महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी सरकार

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महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी सरकार
महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी सरकार

महाकुंभ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी योगी सरकार। महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ क्षेत्र के बाहर भी बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट की शुरुआत। टूरिज्म और यात्री सुविधाओं के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट कार्य प्रगति पर। कुल 384 प्रोजेक्ट्स के लिए 7500 करोड़ रुपए की धनराशि हो चुकी है स्वीकृत। शुरू हो चुके 250 प्रोजेक्ट्स के लिए 1540 करोड़ रुपए की धनराशि की जा चुकी है जारी। महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी सरकार

2025 में होने जा रहे महाकुंभ को योगी सरकार भव्य और दिव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। इस महाआयोजन के लिए करोड़ों भक्तों के प्रयागराज पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 2022 में दोबारा सत्ता संभालते ही प्रयागराज में पर्यटन और यात्री सुविधाओं के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं को पूरी ताकत से आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में सरकार महाकुंभ और महाकुंभ से इतर यहां 384 विकास परियोजनाओं पर 7500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। इसके तहत सरकार अब तक शुरू हो चुके 250 प्रोजेक्ट्स के लिए 2228 करोड़ रुपए जारी भी कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि महाकुंभ से संबंधित 284 प्रोजेक्ट्स के लिए 4462 रुपए से ज्यादा का फंड स्वीकृत किया गया है, जिसके सापेक्ष शुरू हो चुके 170 प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 1540 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं तो वहीं,महाकुंभ से इतर चल रहे 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स के लिए योगी सरकार ने 3057 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की थी, जिसमें शुरू हो चुके 80 प्रोजेक्ट्स के लिए 688 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी हो चुकी है।

14 विभाग महाकुंभ के महाआयोजन को सफल बनाने में जुटे

कुंभ को लेकर कुल 14 विभागों के प्रोजेक्ट कार्य चल रहे हैं। इसमें पर्यटन विभाग के 5 प्रोजेक्ट भी हैं। इनमें 3 की शुरुआत हो चुकी है, जिसके लिए प्रस्तावित 28 करोड़ के बजट के एवज में 8.64 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। इसी तरह इरीगेशन डिपार्टमेंट के सभी 8 प्रोजेक्ट्स के लिए प्रस्तावित 250 करोड़ में से करीब 90 करोड़ रुपए प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए जा चुके हैं। प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के अंतर्गत 42 प्रोजेक्ट्स के लिए 175 करोड़ रुपए,यूपी ब्रिज के 4 प्रोजेक्ट्स के लिए 255 करोड़ रुपए, पीडब्ल्यूडी के 41 प्रोजेक्ट के लिए 320 करोड़ रुपए, हेल्थ एंड वेलफेयर डिपार्टमेंट के 17 प्रोजेक्ट्स के लिए 29 करोड़ रुपए, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के 4 प्रोजेक्ट्स के लिए 13.33 करोड़ रुपए,मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 11 प्रोजेक्ट्स के लिए 31.20 करोड़ रुपए, यूपीपीसीएल के 22 प्रोजेक्ट्स के लिए 196 करोड़ रुपए, प्रयागराज म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 29 प्रोजेक्ट्स हेतु 103 करोड़, यूपी जल निगम के 15 प्रोजेक्ट्स के लिए 86 करोड़, यूपीएसआरटीसी के 7 प्रोजेक्ट्स हेतु करीब 8 करोड़ रुपए और प्रयागराज मेला अथॉरिटी के तहत 7 प्रोजेक्ट्स के लिए 223.53 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। वहीं गंगा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से संबंधित 5 प्रोजेक्ट्स के लिए 107 करोड़ से ज्यादा का फंड स्वीकृत है। अभी डीपीआर की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद धनराशि जारी की जाएगी।

महाकुंभ के अलावा भी व्यापक पैमाने पर चल रहा विकास कार्य

महाकुंभ के अतिरिक्त भी प्रयागराज को पर्यटन और यात्रियों की सुविधाओं के लिए संवारा जा रहा है। इसके अंतर्गत 7 विभागों के प्रोजेक्ट्स संचालित हैं। इसमें टूरिज्स डिपार्टमेंट के कुल 29 प्रोजेक्ट्स के लिए 70 करोड़ से ज्यादा की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और 23 करोड़ से ज्यादा की राशि जारी भी की जा चुकी है। इसी तरह प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के 10 प्रोजेक्ट्स के लिए स्वीकृत 102 करोड़ रुपए में से 20 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। यूपी ब्रिज के अंतर्गत 12 प्रोजेक्ट्स के लिए 620 करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं तो पीडब्ल्यूडी के 18 प्रोजेक्ट्स हेतु 8 करोड़ और प्रयागराज म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 22 प्रोजेक्ट्स के लिए 17 करोड़ रुपए की राशि रिलीज की गई है। इरीगेशन डिपार्टमेंट के 7 प्रोजेक्ट्स के लिए 58 करोड़ और गंगा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के 3 प्रोजेक्ट्स हेतु 496 करोड़ के फंड की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द राशि जारी किए जाने की संभावना है। महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी सरकार