सनातन हिन्दू धर्म की परम्परा में मातृ शक्ति

मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर के श्री गोरक्षनाथ मन्दिर परिसर में शारदीय नवरात्रि तथा विजयादशमी के पर्व के अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। यह पर्व सनातन हिन्दू धर्म की परम्परा में मातृ शक्ति के सम्मान से जुड़ा हुआ है। शारदीय नवरात्रि में 09 दिन जगत जननी माँ भगवती के अनुष्ठान के उपरान्त दशमी की तिथि विजयादशमी के रूप में मनायी जाती है। विजयादशमी बताती है कि धर्म, सत्य तथा न्याय पर चलने वालों की सदैव विजय होती है। अधर्म, असत्य और अन्याय कभी भी शाश्वत नहीं हो सकता, कभी भी अन्तिम विजय प्राप्त नहीं कर सकता। प्रदेशवासियों से कोरोना महामारी के दृष्टिगत पर्व एवं त्योहारों को मनाने की अपील की। आयोजक स्वच्छता, सुरक्षा के मानकों को पूर्ण रखें तथा किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरतें।


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर के श्री गोरक्षनाथ मन्दिर परिसर में शारदीय नवरात्रि तथा विजयादशमी के पर्व के अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पर्व सनातन हिन्दू धर्म की परम्परा में मातृ शक्ति के सम्मान से जुड़ा हुआ है। यह पर्व एवं त्योहारों के महत्व को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि बासंतिक नवरात्रि तथा शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सभी सनातन हिन्दू धर्मावलम्बी मातृ शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए इन आयोजनों से जुड़ते हैं।


देवी स्वरूपा कन्या पूजन के कार्यक्रम से जुड़कर उन्हें प्रसन्नता की अनुभूति हुई है। इसे केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर मातृ शक्ति के प्रति सर्वाेच्च सम्मान का भाव व्यक्त करने के लिए आज का दिन अत्यन्त प्रासंगिक है। आज अपराह्न में विजयादशमी पर्व का मुहूर्त प्रारम्भ हो रहा है। बासंतिक नवरात्रि की नवमी तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन जन्म दिन के रूप में सभी धर्मावलम्बी मनाते हैं। शारदीय नवरात्रि में 09 दिन जगत जननी माँ भगवती के अनुष्ठान के उपरान्त दशमी की तिथि विजयादशमी के रूप में मनायी जाती है। यह हमें बताती है कि धर्म, सत्य तथा न्याय पर चलने वालों की सदैव विजय होती है। अधर्म, असत्य और अन्याय कभी भी शाश्वत नहीं हो सकता, कभी भी अन्तिम विजय प्राप्त नहीं कर सकता है। उत्साह, उमंग, धर्म, सत्य और न्याय की विजय का यह पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली लाए। वे सकारात्मक सोच के साथ विकास और निर्माण के कार्यक्रमों से जुड़कर अपना योगदान दें।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कोरोना महामारी के दृष्टिगत पर्व एवं त्योहारों को मनाने की अपील करते हुए कहा कि जहां भी इनसे जुड़े आयोजन हो वहां के मन्दिर प्रबन्धन तथा आयोजक स्वच्छता, सुरक्षा के मानकों को पूर्ण रखें तथा किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरतें। स्वच्छता, सुरक्षा तथा सद्भावना के साथ उत्साह और उमंग से पर्व एवं त्योहारों का आयोजन किया जाए। इससे इनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।