कर्ज में डूबे हलवाई नें पुत्री समेत स्वयं गोली मारकर की आत्महत्या, दोनों की हुई मौत


फर्रुखाबाद। जिले में कर्ज में डूबे हलवाई नें आखिर वह फैसला किया जिसका किसी को भी अंदाजा नही था। गुरुवार सुबह उसने अपने कमरें में पुत्री की पीठ में गोली मार उसे मौत की नींद सुला दिया उसके बाद अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली । मौके पर पंहुची पुलिस ने तमंचा बरामद कर लिया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो गयी ।

कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव याकूतगंज के मोहल्ला पसार गड्डा निवासी 40 वर्षीय प्रमोद कुमार राजपूत पुत्र बाबूराम राजपूत हलवाई का कार्य करता था। वह पहले गाँव में ही मिठाई की दुकान रखे था। उसके बाद उसने कन्नौज में अपनी मिठाई की दुकान खोली | वह दुकान भी अधिक कर्ज होनें के चलते बीते दो महीने पूर्व बंद कर घर आ गया था। और वह घर पर ही रहता था। पता चला है कि प्रमोद जुआ खेलने आदि का आदी था। जिसमे उनके ऊपर लगभग लाखों रूपये कई लोगों का कर्ज हो गया था। प्रमोद अपने घर में दूसरी मंजिल पर रहता था। गुरुवार को उसने मानसिक तनाव में आनें पर कमरें में पहले अपनी 17 वर्षीय पुत्री मुस्कान के पीठ में तमंचे से गोली मार दी। जिससे उसकी मौत हो गयी। पुत्री को मौत के घाट उतारने के बाद उसने कमरें के गेट के पास खुद के सिर में गोली मार ली । जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी ।

जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी मिथलेश घर में नहा रही थी जब वह कमरें में पंहुची तो उसकी चीख निकल गयी। उसकी पुत्री और पति के शव कमरें में रक्त रंजित पड़े थे। चीख पुकार सुनकर अन्य परिजन एकत्रित हो गये । जिसके बाद उनके शवों को उठाकर नीचे आंगन में रखा गया। मृतक के सबसे छोटे भाई कुलदीप ने बताया कि प्रमोद की पुत्री मुस्कान गाँव के निकट एक विद्यालय में कक्षा 8 की छात्रा थी । लेकिन सुबह उसे प्रमोद नें स्कूल नही जाने दिया । वहीं 7 वर्षीय पुत्र अंश नीचे खेल रहा था वह भी बहन के स्कूल में पढ़ता है।घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप, सीओ सिटी प्रदीप सिंह, प्रभारी निरीक्षक फतेहगढ़ जेपी पाल, याकूतगंज चौकी इंचार्ज प्रशांत कुमार आदि फोर्स के साथ मौके पर पंहुचे और तमंचा कब्जे में ले लिया।

प्रदीप पर धोखाधड़ी के मुकदमें चल रहा था वारंट

थाना मऊदरवाजा में बीते 25 फरवरी 2020 को एक मुकदमा शिवम वर्मा निवासी गाड़ी खाना फतेहगढ़ ने न्यायालय के आदेश पर प्रदीप राजपूत के खिलाफ दर्ज कराया था। जिसमे धोखाधड़ी, गाली-गलौज व जान से मारनें की धाराएं लगी थी । प्रदीप के भाई कुलदीप ने बताया कि इस मुकदमें में भाई के खिलाफ वारंट भी चल रहे थे। जिससे वह जेल जानें के भय से काफी मानसिक रूप से परेशान थे, लेकिन पैसे की व्यवस्था ना होनें से वह जमानत के लिये आवेदन नही कर पा रहे थे।

वाइट :– प्रदीप, मृतक प्रमोद का भाई
वाइट :– अजय प्रताप अपर पुलिस अधीक्षक