जनता को मूर्ख समझना भाजपा को पड़ेगा भारी-अनिल यादव

जुमलों और झूठे विज्ञापनों का सहारा लेने वालों को जनता करेगी इस बार बेसहारा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केकेसी समाजवादी कैंप कार्यालय पर सपा नेता अनिल यादव ने सहयोगियों के द्वारा किए जा रहे बूथ स्तर के कार्यों की समीक्षा की और कहा कि बूथ स्तर की मजबूती से ही किसी भी चुनाव को जीता जा सकता है।इस मौके पर उन्होंने योगी सरकार पर जमकर तंज कसा और कहा कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश में विकास को लेकर जो ढिंढोरा पीट रही है वह सतप्रतिशत असत्य ही है क्योंकि इनके पास बताने और दिखाने के लिए कुछ नहीं है इनके सारे वादे और विकास कार्य हवा हवाई है।

अनिल यादव ने भाजपा सरकार के विज्ञापनों पर तंज कसते हुए कहा कि योगी सरकार बंगाल में हुए विकास कार्य को अपना बताने से नहीं चूकते, चीन और अमेरिका में भी जो विकास कार्य हुए हैं वह योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बता कर जनता को मूर्ख बनाने का प्रयास कर रही है क्या इससे प्रदेश की जनता फिर से मूर्ख बन जाएगी।ढकोसला और जुमला से चलने वाली सरकार ज्यादा समय तक नहीं रह सकती इससे लोगों को सावधान हो जाना चाहिए।


भाजपा सरकार से संविधान को खतरा महसूस किया जा सकता है क्योंकि यह संविधान को अपने हिसाब से तोड़ मरोड़ करके समय पर्यंत तक सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं इनके द्वारा लाया गया कानून सीसीए एनआरसी से लोगों की नागरिकता 6 साल के लिए भंग हो जाती और यह 6 साल में दो बार अपने मन मुताबिक प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति नियुक्त कर लेते इससे लगातार 10 सालों तक इन्हें सत्ता बगैर चुनाव लड़े मिल जाती और इन 10 सालों में यहां अपने अनुसार देश में नया कानून लागू कर देते साथ ही किसान कानून किसानों की जमीन और हक छीनने का कानून था।

जिससे देश में पूर्णरूपेण पूजी पतियों और भाजपा आरएसएस का कब्जा हो जाता, और फिर वही आजादी की लड़ाई आंदोलन देश के किसानों ने भाजपा सरकार को घुटनों पर ला दिया और उन्हें बता दिया कि आप देश और प्रदेश में अपने मनमर्जी के हिसाब से कानून या फिर बदला नही जा सकता। आगामी विधान सभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा के बहकावे में न आकर समाजवादी पार्टी को जिताते हुये अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री बनाने जा रही है।मौके पर मौजूद लोगों में सुनील सिंह शिवा, राजेन्द्र मिश्रा नीलू, राजेन्द्र सिंह राजा, सुधीर भारती, अविनाश जोशी, अबदुल्ला सिद्दीकी, लाल सुधाकर, अनिल राजपूत, संजय निषाद, सीमा धानुक, अविनाश गुप्ता, अमन गुप्ता सहित कई सहयोगी मौजूद रहे।