प्रो0 यादव की पुस्तक ‘राजनीति के उस पार‘ का विमोचन,अखिलेश बोले उस पार सपा सरकार

वरिष्ठ समाजवादी नेता और सांसद प्रो0 रामगोपाल यादव के अमृत महोत्सव पर प्रकाशित ‘राजनीति के उस पार‘ पुस्तक का विमोचन सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने किया। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान गोमतीनगर, लखनऊ में प्रो0 रामगोपाल यादव अमृत महोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने किया।इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने कहा कि आज जो चुनौतियां पेश है उनमें ऐक्य भावना की बहुत जरूरत है। उसी से विकास होता है। उत्तर प्रदेश का बहुत महत्व है। राजनीति में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति के उस पार भी राजनीति है और इस पार समय बता रहा है समाजवादी सरकार है। उन्होंने कहा कि श्री रामगोपाल जी भावुक है। उनमें संवेदना है। समाजवादी लोग भावुक और गरीबों की मदद करने वाले होते है। बाहर से कड़क दिखने वाले चाचा (प्रो0 रामगोपाल) लोगों की मदद करने वाले है। यह पुस्तक समाजवादियों और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र के संचालन में सम्पन्न कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि एवं पूर्व सांसद उदय प्रताप ने प्रो0 साहब को आशीर्वाद दिया। उन्होंने पुस्तक को पठनीय बताया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद अहमद हसन, नेता विरोधी दल विधान सभा श्री राम गोविन्द चौधरी, बिहार के राज्य सभा सांसद मनोज झा, और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने प्रो0 रामगोपाल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चाएं की और उनके शतायु होने की कामना की। पुस्तक के सम्पादक प्रो0 देवी प्रसाद द्विवेदी ने प्रोफेसर साहब को साधक, महापुरुष तथा तपस्वी बताया। प्रो0 रामगोपाल जी ने इस अवसर पर सभी को धन्यवाद दिया।

कवि कुमार विश्वास ने अपने वक्तव्य और गीतों से खूबसूरत समां बांध दिया। उन्होंने समाजवादी परिवार के हिन्दी के प्रति विशेष लगाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस देश की तासीर है कि यहां नफरत का बीज नहीं रह पाता है। इस समय देश में संवाद नहीं हो रहा है। सत्ता के लोगों को सुनाने की जगह सुनने की आदत डालनी चाहिए।यदि किसान की बात पहले सुन लिया होता तो आज सुनने की मजबूरी नहीं होती। उन्होंने कहा संघर्ष से राजपथ पहुंचना है। संघर्ष से ही सृजन होता है। अखिलेश जी के लिए कहा कि आप संघर्ष करते रहिए प्रदेश और देश आपका इंतजार कर रहा है। उन्होंने अपना समसामयिक स्थितियों पर एक गीत भी सुनाया।
 

प्रो0 रामगोपाल यादव की पुस्तक ‘राजनीति के उस पार’ में विचार,संघर्ष और संकल्प की उनकी हीरक यात्रा को दर्शाया गया है। जिसमें रामगोपाल यादव की राजनीति उनके संघर्ष और जीवन को दर्शाया गया है। इस किताब में उनकी जिंदगी पर तमाम विपक्षी दलों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम नेताओं ने अपने विचार लिखे हैं। जो रामगोपाल यादव की राजनीति क्या में स्वीकारिकता है उसे दर्शाता है। बता दें आजादी के 75 साल होने के साथ ही रामगोपाल यादव भी 75 साल अपनी जिंदगी के पूरे कर चुके हैं। इस मौके पर इस पुस्तक का विमोचन किया गया है। जिसमें राजनीति के अलावा अलग-अलग क्षेत्र की जानी मानी शख्सियतों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं।रामगोपाल यादव ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं नेताजी की वजह से ही हूं। हमारे नेता कार्यकर्ताओं और लोगों का जो आशीर्वाद है मैं ऐसाही आप लोगों के लिए करता रहूं। रामगोपाल यादव ने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर अगर हम सब काम करें तो अखिलेश पूर्व नहीं हमारे भावी मुख्यमंत्री होंगे।

समाजवादी संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के ऐसे पढ़े लिखे नेता हैं, जो युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को उनके पद चिन्हों पर चलना चाहिए और आगे बढ़कर देश और समाज की सेवा करनी चाहिए। मुलायम सिंह ने कहा की आने वाले दिनों में बड़ा संघर्ष है। देश में तमाम तरह के संकट है, देश किस रास्ते पर जा रहा है। उसे बचाने के लिए सभी को एक होकर काम करना होगा। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह रामगोपाल के आदर्शों पर चलकर समाजवादी पार्टी को आने वाले समय में मजबूत बनाएं।सपा संरक्षक नेताजी ने कहां की आपसी एकजुटता से ही देश व समाज का विकास होता है। जब-जब चुनौती आई है सभी एकजुट हुए हैं। समाज का हर वर्ग एकजुट होगा तभी विकास संभव हो पाता है। नेता जी ने कहा कि देश में महंगाई और किसानों के मुद्दे के सवाल पर एकजुट हों देश के सवाल को लेकर आगे बढ़े संकल्प लें ताकि अमन-चैन कायम हो। देश से बड़ा कोई नहीं है उन्होंने कहा कि युवा इसी तरह एकजुट रहें तभी कल्याण होगा। उत्तर प्रदेश का बहुत महत्व है उत्तर प्रदेश से ही देश समाज की तस्वीर बदलेगी।

