जौनपुर लोकसभा सीट पर राजपूतों का दबदबा

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जौनपुर। जौनपुर लोकसभा सीट का अगर इतिहास देखें इस लोकसभा सीट पर अब तक राजपूतों का दबदबा रहा है। इस सीट पर अब तक 11 बार राजपूतों ने जीत दर्ज की है। वहीं,: चार बार यादव और दो बार ब्राह्मण प्रत्याशी को कामयाबी हासिल हुई है। इसी समीकरण के तहत ही भाजपा ने एक बार फिर से राजपूत बिरादरी के कृपाशंकर सिंह पर दांव लगाया है।कृपाशंकर सिंह कांग्रेसी पृष्ठभूमि के हैं जो मुम्बई कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व महाराष्ट्र सरकार के गृहराज्यमंत्री रहे हैं।वहीं विपक्षी दलों द्वारा भी किसी राजपूत को ही टिकट दिए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जेल जाने के बाद उनका परिवार सपा या बसपा से टिकट का जुगत बिठा रहा है।हालांकि विपक्ष ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं।


जौनपुर लोकसभा सीट पर सर्वाधिक बार जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। कांग्रेस ने इस सीट पर 6 बार जीत दर्ज की है। जबकि बीजेपी को सिर्फ 4 बार ही जीत हासिल हुई है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो बार जीत मिली है। इस सीट से अब तक सबसे अधिक 11 बार राजपूत विजयी रहे हैं। जबकि 4 बार यादव और 2 बार ब्राह्मण उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।

लोकसभा चुनाव 2024 के लिये भाजपा ने अपना पत्ता खोल दिया।उसने महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह को उम्मीदवार बनाया।वही सपा इस सीट पर मंथन में जुटी है।सपा से दर्जनों दावेदार हैं,जिनमें पूर्व मंत्री शैलेन्द्र उर्फ ललई सिंह यादव, विधायक लकी यादव,पूर्व जिला अध्यक्ष लालबहादुर यादव,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव,राजेन्द्र बहादुर यादव,सपा पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद,पूर्व विधायक राजनारायण बिन्द, पंकज मिश्रा,अरूण दूबे आदि प्रबल दावेदार हैं।सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव गैर यादव को प्रत्याशी बनाने का निर्णय ले चुके हैं।ऐसे में मतदाताओं की संख्या की दृष्टिकोण से निषाद को उम्मीदवार बनाए जाने की अधिक सम्भावना है जिसमें लौटनराम निषाद की सबसे मजबूत दवेदारी है।कई सर्वे रिपोर्ट में लौटनराम निषाद को काफी बढ़त मिली है।कारण कि निषाद सपा के पीडीए की मुखरता से आवाज उठाते हैं।आम यादव व मुस्लिम मतदाता लौटनराम निषाद को ही प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं।चार सर्वे में लौटनराम निषाद को 78 से 87 प्रतिशत तक समर्थन मिला है।अब देखना है कि सपा नेतृत्व किस नाम पर अपनी मुहर लगाता है।


उत्तर प्रदेश का जौनपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र भारत की चुनावी राजनीति में अपने महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 2019 के आम चुनावों में, यहा‍ँ बहुत मजेदार चुनावी मुकाबला देखने को मिला था। बीएसपी के प्रत्याशी श्याम सिंह यादव ने पिछले चुनाव में 80,936 मतों के अंतर से जीत दर्ज़ किया। उन्हें 5,21,128 वोट मिले। श्याम सिंह यादव ने भाजपा के उम्मीदवार केपी सिंह को हराया जिन्हें 4,40,192 वोट मिले। जौनपुर की जनसांख्यिकी विविधताओं से भरी है और चुनावी नजरिए से यह उत्तर प्रदेश के लोक सभा क्षेत्रों में रोचक और अहम है। इस निर्वाचन क्षेत्र में विगत 2019 के लोक सभा चुनाव में 55.64% मतदान हुआ था। इस बार यानी कि 2024 में मतदाताओं में खासा उत्साह है और वे लोकतंत्र में वोटों की ताकत दिखाने को और ज़्यादा जागरुक और तैय्यार हैं। इस वर्ष यानी कि 2024 में जौनपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से कृपाशंकर सिंह प्रमुख उम्मीदवार हैं।


जौनपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत जौनपुर,सदर,मल्हनी,मुंगराबादशाहपुर,शाहगंज,बदलापुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। मुंगरा बादशाहपुर व मल्हनी पर सपा,सदर व बदलापुर पर भाजपा व शाहगंज पर भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी का कब्जा है और कुल मतदाताओं की संख्या 18,67,976 है।सदर विधान सभा में मुस्लिम मतदाता के बाद निषाद मतदाता हैं।शाहगंज निषाद बहुल है,वही मल्हनी में यादव के बाद निषादों का प्रभाव है।मुंगरा बादशाहपुर में कुर्मी-पटेल के बाद यादव व निषाद प्रभाव रखती है।वही बदलापुर में ब्राह्मण व निषाद मतदाता विशेष प्रभाव रखते हैं।मौर्य सिर्फ सदर विधानसभा क्षेत्र में अपनी निर्णायक उपस्थिति दिखाते हैं जहाँ इनका वोट 25-30 हजार हैं।


जौनपुर लोकसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या 1.25-1.30 लाख है। जबकि राजपूत 1.10-1.20 लाख और मुस्लिम 2.65 लाख हैं। अनुसूचित जाति के वोटर्स की संख्या भी 2.75 लाख के आसपास है।पिछड़ावर्ग बहुल जौनपुर लोकसभा क्षेत्र में लगभग 2.90 लाख यादव, 2.70-2.80 निषाद, 60-70 हजार कुर्मी-पटेल, 65-70 हजार मौर्य कुशवाहा,40-45 हजार पाल,35-40 हजार प्रजापति,40-45 हजार विश्वकर्मा,70-75 हजार वैश्य, 25-30 हजार नाई,30-32 हजार चौहान, 25-30 हजार राजभर व शेष वारी,चौरसिया,कहार आदि हैं।