ओमिक्रॉन की भारत में दस्तक

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विदेश से मेरठ आ रहे लोगों पर पैनी नजर रख रहा है. विभाग ने बुधवार से 6 दिनों तक सैंपलिंग का फैसला लिया है. इसके तहत सरकारी, निजी अस्पतालों, यूनिवर्सिटी आदि में सैंपल लिए जाएंगे.मंगलवार को विदेश से यहां आए 63 लोगों समेत कुल 3012 लोगों की जांच की गई, पिछले 12 दिन में 7 लोग दक्षिण अफ्रीका से लौटे हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर है.कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को देखते हुए मेरठ में अलर्ट जारी कर दिया गया है. विदेश से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है. दक्षिण अफ्रीका से लौटने वालों पर खास नजर रखी जा रही है. विदेश से आए 63 लोगो समेत कुल 3012 लोगों की जांच मंगलवार को की गई. पिछले 12 दिनों में मेरठ में विदेश से आए 209 लोगों की जांच की जा चुकी है. दो नए ओमिक्रॉन वार्ड बनाए गए हैं.

कोरोना के नए वैरिएंट का खतरा बढ़ता जा रहा है. ओमिक्रॉन की भारत में भी एंट्री हो चुकी है. नए वैरिएंट से संक्रमण के कर्नाटक में दो मामले मिले हैं. कर्नाटक में 66 और 46 वर्षीय दो शख्स कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं. 

जांच के दौरान अगर कोई यात्री कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी. मेरठ पहुंचे 209 लोगों में आस्ट्रेलिया,बहरीन बांग्लादेश, कनाडा, जर्मनी, जापान, कुवैत, मलेशिया, मालदीव,मॉरिशस, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजी़लैंड, पोलैंड, रूस, सउदी अरब, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका यूएएई, यूके और यूएसए से वापस आए लोग हैं. दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग से आने वाले यात्रियों पर खास ध्यान दिया जा रहा है.कोरोना के नए स्वरूप को देखते हुए तैयारियों को भी पुख्ता किया जा रहा है. सर्विलांस अधिकारी ने कहा कि मेरठ मेडिकल कॉलेज में भी जल्द जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए अलग लैब बनाई जाएगी. अभी तक जिनोम सिक्वेंसिंग के सैंपल लखनऊ,दिल्ली और बेंगलुरु भेजे जाते थे, जिसकी रिपोर्ट 10 से 30 दिन के बीच आती थी. इसका मेरठ समेत आसपास के जिले को लाभ मिलेगा.

भारत में पाए गए ओमिक्रॉन संक्रमितों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जानकारी देते हुए नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा, ओमीक्रॉन वैरियंट को WHO  ने ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में घोषित किया है. ओमिक्रॉन के 29 देश में 373 केस नोट किए गए हैं. हमारे देश में इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ये वैरिएंट पहले वाले वैरिएंट की तुलना में पांच गुना तेजी से संक्रमण फैला सकता है. WHO  के इनपुट्स में 45 से 52  म्यूटेशन नोट किए गए हैं.ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए दोनों लोग साउथ अफ्रीकन हैं. बिजनेस के सिलसिले में बेंगलुरु आये थे. सूत्रों के मुताबिक ये वही दो मामले हैं जिनमें से एक 11 नवम्बर को और दूसरा 20 नवम्बर को बेंगलुरू पहुंचा था.

पंजाब के हेल्थ डिपार्टमेंट ने ओमीक्रॉन को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. पंजाब हेल्थ डिपार्टमेंट ने माना है कि ओमीक्रॉन वैरिएंट में ज्यादा म्यूटेंट होने की वजह से वह डेल्ट वैरिएंट से भी खतरनाक साबित हो सकता है. पंजाब सरकार हालांकि ओमीक्रॉन वैरिएंट को लेकर कड़े कदम उठाने में जुट गई है. राज्य सरकार की ओर से हर दिन कोरोना वायरस के 40 हजार टेस्ट करने का ऑर्डर दिया गया है. ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि दुनिया के कई हिस्सों में ओमीक्रॉन वैरिएंट की वजह से तीसरी लहर का खतरा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा के मुकाबले 5 गुना ज्यादा खतरनाक है और यह बाकी के मुकाबले तेजी से फैल सकता है. देश के चर्चित डॉक्टर और मेदांता अस्पताल के संस्थापक डॉ0 नरेश त्रेहान ने इस वैरिएंट की गंभीरता को लेकर बताया है कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित एक व्यक्ति 18 से 20 लोगों को पॉजिटिव कर सकता है.

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन से एक बार फिर से नई लहर आने का खतरा मंडरा रहा है. पंजाब हेल्थ डिपार्टमेंट ने दावा किया है कि राज्य में अभी तक ओमीक्रॉन वैरिएंट का कोई केस सामने नहीं आया है. पंजाब हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि पंजाब में पाए जा रहे कोविड-19 केसों में अभी डेल्टा वैरिएंट ही मिल रहा है. ओमीक्रॉन को लेकर पंजाब सरकार ने अलर्ट जारी किया है. पटियाला मेडिकल कॉलेज ने कहा है कि पंजाब में डेल्टा के अलावा अभी कोई नया वैरिएंट नहीं मिला है. रिपोर्ट में कहा गया, ”अभी तक डेल्टा वैरिएंट के केस ही मिल रहे हैं. कोई भी नया वैरिएंट सामने नहीं आया है. फिलहाल के लिए घबराने की जरूरत नहीं है.”पटियाला मेडिकल कॉलेज की ओर से हालांकि नए सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं. मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए डॉक्टर रुपिंदर ने कहा, ”हमें अब तक डेल्टा वैरिएंट के केस ही मिले हैं. एक नया बैच टेस्ट किया गया है और दो से तीन दिन में उनकी रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है.”