबों-किसानों को ठगना चाहा। कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-कानून वापस ले ही लिए। भाजपा बताए सैकड़ों किसानों की मौत के दोषियों को सजा कब मिलेगी।


अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी किसानों के साथ अन्याय के खिलाफ सदैव खड़ी रहती है। खेत-खलिहान में खुशहाली लाने के लिये श्री अखिलेश यादव पूरी निष्ठा, ईमानदारी से प्रतिबद्ध हैं। किसान आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा -ईमानदारी से कृषि-कानून का विरोध किया। आंदोलनरत समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार ने प्रदेश भर में मुकदमों में फंसाया है। सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने जेल की यातनाएं भी भोगी हैं।