मुलायम सिंह यादव ने कुमार विश्वास को सपा जॉइन करने का दिया ऑफर,वरिष्ठ कवि उदय प्रताप ने कहा कि, “नेता जी अभी कह रहे थे कि अगर ये कहीं नहीं हैं तो समाजवादी पार्टी में क्यों नहीं बुला लेते।” इस पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज गया। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव मंगलवार को सपा नेता रामगोपाल यादव की किताब राजनीति के उस पार के विमोचन कार्यक्रम में मौजूद थे।इस कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कवि कुमार विश्वास और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग मौजूद थे।लेकिन यहीं मुलायम सिंह यादव ने कुमार विश्वास को सपा जॉइन करने का ऑफर दे दिया।दरअसल वरिष्ठ कवि उदय प्रताप ने यह बात कही, उदय प्रताप के कान में यह बात मुलायम ने कही थी।जिसे मंच से ही उन्होंने बता दिया । उन्होंने कहा कि, “नेता जी अभी कह रहे थे कि अगर ये कहीं नहीं हैं तो समाजवादी पार्टी में क्यों नहीं बुला लेते।” इस पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज गया।अखिलेश यादव ने भी इस बात पर ताली बजाई।

अखिलेश यादव ने जहां अपने चाचा रामगोपाल यादव की तारीफ थी वहीं कहा कि इस किताब का नाम राजनीति के उस पार है अगर बात करें कि राजनीत में उस पार क्या है तो यही है कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह किताब समाजवादियों के लिए एक प्रेरणा होगी। समाजवादी ही नहीं युवा पीढ़ी के लिए भी यह प्रेरणादायक बनेगी।

कवि कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में जहां रामगोपाल यादव की तारीफ की वहीं भाजपा को और अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए निशाना भी साधा। उन्होंने किसानों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि आज वह जीत गए और जो जीत रहे थे वह हार गए। कुमार विश्वास ने कहा कि आज की राजनीति में सब संवाद खत्म हो गया है। एक दूसरे को काटने की स्पर्धा लगी हुई है। यह संविधान और लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।कवि कुमार विश्वास ने अपने वक्तव्य और गीतों से खूब सूरत समां बांध दिया। उन्होंने समाजवादी परिवार के हिन्दी के प्रति विशेष लगाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस देश की तासीर है कि यहां नफरत का बीज नहीं रह पाता है। इस समय देश में संवाद नहीं हो रहा है। सत्ता के लोगों को सुनाने की जगह सुनने की आदत डालनी चाहिए। यदि किसान की बात पहले सुन लिया होता तो आज सुनने की मजबूरी नहीं होती। उन्होंने कहा संघर्ष से राजपथ पहुंचना है। संघर्ष से ही सृजन होता है। अखिलेश जी के लिए कहा कि आप संघर्ष करते रहिए प्रदेश और देश आपका इंतजार कर रहा है। उन्होंने अपना समसामयिक स्थितियों पर एक गीत भी सुनाया।कवि कुमार विश्वास ने अपने वक्तव्य और गीतों से खूब सूरत समां बांध दिया। उन्होंने समाजवादी परिवार के हिन्दी के प्रति विशेष लगाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस देश की तासीर है कि यहां नफरत का बीज नहीं रह पाता है। इस समय देश में संवाद नहीं हो रहा है। सत्ता के लोगों को सुनाने की जगह सुनने की आदत डालनी चाहिए। यदि किसान की बात पहले सुन लिया होता तो आज सुनने की मजबूरी नहीं होती। उन्होंने कहा संघर्ष से राजपथ पहुंचना है। संघर्ष से ही सृजन होता है। अखिलेश जी के लिए कहा कि आप संघर्ष करते रहिए प्रदेश और देश आपका इंतजार कर रहा है। उन्होंने अपना समसामयिक स्थितियों पर एक गीत भी सुनाया।

‘राजनीति के उस पार’ का विमोचन आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया। इस मौके पर मंच पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी कवि कुमार विश्वास, काशी विद्यापीठ के पंडित देवप्रसाद द्विवेदी, हेमंत शर्मा अहमद हसन, आरजेडी सांसद मनोज झा भी मंच पर मौजूद रहे। इसके साथ ही आप सांसद संजय सिंह, अतुल अंजान समेत तमाम विपक्ष और समाजवादी पार्टी के नेता इस मौके पर उपस्थित रहे। यह किताब रामगोपाल यादव अमृत महोत्सव समिति द्वारा तैयार की गई जिसमें अलग-अलग दलों और विद्वानों की राय उनके ऊपर दर्शाई गई है। वहीं जाने-माने लेखक और विचारक उदय प्रताप सिंह ने कुमार विश्वास को लेकर कहा कि नेताजी उनसे कह रहे थे कि वह इस समय कहीं नहीं है। उनसे कहो समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लें। इस पर पूरे सभागार में ठहाके और नारे लगने लगे।