आखिर कब बहाल होंगें यह निलंबित जेल अधीक्षक..!

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ईमानदारी पर भारी भ्रष्टाचारी….!
ईमानदारी पर भारी भ्रष्टाचारी….!

आखिर कब बहाल होंगें यह निलंबित जेल अधीक्षक..! मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक ही दिन में हुआ था तीन अधीक्षकों का निलंबन। वर्तमान समय में आधा दर्जन से अधिक जेल अफसर कर्मी हैं निलंबित। आखिर कब बहाल होंगें यह निलंबित जेल अधीक्षक..!

राकेश यादव

लखनऊ। करीब एक साल पहले निलंबित हुए जेल अधीक्षक कब बहाल होंगे। यह सवाल कारागार विभाग के अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वर्तमान समय में विभाग के करीब आधा दर्जन से अधिक अधिकारी निलंबित है। ऐसा लगता है कि शासन में बैठे आला अफसर इन निलंबित अधिकारियों को बहाल करना ही भूल गए। यही वजह है कि चार्जसीट का जवाब देने के बाद भी इनको बहाल नहीं किया गया है।

प्रदेश की चित्रकूट, बरेली और प्रयागराज की नैनी जेल में हुई सनसनीखेज घटनाओं के बाद यह जेल सुर्खियों में रही। चित्रकूट जेल माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की पत्नी निखत की अनाधिकृत मुलाकात से मामले का खुलासा हुआ। बरेली जेल में प्रदेश के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड की साजिश एवम अनाधिकृत मुलाकात के साथ बांदा जेल में अवैध वस्तुओ की बरामदगी, नैनी जेल में माफिया अतीक अहमद (मृतक) की अवैध गतिविधियों से यह जेलें चर्चा में रही।

बगैर सेटिंग गेटिंग के नहीं होती अफसरों की बहाली

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एक साथ निलंबित हुए तीन अधीक्षकों में एक वरिष्ठ अधीक्षक को बहाल कर दिया गया है। बांदा जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम को हाल ही में बहाल का दिया गया है। सूत्रों की माने तो निलंबित वरिष्ठ अधीक्षक की बहाली को लेकर विभाग में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है कि शासन ने निलंबित तो तीनों अधिकारियों को एक साथ किया गया था। एक अधीक्षक को बहाली ने शासन को कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े का दिए हैं। चर्चा है शासन मुख्यालय में सेटिंग गेटिंग कर यह बहाली कराई गई है। उधर इस संबंध में जब डीजी पुलिस/आईजी जेल एसएन साबत से बात की गई तो उन्होंने अविनाश गौतम के बहाल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य निलंबित अधिकारियों को प्रक्रिया पूरी होने के बाद बहाल कर दिया जाएगा।

प्रदेश की जेलों में आए दिन हो रही घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री हरकत में आए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक ही दिन में बांदा जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम, नैनी के शशिकांत सिंह और बरेली के राजीव शुक्ला को निलंबित कर दिया गया। इस कार्यवाही को विभाग में सबसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा गया। इससे पूर्व चित्रकूट जेल अधीक्षक अशोक सागर को निलंबित किया गया था। इसके अलावा चित्रकूट के जेलर संतोष कुमार और बांदा के जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा को भी निलंबित किया गया है। हाल ही में एक जैसी गलती करने वाले दो अधीक्षकों में कानपुर देहात के अधीक्षक राजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया वहीं फतेहगढ़ अधीक्षक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। करीब एक साल पहले निलंबित हुए अधीक्षकों के साथ सात आठ माह पूर्व निलंबित किए गए अधीक्षक एवं जेलरों को अभी तक बहाल नही किया गया है। विभागीय अधिकारियों में चर्चा का इन मामलों में अधिकांश निलंबित अधीक्षक, जेलर ने दी गई चार्जसीट के जवाब तक दे दिए। इसके बावजूद इन्हे अभी तक बहाल नहीं किया गया है। आखिर कब बहाल होंगें यह निलंबित जेल अधीक्षक..!